
लखनऊ/मुंबई। नेटफ्लिक्स पर आने वाली नीरज पांडे की प्रोड्यूस्ड फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ पुलिस ने फिल्म की टीम के खिलाफ FIR दर्ज की थी। आरोप है कि फिल्म के टाइटल के जरिए एक विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है।
अब फिल्म के मुख्य कलाकार मनोज बाजपेयी ने इंस्टाग्राम स्टोरी में पोस्ट करके इस विवाद पर सफाई दी। उन्होंने लिखा,
“लोगों की भावनाओं का सम्मान करता हूं और उसे गंभीरता से लेता हूं। जब आप किसी चीज़ का हिस्सा हों और उससे किसी का दिल दुखे, तो आपको रुककर सुनना पड़ता है। एक अभिनेता के रूप में मैं उस किरदार और कहानी से आता हूं, जिसे निभा रहा हूं।”
मनोज ने आगे कहा,
“मेरे लिए ये किरदार एक इंसान की कमियों और अपने किए का एहसास दिखाने की जर्नी थी। यह किसी भी समुदाय के बारे में नहीं था। नीरज पांडे के साथ काम करने का मेरा अनुभव बहुत सकारात्मक रहा। फिल्ममेकर्स ने लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए फिल्म के प्रमोशन से विवादित हिस्सों को हटा दिया है। यह दिखाता है कि उनकी गंभीरता और सम्मान कितनी है।”
नीरज पांडे ने भी दी सफाई
फिल्म के निर्माता और निर्देशक नीरज पांडे ने भी FIR के बाद पोस्ट किया कि फिल्म एक फिक्शनल ड्रामा है। उन्होंने कहा कि टाइटल में ‘पंडत’ का इस्तेमाल केवल कैरेक्टर के नाम के लिए किया गया है। कहानी किसी जाति, धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने फैंस से अपील की कि पहले फिल्म देखें और कहानी समझें, किसी छोटे हिस्से पर राय न बनाएं।
‘घूसखोर पंडत’ पर विवाद का कारण
हजरतगंज थाना में FIR दर्ज होने के बाद फिल्म के खिलाफ ब्राह्मण समाज में भारी रोष हुआ। ब्रज के संतों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर फिल्म को बैन करने की मांग की। आरोप है कि ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ के नाम पर ब्राह्मण समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
फिल्म की कास्ट और विवरण
फिल्म रितेश शाह द्वारा निर्देशित है। मनोज बाजपेयी इसमें करप्ट अधिकारी अजय दीक्षित का किरदार निभा रहे हैं। इसके अलावा नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता भी विभिन्न भूमिकाओं में दिखाई देंगे। हालांकि अभी फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान नहीं हुआ है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि फिल्म का नाम बदला जाएगा या नहीं।