Friday, January 2

‘मां से कहा—सोने जा रहा हूं’, सुबह नहीं उठा: राजस्थान में 10 दिन में हार्ट अटैक से 5 मौतें, दहशत में लोग

 

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जयपुर।

देश में हार्ट अटैक से अचानक हो रही मौतों के बढ़ते मामलों ने चिंता गहरा दी है। राजस्थान में बीते महज 10 दिनों के भीतर हार्ट अटैक से हुई पांच मौतों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इनमें युवा, किशोर, जनप्रतिनिधि से जुड़े लोग और वरिष्ठ अधिकारी तक शामिल हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर साइलेंट हार्ट अटैक की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

 

अमेरिका में युवक की मौत, मां से आखिरी बात—‘सोने जा रहा हूं’

 

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के बहरोड़ क्षेत्र निवासी 24 वर्षीय विपिन चौधरी की अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, 29 दिसंबर की रात विपिन ने वीडियो कॉल पर मां से बात की और कहा कि उसे नींद आ रही है, वह सोने जा रहा है। लेकिन अगली सुबह वह कभी नहीं उठा। साथ रहने वाले दोस्त उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

 

अमेरिका भेजने के लिए बेची थी पुश्तैनी जमीन

 

विपिन जून 2024 में रोजगार के लिए अमेरिका गया था। इसके लिए उसने करीब डेढ़ बीघा पुश्तैनी जमीन बेचकर 30 से 40 लाख रुपये खर्च किए थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह कुछ वर्षों में मेहनत कर लौटेगा, लेकिन अचानक आई इस मौत ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया। परिजन शव को भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे हैं।

 

झुंझुनूं में पदयात्रा के दौरान गिर पड़े जनप्रतिनिधि के पति

 

31 दिसंबर को झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र में पूर्व पार्षद के पति मनोज महमिया की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे शाकंभरी धाम की 88 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर थे और पूरी तरह स्वस्थ दिख रहे थे। रास्ते में कुछ देर आराम करने बैठे और अचानक गिर पड़े। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

बूंदी में 14 साल की छात्रा की साइलेंट हार्ट अटैक से मौत

 

30 दिसंबर को बूंदी जिले में 14 वर्षीय छात्रा की नहाते समय साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। बच्ची बाथरूम में बेसुध होकर गिर पड़ी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं थी, जिससे हार्ट अटैक की आशंका जताई गई।

 

बीकानेर में डॉक्टर और रिटायर्ड कर्मी की भी अचानक मौत

 

26 दिसंबर को बीकानेर में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता की सीने में दर्द उठने के बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे एक दिन पहले तक पूरी तरह स्वस्थ थे।

वहीं, 22 दिसंबर को बीकानेर के नोखा में मां को मुखाग्नि देते समय रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी सुभाष चंद्र को हार्ट अटैक आ गया और श्मशान में ही उनकी मौत हो गई। एक दिन पहले मां का और अगले दिन बेटे का अंतिम संस्कार हुआ।

 

कोविड के बाद बढ़े मामले, कारणों पर बहस

 

राजस्थान में बीते कुछ महीनों से बच्चों, युवाओं और मध्यम आयु वर्ग में हार्ट अटैक से मौत के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है। लोग इसे कोविड के बाद बदली जीवनशैली और वैक्सीन से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि अब तक इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है।

डॉक्टरों के अनुसार, तनाव, अनियमित जीवनशैली, खराब खानपान, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों का अभाव इसकी बड़ी वजह हो सकते हैं।

 

सवाल वही—जवाब अभी नहीं

 

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने समाज में डर और चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हार्ट अटैक के मामले इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं? जब तक इसका स्पष्ट उत्तर नहीं मिलता, तब तक ये घटनाएं एक चेतावनी हैं—सेहत को नजरअंदाज करना अब जानलेवा साबित हो सकता है।

 

 

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