
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में चल रही राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप का बुधवार का दिन खेल उपलब्धियों से अधिक गंभीर विवादों के कारण सुर्खियों में रहा। एक ओर जहां स्टार मुक्केबाज निकहत जरीन और मीनाक्षी हुड्डा ने अपने दमदार प्रदर्शन से क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की की, वहीं दूसरी ओर पुरुष वर्ग के मुकाबलों में अनुशासनहीनता, रेफरी के फैसलों और कोचों की घुसपैठ ने खेल की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए।
कंधे पर काटने का आरोप, फिर भी नहीं रोका गया मुकाबला
दिन का सबसे चौंकाने वाला मामला रेलवे स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के मुक्केबाज इष्मीत और ऑल इंडिया पुलिस (AIP) के मोहित के बीच मुकाबले में सामने आया। इष्मीत ने आरोप लगाया कि दूसरे राउंड के दौरान मोहित ने उनके कंधे पर बार-बार दांत से काटा। इष्मीत ने रेफरी को काटने के निशान भी दिखाए, लेकिन इसके बावजूद मुकाबला जारी रखा गया।
रेलवे के कोच ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से डिसक्वालिफिकेशन का मामला था, जिसे रेफरी ने नजरअंदाज कर दिया। अब इस पूरे प्रकरण पर मेडिकल ऑफिसर की रिपोर्ट और तस्वीरों के आधार पर टेक्निकल डेलिगेट अंतिम फैसला लेंगे।
रिंग में घुसे कोच, मुकाबला करना पड़ा स्थगित
एक अन्य बड़ा विवाद बेंटमवेट (55 किग्रा) वर्ग में देखने को मिला, जहां सर्विसेज के पवन बार्टवाल और AIP के ललित आमने-सामने थे। स्कोरिंग को लेकर असंतोष जताते हुए AIP के कोच और सपोर्ट स्टाफ रिंग के भीतर घुस आए, जिससे मुकाबला बाधित हो गया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए पवन बार्टवाल को विजेता घोषित कर दिया, क्योंकि ललित ने टाइम वार्निंग के बावजूद तीसरे राउंड के लिए रिंग में रिपोर्ट नहीं किया था।
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
विवादों के बीच निकहत और मीनाक्षी का दबदबा
इन तमाम विवादों के बावजूद महिला मुक्केबाजों का प्रदर्शन सराहनीय रहा। विश्व चैंपियन निकहत जरीन (51 किग्रा) ने प्री-क्वार्टर फाइनल में लद्दाख की कुलसूमा बानो को महज दो मिनट के भीतर रेफरी-स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट (RSC) के जरिए हराकर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
वहीं, 48 किग्रा वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने झारखंड की अन्नू को सर्वसम्मति से पराजित कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पुरुष वर्ग में भी अमित पंघाल (55 किग्रा) ने चंडीगढ़ के कृष्णपाल को 4-1 के अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लगातार सामने आ रहे इन विवादों ने आयोजन और रेफरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया इन घटनाओं पर क्या सख्त कदम उठाती है, ताकि भविष्य में खेल की मर्यादा बनी रहे।