
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में मुंबई महा नगरपालिक (BMC) चुनाव के नतीजों के बाद उद्धव ठाकरे के करीबी नेता और शिवसेना सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। राउत ने कहा कि मनसे को 6 सीटें मिलीं, वहीं शिवसेना-यूबीटी लगभग 12-13 सीटें बहुत कम अंतर से हार गईं। यदि वे जीत जातीं तो मुंबई की वर्तमान राजनीतिक तस्वीर कुछ और होती।
राउत ने कहा, “आज भाजपा और शिंदे गुट के पास महज चार सीटों का बहुमत है। महानगरपालिका के सदन में विपक्ष सबसे बड़ी ताकत के साथ मौजूद है। हम मुंबई को अडानी की जेब में नहीं डालने देंगे और ठेकेदारों का राज भी नहीं होने देंगे। हमारी पार्टी के 100 से अधिक पार्षद हर मोड़ पर ऐसी कोशिशों को रोकेंगे।”
उन्होंने कुछ पार्टी नेताओं पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा, “हमारी पार्टी में कुछ ‘जयचंद’ थे। यदि वे नहीं होते तो भाजपा की 100 पीढ़ी भी मेयर नहीं बना पाती।”
संजय राउत ने विपक्षी ताकतों की क्षमता का संकेत देते हुए तख्तापलट की धमकी भी दी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उनका दल लोकतंत्र का सम्मान करता है।
गौरतलब है कि इस बार BJP को 89 सीटें मिली हैं, जबकि एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। शिवसेना-यूबीटी के तौर पर उद्धव ठाकरे का यह बीएमसी में पहला चुनाव था। विपक्ष के पास कुल 109 से अधिक पार्षद हैं, जबकि सत्ता पक्ष के पास कुल 118 पार्षद हैं।