Saturday, January 31

तमनार हिंसा: भीड़ ने लेडी कॉन्स्टेबल की वर्दी फाड़ी, खेत में घसीटा; वीडियो वायरल

 

This slideshow requires JavaScript.

 

रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।

रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में कोयला खदान के विरोध के दौरान भड़की हिंसा ने मानवता और कानून व्यवस्था दोनों को शर्मसार कर दिया। 27 दिसंबर को हुई इस घटना का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें उग्र भीड़ एक लेडी कॉन्स्टेबल के साथ अमानवीय व्यवहार करती नजर आ रही है। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ दी और उसे खेतों में घसीटते हुए अपमानित किया। वीडियो में वह अपनी आबरू बचाने के लिए रोते हुए भीड़ से रहम की गुहार लगाती दिख रही है।

 

“भाई छोड़ दो, अब नहीं करूंगी” — गिड़गिड़ाती रही महिला आरक्षक

 

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लेडी कॉन्स्टेबल हाथ जोड़कर भीड़ से विनती कर रही है— “भाई छोड़ दो, अब नहीं करूंगी”। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी उसे डराते रहे। एक व्यक्ति चप्पल और झाड़ू दिखाते हुए कहता सुनाई देता है कि “किससे मारूं?”। यह दृश्य न केवल पुलिस बल की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा की भयावह तस्वीर भी पेश करता है।

 

कोल ब्लॉक सुरक्षा में तैनात थी महिला कॉन्स्टेबल

 

जानकारी के अनुसार, महिला कॉन्स्टेबल जेपीएल कोयला खदान की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान वह उग्र भीड़ के हत्थे चढ़ गई। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उसे अर्धनग्न कर खेतों में दौड़ाया, गिराया और घसीटा।

 

कोयला खदान के विरोध में उग्र हुआ आंदोलन

 

जेपीएल कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन दोपहर तक आसपास के गांवों से और लोग पहुंचने लगे, जिससे भीड़ की संख्या करीब 1000 हो गई।

 

दोपहर में बेकाबू हुई भीड़, पुलिस पर हमला

 

दोपहर करीब ढाई बजे हालात पूरी तरह बिगड़ गए। उग्र भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस पर पत्थर व डंडों से हमला कर दिया। तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के साथ महिलाओं द्वारा मारपीट की गई। कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

सरकारी वाहनों और प्लांट में आगजनी

 

भीड़ ने पुलिस बस, जीप और एम्बुलेंस में आग लगा दी। इसके बाद उपद्रवी जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट की ओर बढ़े, जहां कन्वेयर बेल्ट, दो ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। प्लांट कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई।

 

कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल

 

इस पूरी घटना ने राज्य में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई इस बर्बरता ने न केवल प्रशासन, बल्कि समाज को भी आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है। प्रशासन ने मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 

Leave a Reply