
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने केंद्रीय सरकार द्वारा क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से ’10-मिनट डिलीवरी’ ब्रांडिंग हटाने के निर्णय का स्वागत किया है। सांसद ने इसे जरूरी और समय पर उठाया गया कदम बताया, जिससे गिग वर्कर्स पर पड़ने वाले दबाव और जोखिम में कमी आएगी।
राघव चड्ढा ने कहा कि ’10 मिनट डिलीवरी’ का दबाव राइडर्स के लिए वास्तविक, लगातार और खतरनाक था। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल के महीनों में सैकड़ों डिलीवरी पार्टनर्स से बात की, जिनमें से कई कम मेहनताना पाने के बावजूद अवास्तविक डिलीवरी समय पूरा करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे थे। सांसद ने कहा, “हमने मिलकर यह जीत हासिल की है। मैं केंद्र सरकार के निर्णायक और दयालु हस्तक्षेप के लिए आभारी हूं।”
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और जोमैटो के अधिकारियों के साथ बैठक कर गिग वर्कर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त डिलीवरी टाइम लिमिट हटाने की सलाह दी। कंपनियों ने सरकार को आश्वासन दिया कि वे अपने विज्ञापनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ’10 मिनट डिलीवरी’ क्लेम हटा देंगी। ब्लिंकिट ने तत्काल प्रभाव से यह कदम उठाया।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह कदम इंसान की जिंदगी, सुरक्षा और गरिमा के पक्ष में उठाया गया एक मजबूत संदेश है।