Wednesday, March 4

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बजट सत्र 2026: कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर को घेरा, गालियों और हंगामे का आरोप
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बजट सत्र 2026: कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर को घेरा, गालियों और हंगामे का आरोप

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026 में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद स्पीकर ने फैसला आने तक सदन न आने का निर्णय लिया। केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसकर उन्हें गालियां दे रहे थे। रिजिजू ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता सांसदों को उकसा रहे थे। मंत्री ने कहा, “स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई हो सकती थी।” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज करीब 12 बजे सदन में अपनी बात रख सकते हैं। विपक्ष सरकार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर घेर सकता है। भाजपा सांसदों ने विपक्ष...
राहुल गांधी का अपना एजेंडा, सरकार का विरोध जारी
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राहुल गांधी का अपना एजेंडा, सरकार का विरोध जारी

नई दिल्ली। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव की स्थितियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोकसभा और राज्यसभा में अध्यक्ष और सभापति के आसनों की ओर कागज फेंकना, टेबल पर खड़े होकर मिमिक्री करना जैसी घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। ये व्यवहार संसदीय परंपरा के विपरीत हैं और देश की राजनीति के लिए चिंता का विषय बने हैं। सत्ता पक्ष का आरोप है कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान व्यवधान डालने की योजना बनाई थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में न आने का अनुरोध किया था, क्योंकि कुछ अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न होने की आशंका थी। वहीं कांग्रेस का कहना है कि यदि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं मिला तो प्रधानमंत्री को भी बोलने नहीं दिया जाएगा। ऐसा पहली बार नहीं है जब संसद में हंगामा हुआ हो। UPA...
धार्मिक शिक्षण संस्थानों के रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सुनवाई से किया इनकार
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धार्मिक शिक्षण संस्थानों के रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को धार्मिक या धर्मनिरपेक्ष शिक्षा देने वाले सभी शिक्षण संस्थानों के अनिवार्य पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यह विषय न्यायालय से अधिक कार्यपालिका (सरकार) के अधिकार क्षेत्र में आता है और याचिकाकर्ता को पहले प्रशासनिक स्तर पर अपनी मांग रखनी चाहिए। यह मामला अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दाखिल याचिका से जुड़ा था, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि 14 वर्ष से कम बच्चों को शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाए। पीठ ने दी याचिका वापस लेने की अनुमति जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस.सी. शर्मा की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत इस याचिका पर फिलहाल हस्तक्षेप नहीं करेगी। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह स...
भारत का गाजा प्लान: ट्रंप की पहल, पाकिस्तान-तुर्की की चाल और मोदी की इजरायल यात्रा से तय होगी रणनीति
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भारत का गाजा प्लान: ट्रंप की पहल, पाकिस्तान-तुर्की की चाल और मोदी की इजरायल यात्रा से तय होगी रणनीति

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में गाजा संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर 19 फरवरी को वॉशिंगटन में प्रस्तावित ‘गाजा बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली औपचारिक बैठक होने जा रही है। हालांकि, इस अहम बैठक में भारत के शामिल होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। इसके बावजूद, यह साफ है कि आने वाले दिनों में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि गाजा संकट के बीच इजरायल और फिलिस्तीन दोनों के साथ भारत के रिश्ते संतुलन की परीक्षा से गुजर रहे हैं। भारत क्यों नहीं बन रहा बोर्ड ऑफ पीस का हिस्सा? सूत्रों के अनुसार भारत सरकार अभी भी ट्रंप प्रशासन के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। लेकिन बैठक की तारीख नजदीक होने के कारण लगभग तय माना जा रहा है कि भारत फिलहाल इस मंच का हिस्सा नहीं बनेगा। यह मुद्दा हाल ही में दिल्ली में हुई भारत-अरब लीग विदेश मं...
लोकसभा में गतिरोध तेज, बीजेपी की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को लिखा पत्र, विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
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लोकसभा में गतिरोध तेज, बीजेपी की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को लिखा पत्र, विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है। इसी क्रम में अब विपक्षी महिला सांसदों के बाद बीजेपी की महिला सांसदों ने भी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी की महिला सांसदों ने अपने पत्र में 4 फरवरी 2026 को लोकसभा के भीतर हुई घटनाओं का हवाला देते हुए विपक्ष के व्यवहार को “घिनौना” बताते हुए इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने वाला कदम करार दिया है। पत्र में क्या लिखा बीजेपी की महिला सांसदों ने? बीजेपी महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखे पत्र में कहा कि लोकसभा चैंबर के अंदर उन्होंने एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अफसोसनाक घटना देखी। पत्र के अनुसार, विपक्षी सांसद न केवल सदन के वेल में पहुंचे, बल्कि उन्होंने टेबल पर चढ़कर हंगामा किया, कागज फाड़े और उन्हें चेयर की ओर फेंका। महिला सांसदों ने यह भी ...
सोनम वांगचुक की सेहत पर सुप्रीम कोर्ट में बहस, ASG के बयान पर जज ने टोका- “आप ऐसा नहीं कह सकते”
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सोनम वांगचुक की सेहत पर सुप्रीम कोर्ट में बहस, ASG के बयान पर जज ने टोका- “आप ऐसा नहीं कह सकते”

नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के. एम. नटराज ने अदालत को बताया कि वांगचुक की हालत “बिल्कुल ठीक” है और उन्हें हिरासत के दौरान एम्स जोधपुर में बेहतर इलाज मिल रहा है। हालांकि, ASG के इस बयान पर सुप्रीम कोर्ट के जज ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि “आप ऐसा नहीं कह सकते।” हिरासत की समीक्षा पर कोर्ट ने पूछा- क्या कोई प्रगति हुई? सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए अदालत के सुझाव के बाद क्या उनकी हिरासत की समीक्षा को लेकर कोई प्रगति हुई है। जस्टिस अरविंद कुमार ने ASG से स्पष्ट रूप स...
54 हजार करोड़ के साइबर फ्रॉड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- यह लूट और डकैती से कम नहीं
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54 हजार करोड़ के साइबर फ्रॉड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- यह लूट और डकैती से कम नहीं

नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। डिजिटल फ्रॉड के जरिए 54 हजार करोड़ रुपये की ठगी के एक मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने इसे पूरी तरह लूट और डकैती करार दिया। कोर्ट ने कहा कि साइबर ठगी के जरिए गबन की गई यह रकम कई छोटे राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक है, जो बेहद गंभीर चिंता का विषय है। केंद्र सरकार को SOP बनाने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बैंकों और दूरसंचार विभाग (DoT) जैसे सभी संबंधित हितधारकों से विचार-विमर्श कर साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि डिजिटल ठगी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए एक मजबूत और प्रभावी व्यवस्था बनाना अब समय की आवश्यकता बन चुकी है। बैंकों की भूमिका पर उठाए सवाल सुनवाई के द...
विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सबसे ज्यादा शिकायतें रूस से, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
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विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सबसे ज्यादा शिकायतें रूस से, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली। रूस में हाल ही में हुए चाकू हमले में चार भारतीय छात्रों के घायल होने के बाद विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले शोषण व नस्लीय भेदभाव का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के ताजा आंकड़ों ने इस विषय को और गंभीर बना दिया है। आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में भारतीय छात्रों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों में 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें अकेले रूस से सामने आई हैं। 196 देशों से आईं 350 शिकायतें, 200 से ज्यादा रूस से विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में दुनिया के 196 देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने शोषण, उत्पीड़न और नस्लीय भेदभाव से जुड़ी करीब 350 शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें से 200 से अधिक शिकायतें रूस से आईं, जिससे रूस सबसे ज्यादा शिकायतों वाला देश बन गया। आंकड़ों के अनुसार, शिकायतों के मामले में रूस के बाद फ्रांस,...
‘हाईकोर्ट के जज विशेषज्ञ की भूमिका न निभाएं’—सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, जानिए क्या है पूरा मामला
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‘हाईकोर्ट के जज विशेषज्ञ की भूमिका न निभाएं’—सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक अदालतों की भूमिका को लेकर एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि हाईकोर्ट के जजों को विशेषज्ञ (डोमेन एक्सपर्ट) की भूमिका नहीं अपनानी चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि न्यायाधीश अपने मुख्य कर्तव्य से हटकर किसी विषय में “सुपर-एग्जामिनर” बनने लगें, तो यह न्याय व्यवस्था के लिए खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान की। किस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी की? यह टिप्पणी चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जो झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन ने झारखंड हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की थी। दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की भर्ती परीक्षा (Judicial Service Exam) के एक विवा...
लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव संसद में तीन बार आ चुका है, जानिए क्या है पूरी संवैधानिक प्रक्रिया
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लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव संसद में तीन बार आ चुका है, जानिए क्या है पूरी संवैधानिक प्रक्रिया

नई दिल्ली। संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष की ओर से लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लाने की चर्चा तेज हो गई है। लोकतंत्र में लोकसभा स्पीकर का पद निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन यदि स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठते हैं तो संविधान में उन्हें पद से हटाने की एक निर्धारित प्रक्रिया भी मौजूद है। लोकसभा के पूर्व महासचिव पी. डी. टी. आचारी के अनुसार, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं, बल्कि संविधान के तहत “रिजॉल्यूशन टू रिमूव स्पीकर” यानी स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लाया जाता है। संविधान में दर्ज है प्रक्रिया लोकसभा स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 94(e) और लोकसभा के नियमों में स्पष्ट रूप से दर्ज है। इसके तहत लोकसभा का कोई भी सदस्य स्पीकर को हटाने के लिए लिखित नोटिस लोकसभा सचिवालय को दे सकता है। आमतौर पर यह नोटिस दो सांसद मिलकर देते हैं। नोट...