उस्मान हादी की हत्या: सियासी साजिश, कट्टरपंथ और बांग्लादेश की जलती सड़कों की कहानी
भारत विरोधी कट्टरपंथी नेता और ढाका-8 सीट से उम्मीदवार शरीफ उस्मान हादी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने बांग्लादेश को सियासी और सामाजिक अराजकता की आग में झोंक दिया है। राजधानी ढाका से लेकर देश के कई हिस्सों तक दंगे, आगजनी और हिंसा की घटनाएं आम हो गई हैं। हैरानी की बात यह है कि हत्या के कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही पुलिस जांच किसी ठोस नतीजे तक पहुंच पाई है।
चुनावी माहौल के बीच यह सवाल सबसे अहम बन गया है—इस हत्या से असल फायदा किसे हुआ?
अवामी लीग और BNP नहीं, कट्टरपंथी गुट फायदे में
राजनीतिक विश्लेषकों का साफ कहना है कि इस हत्याकांड से न तो शेख हसीना की अवामी लीग को कोई लाभ है और न ही खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को। उलटे, इस पूरे घटनाक्रम से फायदा उठाने वाले वे कट्टरपंथी संगठन हैं, जो लंबे समय से बांग्लादेश में अस्थिरता फैलाने क...










