Saturday, January 3

‘गद्दार’ और ‘मानसिक रोगी’ शब्दों से भड़की सियासत, मुजफ्फरनगर में सपा–करणी सेना आमने-सामने

 

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मुजफ्फरनगर | उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को राजनीतिक बयानबाज़ी ने हिंसक रूप ले लिया। समाजवादी पार्टी और करणी सेना भारत के कार्यकर्ताओं के बीच सड़क पर खुली झड़प हुई, जिसमें सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद शहर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करणी सेना भारत के प्रदेश सचिव गौरव चौहान अपने समर्थकों के साथ सपा कार्यालय पहुंचे और देखते ही देखते विवाद हिंसा में बदल गया। आरोप है कि जिया चौधरी को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। जवाब में सपा कार्यकर्ताओं ने भी पलटवार किया, जिससे दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई हुई।

 

कैंडल मार्च की तैयारी के दौरान हुआ हमला

 

घटना उस समय हुई जब सपा जिलाध्यक्ष बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और कनाडा में दो भारतीय छात्रों की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान करणी सेना के कार्यकर्ता सपा कार्यालय के बाहर पहुंचे और विवाद शुरू हो गया।

 

पुलिस के सामने भी जारी रही नोकझोंक

 

सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में भी दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक होती रही। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने करणी सेना के प्रदेश सचिव गौरव चौहान को हिरासत में ले लिया।

 

बयान से भड़का पूरा विवाद

 

इस हिंसक झड़प की जड़ दो दिन पहले दिया गया एक राजनीतिक बयान बताया जा रहा है। आईपीएल में एक बांग्लादेशी क्रिकेटर की खरीद को लेकर भाजपा नेता संगीत सोम द्वारा अभिनेता शाहरुख खान पर की गई टिप्पणी के विरोध में सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया था।

जिया चौधरी ने संगीत सोम को “2022 का चुनाव हारा हुआ मानसिक रोगी” बताते हुए आरोप लगाया था कि वे सुर्खियों में बने रहने के लिए समाज को बांटने वाले बयान देते हैं।

 

माफी की मांग, दी गई थी धमकी

 

जिया चौधरी के बयान से नाराज़ करणी सेना के प्रदेश सचिव गौरव चौहान ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि माफी नहीं मांगी गई तो जहां मिलेगा वहीं सबक सिखाया जाएगा।

 

गिरफ्तारी के बाद थाने पर प्रदर्शन

 

गौरव चौहान की हिरासत की खबर फैलते ही करणी सेना और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाना सिविल लाइन पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने सपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई की बात कही है।

 

सपा का पलटवार, आरोप खारिज

 

सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे गौरव चौहान को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते। उन्होंने कहा कि सपा केवल बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा रही थी, लेकिन इस मुद्दे को जानबूझकर राजनीतिक और सांप्रदायिक रंग दिया गया।

 

सवाल कायम, प्रशासन चुप

 

घटना के बाद शहर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। वहीं, इस पूरे मामले पर अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सवाल यह है कि क्या बयानबाज़ी पर लगाम लगेगी या सियासत यूं ही सड़कों पर हिंसा का रूप लेती रहेगी।

 

 

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