
इस्लामाबाद/ब्रैडफोर्ड/ब्रसेल्स: पाकिस्तान हर साल 5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस मनाकर कश्मीर पर अपने प्रोपेगैंडा को बढ़ाने का प्रयास करता है। इस बार यह दांव पाकिस्तान के लिए ही शर्मिंदगी का सबब बन गया। यूरोप के विभिन्न देशों में बसे कश्मीरियों ने पाकिस्तान की इस दिखावटी एकजुटता को बेनकाब कर दिया और उसे दशकों की हिंसा, दमन और डेमोग्राफिक बदलाव छिपाने के लिए किया गया स्टंट बताया।
ब्रिटेन और ब्रसेल्स में प्रदर्शन
ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के बैनर तले कश्मीरियों ने जोरदार विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए जैसे –
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“कब्जा मंजूरी नहीं”
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“स्टेट टेररिज्म खत्म करो”
उन्होंने कहा कि पिछले 78 वर्षों में पाकिस्तान समर्थित प्रॉक्सी युद्ध और आतंकवाद के चलते 1,00,000 से अधिक कश्मीरियों की जान जा चुकी है। उनका कहना था कि साल भर में दिखाया गया सहानुभूति का नाटक असल दर्द का मजाक उड़ाना है।
ब्रसेल्स में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए। UKPNP की विदेश मामलों की कमेटी ने कहा कि 5 फरवरी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल दिखावे का दिन बन गया है।
कश्मीरियों ने पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा को बेनकाब किया
जम्मू कश्मीर नेशनल इंडिपेंडेंस अलायंस (JKNIA) के चेयरमैन महमूद अहमद ने कहा कि पाकिस्तान की बयानबाजी उन कश्मीरियों का अपमान है जिनकी राष्ट्रीय पहचान और प्राकृतिक संसाधनों को खत्म किया जा रहा है।
UKPNP के सरदार टिक्का खान ताहिर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में कानून के उल्लंघन और अत्याचार को छिपाने के लिए नकली दस्तावेजों के जरिए गैर-स्थानीय लोगों को बसाया जा रहा है।
UKPNP के अध्यक्ष जमील मकसूद ने कहा कि कश्मीरियों को दिखावटी एकजुटता नहीं, बल्कि न्याय, गरिमा और अपने भविष्य का निर्णय करने का अधिकार चाहिए।