
तेहरान।
ईरान में बीते तीन हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के दौर के बाद हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी और तीखी हो गई है। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सार्वजनिक मंच पर सामने आए और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला।
ईद अल-मबथ के अवसर पर हजारों लोगों को संबोधित करते हुए खामेनेई ने हालिया विरोध प्रदर्शनों को “अमेरिकी साजिश” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका का असली मकसद ईरान को हड़पना और तेहरान को कमजोर करना है। खामेनेई ने कहा कि ट्रंप के उकसावे और दखल की वजह से ही देश में हिंसा फैली, जिसमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ।
खामेनेई ने कहा,
“ईरान में हालिया दंगे एक सुनियोजित अमेरिकी साजिश थे। अमेरिका का उद्देश्य ईरान को निगलना है। तेहरान को खत्म करने के लिए उन्होंने योजनाएं बनाईं और उन पर काम भी किया, लेकिन ईरान की जागरूक जनता ने उनकी साजिशों को नाकाम कर दिया।”
उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों और संपत्ति के नुकसान के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही, शासन का साथ देने और हालात को संभालने में सहयोग के लिए ईरानी जनता का आभार भी जताया।
अयातुल्ला खामेनेई इससे पहले भी अमेरिका को कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। ट्रंप की ओर से ईरान में दखल की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने साफ कहा था कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि अमेरिका की ओर से कोई भी शत्रुतापूर्ण कदम उठाया गया, तो ईरान उसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
गौरतलब है कि ईरान में बीते साल के अंत में महंगाई और मुद्रा की गिरावट के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन जल्द ही सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुले तौर पर दखल देने की बात कही थी, जिस पर ईरानी शासन ने कड़ा ऐतराज जताया और इसके पीछे अमेरिका व इजरायल की भूमिका का आरोप लगाया।
करीब तीन हफ्ते चले विरोध प्रदर्शन अब लगभग थम चुके हैं और बड़े पैमाने पर किसी नए आंदोलन की खबर नहीं है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। ट्रंप और खामेनेई के आक्रामक बयानों से यह साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं।