Tuesday, March 3

Bihar

जलेबी के लिए खूनी जंग! मुखिया ने कमरे में छिपकर बचाई जान, गाड़ियां चकनाचूर
Bihar, State

जलेबी के लिए खूनी जंग! मुखिया ने कमरे में छिपकर बचाई जान, गाड़ियां चकनाचूर

जहानाबाद: गणतंत्र दिवस का उत्सव गोनवां पंचायत में तब भयावह संघर्ष में बदल गया, जब जलेबी कम पड़ने को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। बच्चों के हंगामे से शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते लाठी-डंडों के खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान मुखिया अमरनाथ सिंह को अपनी जान बचाने के लिए कमरे में छिपना पड़ा, जबकि उपद्रवियों ने उनकी गाड़ियों के शीशे चकनाचूर कर दिए। जलेबी के लिए भड़का बवाल26 जनवरी को पंचायत सरकार भवन में शांतिपूर्ण झंडोत्तोलन कार्यक्रम के बाद जलेबी वितरण के दौरान विवाद शुरू हुआ। बताया गया है कि जलेबियां कम पड़ गई थीं, जिससे बच्चों ने शोर मचाया। मुखिया के समर्थकों और ग्रामीणों के बीच हुई तीखी नोकझोंक जल्दी ही हिंसक संघर्ष में बदल गई। दोनों ओर से लाठियां चलीं और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मुखिया की जान पर बन आई संकटजैसे ही हिंसा बढ़ी, मुखिया अमरनाथ सिंह अपने समर्थकों के साथ भवन के भीतर एक...
तेजस्वी यादव, मीरा कुमार और शत्रुघ्न सिन्हा की सुरक्षा में कटौती, गिरिराज और नितिन नवीन का बढ़ा कद
Bihar, State

तेजस्वी यादव, मीरा कुमार और शत्रुघ्न सिन्हा की सुरक्षा में कटौती, गिरिराज और नितिन नवीन का बढ़ा कद

बिहार सरकार के गृह विभाग ने राज्य के प्रमुख नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक पुनर्मूल्यांकन किया है। 16 जनवरी, 2026 को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद जारी आदेश के अनुसार कई नेताओं की सुरक्षा श्रेणियों में बड़े बदलाव किए गए हैं। इनमें कुछ नेताओं की सुरक्षा घटाई गई है, तो कुछ को और सशक्त सुरक्षा दी गई है। तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौतीनेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा जेड (Z) श्रेणी से घटाकर वाई प्लस (Y+) कर दी गई है। हालांकि विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि उन्हें एस्कॉर्ट वाहन की सुविधा जारी रहेगी। गिरिराज सिंह और नितिन नवीन का बढ़ा कदकेंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए उन्हें वाई प्लस (Y+) श्रेणी के साथ विशेष एस्कॉर्ट गाड़ी प्रदान की गई है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन को अब जेड (Z) लेवल की सुरक्षा और बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा मिलेगी। इसी प्र...
बिहार में कल मौसम का अलर्ट 25 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और कोहरे की चेतावनी
Bihar, State

बिहार में कल मौसम का अलर्ट 25 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और कोहरे की चेतावनी

पटना, आशुतोष कुमार पांडेय: मौसम विभाग ने बिहार में 28 जनवरी को बारिश और तेज हवाओं के साथ कोहरे का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ठंडक बनी रहेगी। इसके साथ ही अगले कुछ दिनों में छिटपुट बारिश, तेज हवाएं और कोहरे का प्रकोप रहने की संभावना है। बारिश और हवाओं की चेतावनीमौसम विभाग के अनुसार, 28 जनवरी को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार में गरज के साथ बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। दक्षिण-पश्चिमी बिहार के बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद और अरवल में भी बारिश होने का अनुमान है। कोहरा और दृश्यता पर असर29 और 30 जनवरी को उत्तर और उत्तर-पश्चिम बिहार के साथ-साथ कुछ दक्ष...
यूजीसी के नए नियम पर गुरु रहमान ने जताया समर्थन, PM मोदी को कहा धन्यवाद; छात्र नेता बोले विरोधी
Bihar, State

यूजीसी के नए नियम पर गुरु रहमान ने जताया समर्थन, PM मोदी को कहा धन्यवाद; छात्र नेता बोले विरोधी

पटना, सुधेंद्र प्रताप सिंह: यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में सवर्ण वर्ग के छात्र संगठन सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन पटना के चर्चित शिक्षक गुरु रहमान ने नए नियमों का खुले दिल से समर्थन किया है और इसे ‘ऐतिहासिक फैसला’ बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “समानता तभी आएगी जब मन में भय हो, तभी कोई किसी के खिलाफ गलत नहीं बोलेगा।” गुरु रहमान ने अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें विश्वविद्यालय में भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मैं खुद सवर्ण हूं, लेकिन UGC Equality Act का जोरदार समर्थन करता हूं। यह नियम समाज में वास्तविक समानता स्थापित करने की दिशा में एक कदम है।” छात्र नेताओं का विरोधदूसरी ओर छात्र नेता सौरभ कुमार ने यूजीसी के नए नियमों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बिल टकराव पैदा करेगा और पहले स...
कौन हैं IPS भानु प्रताप सिंह? बिहार पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने वाले तेज-तर्रार अफसर की पूरी कहानी
Bihar, State

कौन हैं IPS भानु प्रताप सिंह? बिहार पुलिस भर्ती फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने वाले तेज-तर्रार अफसर की पूरी कहानी

पटना:बिहार पुलिस भर्ती के नाम पर भोले-भाले युवाओं से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पटना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस सनसनीखेज खुलासे की अगुवाई नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) पटना आईपीएस भानु प्रताप सिंह ने की। उनकी सख्त रणनीति और तेज कार्रवाई के चलते दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और एक बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुल गईं। इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर आईपीएस भानु प्रताप सिंह चर्चा के केंद्र में हैं। आइए जानते हैं, कौन हैं यह जांबाज़ अफसर। उत्तर प्रदेश से बिहार तक का प्रेरक सफर आईपीएस भानु प्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं। अपने कर्तव्यनिष्ठ और न्यायप्रिय स्वभाव के कारण उनकी तुलना अक्सर फिल्म ‘सूर्यवंशम’ के भानु प्रताप से की जाती है। बिहार कैडर के सबसे तेज-तर्रार और कर्मठ अधिकारियों में उनकी गिनती होती है। शैक्षणिक उपलब्धियों में भी अव्वल भानु प्रताप सिंह ...
पाकिस्तान तक गूंजेगा दरभंगा राज का नाम: राजेश्वर और कपिलेश्वर सिंह संभालेंगे 108 मंदिरों के पुनरुद्धार की कमान
Bihar, State

पाकिस्तान तक गूंजेगा दरभंगा राज का नाम: राजेश्वर और कपिलेश्वर सिंह संभालेंगे 108 मंदिरों के पुनरुद्धार की कमान

दरभंगा। मिथिलांचल की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत हो गई है। दरभंगा राज परिवार की संपत्तियों से जुड़े 47 वर्षों पुराने विवाद के निपटारे और महारानी अधिरानी कामसुंदरी साहिबा के निधन के बाद, कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास ट्रस्ट की कमान अब युवराज राजेश्वर सिंह और कपिलेश्वर सिंह के हाथों में आ गई है। दोनों युवराजों ने ट्रस्ट के अधीन भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में स्थित कुल 108 मंदिरों के पुनरुद्धार का संकल्प लिया है। सितंबर 2025 में दरभंगा सिविल कोर्ट द्वारा दोनों भाइयों को वैध ट्रस्टी घोषित किए जाने के बाद, 12 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से उन्होंने ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभाली। पदभार ग्रहण करने के उपरांत युवराजों ने दरभंगा स्थित मां श्यामा, मां तारा और कंकाली माता के दरबार में पूजा-अर्चना कर अपनी योजना की शुरुआत की। सरहदों के पार फैली दरभंगा ...
समृद्धि यात्रा में मधुबनी को 391 करोड़ की सौगात, 7 बड़ी योजनाओं से बदलेगी जिले की तस्वीर: नीतीश कुमार
Bihar, Politics, State

समृद्धि यात्रा में मधुबनी को 391 करोड़ की सौगात, 7 बड़ी योजनाओं से बदलेगी जिले की तस्वीर: नीतीश कुमार

मधुबनी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण के तहत मधुबनी जिले को 391 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य फोकस उन अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर है, जिनका शिलान्यास पूर्व में किया गया था, ताकि जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुबनी के कायाकल्प के लिए जिन योजनाओं की परिकल्पना की गई थी, उन्हें अब समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसी क्रम में जिले के लिए सात प्रमुख विकास योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जो भविष्य में मधुबनी की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन संभावनाओं को नई दिशा देंगी। मधुबनी को मिले सात बड़े विकास तोहफे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिन सात योजनाओं की घोषणा की, उनमें शामिल हैं— कमला नदी में पुरानी कमला को पुनः जोड़े जाने की परियोजना मिथि...
“हो गया-हो गया भाई…”: समृद्धि यात्रा के दौरान पत्रकारों को रोकते दिखे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुरक्षा गार्ड
Bihar, State

“हो गया-हो गया भाई…”: समृद्धि यात्रा के दौरान पत्रकारों को रोकते दिखे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुरक्षा गार्ड

मधुबनी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत मंगलवार, 27 जनवरी को मधुबनी जिले से हुई। यात्रा के पहले ही दिन उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मुख्यमंत्री के सुरक्षा गार्डों ने कवरेज कर रहे पत्रकारों को रोक दिया। इस घटना को लेकर मीडिया कर्मियों में नाराज़गी भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे। जिले में पहुंचने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन किया और वहां मौजूद लाभार्थियों व कर्मियों से सीधे संवाद कर योजनाओं की प्रगति का फीडबैक लिया। इसके बाद वे पंचायत भवन पहुंचे, जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के...
UGC विवाद और बिहार में SC/ST सुरक्षा कानून क्या सामान्य वर्ग को खतरा?
Bihar, State

UGC विवाद और बिहार में SC/ST सुरक्षा कानून क्या सामान्य वर्ग को खतरा?

पटना: देश में यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की नई गाइडलाइन और बिहार के 34 जिलों को 'अत्याचार प्रवण क्षेत्र' (Atrocity Prone Areas) घोषित करने के फैसले ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। आलोचकों का आरोप है कि ये नियम संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के विपरीत हैं और सामान्य वर्ग के हितों को प्रभावित कर रहे हैं। बिहार में स्थिति विशेष रूप से चर्चा में है। राज्य के 38 जिलों में से 34 को अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) के अत्याचार के जोखिम वाले क्षेत्र घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय और कानूनी प्रावधान ऐसे लागू किए गए हैं कि सामान्य वर्ग के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। संवेदनशील जिलों की सूची सरकारी रिपोर्ट के अनुसार इन 34 जिलों में पटना, नालंदा, रोहतास, भभुआ (कैमूर), भोजपुर (आरा), बक्सर, गया, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, सारण (छपरा), सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरप...
NEET छात्रा केस: पिता और भाई का DNA क्यों लिया गया? पप्पू यादव भड़के, पटना पुलिस पर साधा निशाना
Bihar, State

NEET छात्रा केस: पिता और भाई का DNA क्यों लिया गया? पप्पू यादव भड़के, पटना पुलिस पर साधा निशाना

पटना: पटना में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और पेचीदा हो गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसे 'आत्महत्या' माना गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की आशंका सामने आने के बाद मामले की दिशा पलट गई। जांच कर रही SIT ने अब तक 6 संदिग्धों के DNA सैंपल लिए हैं। ये वे लोग हैं जिन्हें घटना वाले दिन हॉस्टल के आसपास CCTV फुटेज में देखा गया था। फॉरेंसिक जांच में छात्रा के शरीर पर वीर्य के अंश (Semen traces) मिलने के बाद, इन नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजा गया है। पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए मुख्य आरोपी की पहचान की जा सकेगी। पिता और भाई के DNA सैंपल पर विवाद:इस मामले में नया मोड़ तब आया जब जांच टीम ने मृतका के पिता, भाई और मामा के भी DNA सैंपल लिए। इस कार्रवाई पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कड़ी आपत्ति जताई। उन...