Tuesday, March 3

Bihar

नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा LIVE दरभंगा को मिल रहा 138 करोड़ की योजनाओं का तोहफा
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नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा LIVE दरभंगा को मिल रहा 138 करोड़ की योजनाओं का तोहफा

दरभंगा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दूसरे चरण के तहत आज मिथिलांचल के केंद्र दरभंगा में मौजूद हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री जिले को 138 करोड़ रुपये से अधिक की 90 विकास योजनाओं की सौगात देंगे। यात्रा का उद्देश्य जिले में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेना और नई परियोजनाओं को गति देना है। मुख्यमंत्री 105 करोड़ की 50 योजनाओं का शिलान्यास और 33 करोड़ की 40 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। दिल्ली मोड़ स्थित हाई-टेक बस स्टैंड से लेकर निर्माणाधीन एयरपोर्ट टर्मिनल तक, मुख्यमंत्री स्वयं विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा की समीक्षा करेंगे। 11 प्रमुख योजनाओं का मॉडल प्रदर्शन दिल्ली मोड़ पर 88.78 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बस पड़ाव का मुख्यमंत्री निरीक्षण करेंगे। परिसर में 11 प्रमुख विकास योजनाओं के मॉडलों की प्रदर्शनी भी आयोजित है, जिनका अवलोकन कर नीतीश कुमार प्रगति यात...
इंदिरा की सत्ता हिलाने वाले बिहार से अब राहुल के खिलाफ शंखनाद! खानदानी कांग्रेसी ने बताया डरपोक
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इंदिरा की सत्ता हिलाने वाले बिहार से अब राहुल के खिलाफ शंखनाद! खानदानी कांग्रेसी ने बताया डरपोक

पटना: इतिहास गवाह है कि बिहार से उठी विरोध की चिंगारी अक्सर दिल्ली की सत्ता हिला देती है। इंदिरा गांधी के बाद अब राहुल गांधी के खिलाफ बिहार से ही मोर्चा खुला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और खानदानी कांग्रेसी डॉ. शकील अहमद ने पार्टी छोड़कर राहुल गांधी को 'डरपोक' और 'अक्षम' करार दिया है। उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर हलचल और सियासी बहस तेज कर दी है। खानदानी कांग्रेसी ने उठाए सवालडॉ. शकील अहमद की तीन पीढ़ियों ने कांग्रेस सेवा की है। उनके दादा अहमद गफूर 1937 में विधायक बने, पिता शकूर अहमद 1952-1977 तक पांच बार विधायक रहे और शकील अहमद खुद 1985 के बाद पांच बार विधायक और केंद्रीय मंत्री रहे। लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और अब राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि राहुल गांधी चुनावी मुद्दों की गंभीर समझ नहीं रखते। बिहार में उन्होंने व...
बिहार: विधायक बनने के लिए जमीन बिकी, सतीश प्रसाद सिंह को उनके धैर्य ने बनाया पहला ओबीसी मुख्यमंत्री
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बिहार: विधायक बनने के लिए जमीन बिकी, सतीश प्रसाद सिंह को उनके धैर्य ने बनाया पहला ओबीसी मुख्यमंत्री

पटना: बिहार की राजनीति में 28 जनवरी 1968 ऐतिहासिक दिन बन गया। इस दिन सतीश प्रसाद सिंह बिहार के पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के मुख्यमंत्री बने। हालांकि यह कार्यकाल केवल पाँच दिन का था, लेकिन उनके धैर्य और राजनीतिक कौशल ने उन्हें इतिहास में अमर कर दिया। सतीश प्रसाद सिंह का राजनीतिक सफरमुंगेर जिले के कुरचक्का गांव से आने वाले सतीश प्रसाद सिंह जमींदार परिवार से थे। राजनीति में उनकी रुचि पढ़ाई के दौरान ही जाग गई थी। उनका चुनावी सफर चुनौतियों भरा रहा। 1962: स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर पहला चुनाव हार गए। 1964: उपचुनाव में फिर हार, यहां तक कि चुनाव जीतने के लिए जमीन भी बिक गई। 1967: तीसरी बार संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े और पहली बार जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें बिहार की राजनीति में नई पहचान दिलाई और उनके संकल्प को साबित किया। 1967 का राजनीतिक उथल...
बिहार में 28 जनवरी की वो तारीख जब पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सामना किया अविश्वास प्रस्ताव
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बिहार में 28 जनवरी की वो तारीख जब पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सामना किया अविश्वास प्रस्ताव

पटना: बिहार की राजनीति में 28 जनवरी ऐतिहासिक तारीख के रूप में दर्ज है। 1968 में इसी दिन महामाया प्रसाद सिन्हा की गैर-कांग्रेसी सरकार अविश्वास प्रस्ताव के कारण गिर गई थी। प्रतिभा और देशभक्ति के धनी सिन्हा ने ICS की परीक्षा पास करने के बावजूद देश सेवा चुनी और गांधी जी के आंदोलन से जुड़कर जननायक बने। मुख्यमंत्री बनने का शानदार सफर1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से दूर। संसोपा ने 68 सीटें जीतकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। महामाया प्रसाद सिन्हा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में केबी सहाय को पटना पश्चिम से हराकर राजनीतिक तहलका मचा दिया। इसके बाद उन्हें राजा कामाख्या नारायण सिंह के जनक्रांति दल में शामिल होने का आमंत्रण मिला, और परिणामस्वरूप 13 निर्दलीय विधायक उनके साथ आए। महामाया प्रसाद सिन्हा को मुख्यमंत्री बनाकर बड़े जनादेश का सम्मान किया गया, जबकि कर्पूरी ठ...
बिहार: खाली पड़े ATM, पैसे के लिए भटकते रहे लोग! एक दिन की हड़ताल से 65 हजार करोड़ का कारोबार ठप
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बिहार: खाली पड़े ATM, पैसे के लिए भटकते रहे लोग! एक दिन की हड़ताल से 65 हजार करोड़ का कारोबार ठप

पटना: बिहार सहित देशभर में बैंक कर्मचारियों की एक दिन की हड़ताल ने बैंकिंग सिस्टम को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर सरकारी, ग्रामीण और सहकारी बैंक बंद रहे, जिससे अकेले बिहार में लगभग 65 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन ठप हो गया। चेक क्लियरेंस और नकद लेनदेन प्रभावितहड़ताल के कारण सरकारी बैंकों में नकद जमा-निकासी, ड्राफ्ट निर्माण और चेक क्लियरेंस पूरी तरह बंद रही। व्यापारियों और आम जनता को भुगतान और लेनदेन में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। कई इलाके के ATM खाली हो गए, और लोग निजी बैंकों के ATM की तलाश में भटकते नजर आए। बैंक कर्मचारियों की मांग: फाइव डे वर्किंगहड़ताल की मुख्य वजह 'फाइव डे बैंकिंग' यानी प्रत्येक शनिवार को अवकाश की मांग है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि पहले IBA ने लिखित सहमति दी थी, लेकिन केंद्...
‘नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं’, बिहार के कांग्रेस सांसद ने उठाया दलित भेदभाव का मुद्दा
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‘नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं’, बिहार के कांग्रेस सांसद ने उठाया दलित भेदभाव का मुद्दा

सासाराम/दिल्ली: बिहार के सासाराम से कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अधिकांश मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर रोक अभी भी जारी है और इसे जल्द ठीक करने की आवश्यकता है। दलित भेदभाव पर सवाल:मनोज कुमार ने कहा, "बीकेटीसी गैर-हिंदुओं के अधिकारों की बात कर रही है, लेकिन मैं दलित समाज से आता हूं। आज भी कई मंदिरों में दलितों का प्रवेश प्रतिबंधित है। अगर कोई दलित मंदिर में जाता है तो उसे धोया जाता है। हम हिंदू हैं, तो हमारे साथ यह भेदभाव क्यों?" उन्होंने स्पष्ट किया कि मुसलमान मस्जिद जाएंगे, ईसाई गिरजाघर, सिख गुरुद्वारा, लेकिन दलितों के साथ भेदभाव क्यों। 'नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी'सांसद ने कहा, "नाम के लिए सब हिंदू या सनातनी कहलाते हैं, लेकिन व्यवहार में भेदभाव अभी भी जारी है। हम तो हिंदू हैं, तो हमारे साथ...
आज दरभंगा में नीतीश की ‘समृद्धि यात्रा’, 90 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, एयरपोर्ट का भी बदलेगा हुलिया
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आज दरभंगा में नीतीश की ‘समृद्धि यात्रा’, 90 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, एयरपोर्ट का भी बदलेगा हुलिया

दरभंगा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दूसरे चरण में आज दरभंगा पहुंचे हैं। इस अवसर पर वे जिले को 138 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री दरभंगा हवाई अड्डे के निर्माणाधीन टर्मिनल, अंतरराज्यीय बस पड़ाव और आमस-दरभंगा पथ जैसी प्रमुख परियोजनाओं का भी निरीक्षण करेंगे। 90 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यासनीतीश कुमार जिले में कुल 50 योजनाओं का शिलान्यास (105 करोड़ रुपये) और 40 योजनाओं का उद्घाटन (33 करोड़ रुपये) करेंगे। यह यात्रा जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा और नई परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से की जा रही है। अंतरराज्यीय बस पड़ाव का जायजामुख्यमंत्री दिल्ली मोड़ पर 88.78 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आधुनिक अंतरराज्यीय बस पड़ाव का निरीक्षण करेंगे। यह परियोजना दिसंबर 2027 तक पूरी होने की संभावना है। इसी दौरान वे प्रगति यात्रा ...
UGC विवाद: नीतीश की पार्टी का स्टैंड साफ, सवाल सुनते ही नित्यानंद राय ने लगाई जयकारे
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UGC विवाद: नीतीश की पार्टी का स्टैंड साफ, सवाल सुनते ही नित्यानंद राय ने लगाई जयकारे

पटना/हाजीपुर: UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए रेगुलेशन 2026 को लेकर बिहार सहित देशभर में सियासी हलचल मची हुई है। अपर जातियों की नाराजगी और विरोध के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी JDU ने अपना रुख स्पष्ट किया है। जेडीयू का स्टैंड:पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, "लोकतंत्र में किसी भी तबके की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है और न्यायपालिका का निर्णय सर्वोपरि होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 'न्याय के साथ विकास' का आदर्श हैं।" केंद्रीय शिक्षा मंत्री का भरोसा:केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया कि किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और नियमों का दुरुपयोग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि UGC नियम संविधान के दायरे में रहकर लागू होंगे और किसी को उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़ेगा। नित्यानंद राय का अनोखा रुख:हाजीपुर के कौनहारा घाट पर आ...
NEET छात्रा मौत मामला: पीड़ित परिवार से मिले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, बोले- अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे
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NEET छात्रा मौत मामला: पीड़ित परिवार से मिले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, बोले- अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे

जहानाबाद: बिहार में नीट छात्रा की दुखद मौत ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। विपक्ष लगातार प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है, वहीं एनडीए सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। इस बीच, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जहानाबाद पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिया। डिप्टी सीएम का भरोसा:पीड़ित परिवार से बातचीत के दौरान विजय सिन्हा ने कहा, "सुशासन में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। हर पहलू की गहन और निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी।" उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लिखा कि जहानाबाद में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई दुखद मृत्यु के मामले में पीड़ित परिवार से भेंट कर उन्हें सरकार की ओर से पूर्ण न्याय का भरोसा दिलाया। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट कहा कि मामले में जिम्मेदार कोई भी व्यक्ति कितना भी रसूखदा...
बिहार: ‘बहन की अंतिम इच्छा नहीं हुई पूरी, बीच नदी में फेंक दिया शव’ — BPSC टीचर मौत मामले में सनसनीखेज खुलासा
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बिहार: ‘बहन की अंतिम इच्छा नहीं हुई पूरी, बीच नदी में फेंक दिया शव’ — BPSC टीचर मौत मामले में सनसनीखेज खुलासा

वैशाली: बिहार के वैशाली जिले में BPSC शिक्षिका प्रिया भारती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। 26 जनवरी को प्रिया का शव किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला। साथ ही पुलिस को कथित सुसाइड नोट भी मिला, लेकिन परिजनों ने इसे सुसाइड करार देने से इनकार कर दिया और इसे दहेज हत्या करार दिया है। परिवार का आरोप:मां इंद्रकला भारती ने कहा, "वो कभी आत्महत्या नहीं कर सकती थी। मेरी बेटी बहुत मजबूत और स्वतंत्र थी। उसे मार डाला गया और शव को फांसी के बहाने लटका दिया गया।" परिजनों ने आरोप लगाया कि नोट पर किए गए हस्ताक्षर प्रिया के नहीं हैं और यह हत्या को आत्महत्या का रूप देने की सोची-समझी साजिश है। सुसाइड नोट की गहराई:कथित सुसाइड नोट में प्रिया ने अपने माता-पिता से माफी मांगी और अपने पार्थिव शरीर को ससुराल न ले जाने की अंतिम इच्छा जताई। सबसे दिल दहला देने वाला हिस्सा यह है कि...