
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी में कुख्यात ड्रग तस्कर और नाबालिग शोषण का आरोपी यासीन अहमद उर्फ ‘मछली’ फिर सुर्खियों में है। संगीन अपराधों में जेल की हवा खा रहा यह अपराधी 24 दिसंबर से हमीदिया अस्पताल में वीआईपी ट्रीटमेंट का आनंद ले रहा है, जबकि जेल प्रशासन इसे पूरी तरह स्वस्थ बता रहा है।
जेल अधीक्षक राकेश भांगरे के अनुसार, यासीन को केवल मामूली यूरिन इंफेक्शन था, जिसका इलाज जेल में ही संभव था। बावजूद इसके, परिजनों ने अदालत से छुट्टी का आवेदन किया और कोर्ट के आदेश पर उसे अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में भर्ती के बाद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसकी बीमारी कितनी गंभीर है।
रसूख के पीछे छिपा अपराध
यासीन अहमद कोई सामान्य अपराधी नहीं है। उसकी गिरफ्तारी एक फिल्मी सीन जैसी रही, जब क्राइम ब्रांच ने टीटी नगर में घेराबंदी की और उसने अपनी स्कॉर्पियो से पुलिस की तीन गाड़ियों को रौंदने की कोशिश की। अपराधी की गाड़ी पर ‘विधानसभा’ और ‘प्रेस’ के स्टिकर लगे थे, ताकि नशे के कारोबार को रसूख की आड़ में छुपाया जा सके।
युवाओं की रगों में जहर घोलने का मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया कि यासीन का नेटवर्क शहर के नामी क्लबों और जिम तक फैला था। यह गिरोह युवाओं को फिटनेस के नाम पर एमडी (मैफेड्रोन) परोसता और लड़कियों को मुफ्त ड्रग्स देकर उनका शोषण करता था।
अब यह कुख्यात माफिया अस्पताल के बिस्तर से सिस्टम को चुनौती दे रहा है। सवाल उठता है कि क्या यासीन वास्तव में बीमार है या रसूख के दम पर जेल की सख्ती से बचने का रास्ता निकाल लिया है।