जनकपुर से कनेक्शन और मुगलिया शासन: समस्तीपुर जिले का ऐतिहासिक सफर
समस्तीपुर। हर शहर की अपनी एक कहानी होती है और समस्तीपुर भी इससे अछूता नहीं है। समय के साथ शहर का स्वरूप बदलता गया और कभी-कभी शहर का नाम भी। समस्तीपुर का प्राचीन नाम सरैसा था। कुछ मान्यताओं के अनुसार इसे प्राचीन समय में सोमवती कहा जाता था, जो धीरे-धीरे बदलकर सोमवस्तीपुर, समवस्तीपुर और अंततः समस्तीपुर बन गया।
इतिहास गवाह है कि समस्तीपुर मिथिला के राजा जनक के शासनकाल में उनके नियंत्रण में था। विदेह साम्राज्य के अंत के बाद यह लिच्छवी गणराज्य का हिस्सा बना। इसके बाद यह क्षेत्र मौर्य, शुंग, कण्व और गुप्त साम्राज्यों के अधीन रहा। चीनी यात्रिक ह्वेनसांग के विवरणों के अनुसार यह हर्षवर्धन के साम्राज्य के अंतर्गत भी था।
13वीं सदी में पश्चिम बंगाल के मुसलमान शासक हाजी शम्सुद्दीन इलियास के समय मिथिला और तिरहुत का बंटवारा हुआ। उत्तर में सुगौना क्षेत्र ओईनवार राजाओं के नियंत्रण में था, जबकि दक्षिणी और ...









