
बच्चा न होने पर महिलाएं अक्सर मानसिक और भावनात्मक दबाव झेलती हैं। शादी के बाद जब गर्भधारण नहीं होता, तो न केवल अपनी मेडिकल स्थिति से जूझना पड़ता है, बल्कि परिवार और समाज के तानों का सामना भी करना पड़ता है। ऐसी ही कहानी है शालिनी यादव की, जिनके साथ शादी के कुछ सालों बाद पति की दूसरी शादी की तैयारियां होने लगी थीं।
शालिनी बताती हैं, “शादी के पांच साल बाद तक जब मुझे बच्चा नहीं हुआ, तो ससुराल में पति की दूसरी शादी को लेकर बातें होने लगीं। सबसे दर्दनाक यह था कि मेरे पति ने इस पूरे विषय पर कोई विरोध नहीं किया। बस चुपचाप सब कुछ सुनते रहे।”
शादी में परिवार का विरोध
शालिनी और उनके पति राहुल ने अपनी शादी अपने परिवारों के विरोध के बावजूद की थी। दोनों की जातियां अलग थीं और परिवार इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था। काफी समझाने के बाद शादी तो हुई, लेकिन खुशी के साथ ही दबाव भी बढ़ने लगा।
बच्चे को लेकर लगातार दबाव
शादी के करीब एक साल बाद ही परिवार की तरफ से बच्चे को लेकर सवाल उठने लगे। शालिनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं, इसलिए उन्होंने पति से कहा कि परिवार को फिलहाल शांत रहने के लिए समझाएं। लेकिन समय के साथ, सास और ननद की फुसफुसाहट और ताने बढ़ते चले गए।
आईवीएफ ही बचा विकल्प
दोनों ने डॉक्टर से जांच करवाई, लेकिन रिपोर्ट्स ठीक आने के बावजूद बच्चे की उम्मीदें टूटती रहीं। धीरे-धीरे पता चला कि शालिनी की दोनों फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक हैं और अब मां बनने का एकमात्र विकल्प आईवीएफ ही बचा है।
पति की दूसरी शादी की बातें और निराशा
जब राहुल ने यह स्थिति परिवार को बताई, तो ससुराल में हड़कंप मच गया। लोग कहने लगे कि ‘राहुल बेऔलाद ही रह जाएगा’, और सास ने सुझाव दिया कि ‘दूसरी शादी करनी पड़ेगी’। राहुल खड़े होकर यह सब सुनते रहे, लेकिन एक शब्द भी नहीं कहा। उस पल शालिनी को लगा कि उन्होंने ऐसा शख्स चुना जिसके लिए उन्होंने अपने परिवार से लड़ाई लड़ी थी, लेकिन वह उनका साथ नहीं दे रहा।
खुशखबरी: आईवीएफ में सफलता
कुछ समय बाद राहुल को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने शालिनी को वापस अपने साथ लिया। दोनों ने आईवीएफ कराया और शालिनी अंततः प्रेग्नेंट हो गईं। आज उन्हें अपने जीवन में खुशियों की बारिश महसूस हो रही है।
डिस्क्लेमर: यह कहानी शालिनी यादव की है। नाम बदलकर पेश किया गया है। अगर आप भी अपनी कहानी साझा करना चाहते हैं, तो nbtlifestyle@timesinternet.in पर ईमेल करें। आपकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।