Tuesday, January 6

वेनेजुएला संकटः भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं

 

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नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में हाल ही में बड़ी कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस संकट का भारत में तेल की सप्लाई या पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

विशेषज्ञ बताते हैं कि अमेरिका की पाबंदियों और राजनीतिक घटनाओं के कारण वेनेजुएला का तेल पिछले कई सालों से वैश्विक बाजार से बाहर है। भारत की हाल की क्रूड सप्लाई में इसका योगदान बेहद कम है। 2024 में भारत ने वेनेजुएला से तेल आयात में गिरावट देखी, और पिछले साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच यह और घटकर 21वें स्थान पर आ गया।

 

भारत के लिए अवसर

 

हालांकि, यदि अमेरिका वेनेजुएला में अपने नियंत्रण को बढ़ाता है, तो यह भारत के लिए तेल के नए स्रोत खोजने का अवसर भी बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय भारत की तेल सप्लाई सुरक्षित है, लेकिन वैश्विक बाजारों में भावनात्मक अस्थिरता और उभरते बाजारों की करेंसी पर उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

 

विशेषज्ञों की राय

 

अजय श्रीवास्तव (GTRI): “वेनेजुएला संकट का भारत की आर्थिक स्थिति या तेल सप्लाई पर ज्यादा असर नहीं होगा। भारत पहले भी वहां से तेल खरीदता रहा है, लेकिन अब अमेरिका की पाबंदियों की वजह से आयात कम हो गया है।”

गौरा सेनगुप्ता (IDFC फर्स्ट बैंक): “हालांकि वेनेजुएला का तेल वैश्विक सप्लाई से बाहर है, इसका भावनात्मक असर पड़ सकता है। भारतीय तेल कंपनियों को इससे अपने स्रोतों में विविधता लाने का अवसर मिलेगा।”

प्रशांत वशिष्ठ (ICRA रेटिंग्स): “वेनेजुएला का उत्पादन वैश्विक बाजार में सिर्फ 1% का योगदान देता है, इसलिए शॉर्ट टर्म में तेल की कीमत पर ज्यादा असर नहीं होगा।”

 

वर्तमान बाजार स्थिति

 

कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल गिरावट देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड आज 0.30% की गिरावट के साथ 60.57 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2027 तक ब्रेंट क्रूड की कीमतें 30 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती हैं, जिससे भारत के लिए तेल की खरीद सस्ती हो सकती है।

 

सरकार ने पिछली बार आम चुनाव से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये की कटौती की थी। फिलहाल, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में रिटेल ईंधन महंगाई पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं होगा, लेकिन वैश्विक घटनाओं पर लगातार नजर रखी जाएगी।

 

 

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