
नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कैद अपने भाई रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भावुक अपील की है। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मोदी जी से मेरा अनुरोध है कि कृपया इस सैनिक को वापस लाएं। उन्होंने अपनी पूरी जवानी देश को दी है। अगर उन्होंने कुछ गलत किया होता, तो अब तक औपचारिक मुकदमा शुरू हो गया होता।”
सेलिना जेटली ने कहा कि उनके भाई ने भारतीय सेना की सेवा की है और उन्हें देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए सम्मान मिलना चाहिए। वह कोर्ट-कचहरी से लेकर सोशल मीडिया तक लगातार मदद मांग रही हैं। उनका कहना है कि बिना किसी मुकदमे के देश का सैनिक विदेशी जेल में है, और इस पर कानूनी सहायता में और देरी क्यों हो रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत
इसी हफ्ते दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले में दखल दिया है। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश दिया कि UAE स्थित फर्म “अलमारी एंड पार्टनर्स” को मेजर विक्रांत के केस में मुफ्त कानूनी सहायता देने के लिए अधिकृत किया जाए। कोर्ट का यह निर्देश 18 महीने से अपने भाई की वतन वापसी के लिए प्रयासरत सेलिना के लिए बड़ी राहत है।
सेलिना की भावुक अपील
‘नो एंट्री’ एक्ट्रेस ने कहा, “मेरा भाई एलीट 3 पैरा स्पेशल फोर्सेज में सेवा कर चुका है और वीरता के लिए COAS प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त कर चुका है। वह देश का पूरा समर्थन पाने का हकदार है। यदि कुछ गलत किया होता, तो अब तक औपचारिक मुकदमा शुरू हो गया होता।”
उन्होंने कतर से भारतीय नौसेना अधिकारियों की सुरक्षित वापसी का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में राजनयिक हस्तक्षेप की जरूरत है।
UAE में हिरासत और आरोप
सेलिना के भाई, मेजर (रिटायर्ड) विक्रांत कुमार जेटली, सितंबर 2024 से UAE में हिरासत में हैं। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर मामलों में संलिप्तता यानी जासूसी के आरोप लगे हैं। परिवार ने इसे ‘गैरकानूनी अपहरण’ करार दिया है और भारत सरकार से मदद मांगी है।
कानूनी प्रक्रिया और काउंसलर एक्सेस
सेलिना ने दिल्ली हाई कोर्ट में काउंसलर एक्सेस और कानूनी सहायता की मांग की। अदालत ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह कानूनी सहायता उपलब्ध कराए और भाई-बहन के बीच संचार सुनिश्चित करे। 4 फरवरी 2026 तक सेलिना को कानूनी प्रतिनिधित्व मिला है, और मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी, 2026 को होगी।
सेलिना जेटली की यह गुहार देशवासियों के दिलों को छू रही है और सभी की निगाहें अब MEA और सरकार पर हैं कि अनुभवी सैनिक के लिए उचित राजनयिक और कानूनी समर्थन कैसे सुनिश्चित किया जाए।