
मुंबई: उद्योगपति जयदेव श्रॉफ और उनकी पत्नी पूनम भगत श्रॉफ का तलाक आखिरकार 11 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मुंबई के बांद्रा स्थित पारिवारिक न्यायालय ने मंजूर कर दिया। कोर्ट ने पूनम को 1,000 करोड़ रुपये की गुजारा भत्ता याचिका खारिज करते हुए एकमुश्त 10 करोड़ रुपये का स्थायी भत्ता तीन महीने के भीतर देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने पूनम के बांद्रा स्थित वैवाहिक घर में आजीवन निवास और विदेश में संपत्ति उपयोग के दावे भी खारिज कर दिए। विवाह 2004 और 2005 में संपन्न हुआ था और तलाक क्रूरता के आधार पर हुआ।
यह मामला 2015 में परिवार न्यायालय में दायर हुआ था और कई बार सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट तक गया। अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने परिवार न्यायालय को अंतिम रूप से विवाद का निपटारा करने के लिए समय दिया था।
जयदेव और पूनम का यह हाई-प्रोफाइल तलाक मामले ने लंबित तलाक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।