
योग गुरु बाबा रामदेव शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे और एक आश्रम में आयोजित योग शिविर में हिस्सा लिया। उन्होंने योग को जीवन शैली में उतारने की सलाह दी और राम जन्मभूमि के महत्व पर जोर दिया।
बाबा रामदेव ने कहा कि अयोध्या हमारा पवित्र तीर्थ है, जिसे इतिहास में विदेशी आक्रांताओं ने नुकसान पहुंचाया। अब राम मंदिर भव्य रूप में तैयार है और रामलला के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामत्व, कृष्णत्व, हनुमत्व और शिवत्व की प्रतिष्ठा जन-जन में होनी चाहिए, ताकि सनातन धर्म का गौरव जीवन और समाज में प्रतिस्थापित हो।
अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर प्रतिक्रिया:
प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर बाबा रामदेव ने कहा कि तीर्थ स्थलों पर साधु-संतों के बीच विवाद नहीं होना चाहिए। शंकराचार्य को भगवान शंकर का स्वरूप मानते हुए कहा कि साधु को अहंकार त्यागना चाहिए और आपसी कलह से सनातन धर्म का अपयश होता है।
उन्होंने आगे कहा, “हमारे विरोधी अनेक हैं, जो धर्म और सनातन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसी परिस्थितियों में कोई ईसाईकरण या इस्लामीकरण कर रहा है। हमें उनसे लड़ना चाहिए, लेकिन आपस में झगड़ा नहीं करना चाहिए।”
बाबा रामदेव ने प्रयागराज में स्नान और वेदांती जी के जन्मदिवस पर आशीर्वाद लेने के बाद रामलला के दर्शन करने और उनकी भक्ति को जन-जन तक पहुँचाने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि इसी संकल्प के साथ वे अयोध्या आए हैं।