Thursday, February 26

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चिराग पासवान ने कहा: मेरी मां राज्यसभा कैंडिडेट नहीं हैं, NDA की पांचवीं सीट की लड़ाई अब खींचतान का केंद्र
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चिराग पासवान ने कहा: मेरी मां राज्यसभा कैंडिडेट नहीं हैं, NDA की पांचवीं सीट की लड़ाई अब खींचतान का केंद्र

पटना: बिहार में मार्च 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गलियारे गर्म हैं। बिहार की पांचवीं राज्यसभा सीट को लेकर सियासी समीकरण लगातार बदल रहे हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने साफ कर दिया कि उनकी मां रीना पासवान राज्यसभा चुनाव की कैंडिडेट नहीं होंगी। चिराग ने पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी मां सक्रिय राजनीति में हिस्सा नहीं लेंगी और राज्यसभा में कोई दावेदारी नहीं बनाएंगी। हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि उनकी पार्टी से कोई अन्य उम्मीदवार नहीं होगा। राज्यसभा की पांचवीं सीट पर क्या चल रहा है? बिहार में राज्यसभा के लिए दो-दो सीटें भाजपा और जदयू के खाते में तय हैं। पांचवीं सीट को लेकर लोजपा (रामविलास) और अन्य छोटे दलों के बीच गणित और गठबंधन को लेकर जद्दोजहद जारी है। लोजपा (आर) के पास कुल 19 विधायक हैं और एनड...
तेजस्वी यादव का हमला: ‘चुनाव में बिहार आएंगे, बदनाम कर चले जाएंगे’, मोदी-नीतीश सरकार पर निशाना
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तेजस्वी यादव का हमला: ‘चुनाव में बिहार आएंगे, बदनाम कर चले जाएंगे’, मोदी-नीतीश सरकार पर निशाना

पटना: बिहार में हाल के दिनों में महिलाओं और मासूम बच्चियों के साथ घटित अपराधों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पर राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार पर तीखा हमला बोला है। रेप की 14 घटनाओं की सूची जारी तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर हाल की रेप घटनाओं की 14 मामलों की सूची जारी की और केंद्र व राज्य सरकार पर जवाब मांगा। उन्होंने लिखा कि:"मोदी-नीतीश सरकार के कर कमलों से निर्मित कथित रामराज्य में प्रतिदिन ऐसी ऐसी वीभत्स घटनाएं हो रही हैं कि मीडिया को भी बताने में मशक्कत करनी पड़ रही है। 1.5 साल की मासूम बच्ची से लेकर 11 साल की सैकड़ों बच्चियों के साथ बलात्कार हुए हैं।" पीएम मोदी के बिहार दौरे पर तीखा तंज तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी के आगामी बिहार दौरों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा:"मोदी जी अब चुनावों में आएंग...
राजाओं की पसंद से विदेशी थालियों तक: किसानों के लिए मुनाफे का सौदा बना ‘मगही पान’
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राजाओं की पसंद से विदेशी थालियों तक: किसानों के लिए मुनाफे का सौदा बना ‘मगही पान’

औरंगाबाद (बिहार): बिहार का मगही पान अब केवल राज्य तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विदेशी थालियों तक अपनी खास खुशबू और स्वाद के कारण पहुंच चुका है। राजाओं-महाराजाओं और नवाबों की महफिलों से लेकर आम घरों के पूजा-पाठ और त्योहारों तक इसकी जगह रही है। बिहार सरकार की पान विकास योजना और किसानों की मेहनत ने इसे किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया है। मगही पान की खासियत और इतिहास इसका नामकरण मगध क्षेत्र के आधार पर हुआ। मुख्य रूप से मगध प्रमंडल में इसकी खेती होती है। बिहार के लगभग 27 जिलों में इसकी खेती प्रचलित है, जिनमें औरंगाबाद, गया, नालंदा, मधुबनी, वैशाली, मुंगेर, भागलपुर, अररिया, पूर्णिया और जमुई प्रमुख हैं। औरंगाबाद जिला इसका मुख्य केंद्र है, विशेष रूप से देव, मदनपुर और रफीगंज प्रखंड। किसानों के लिए क्यों लाभकारी पान की खेती नकदी फसल है, जिससे कम जगह म...
बिहार में फिर सियासी बहस तेज: क्या शराबबंदी हटेगी?
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बिहार में फिर सियासी बहस तेज: क्या शराबबंदी हटेगी?

पटना: बिहार में शराबबंदी को लेकर राजनीतिक घमासान फिर से जोर पकड़ता दिख रहा है। इस बार चर्चा में तीव्रता इसलिए है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोगी दल ही इस बंदी को हटाने या समीक्षा करने की मांग कर रहे हैं। सामाजिक सुधार बनाम आर्थिक दबाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि शराबबंदी का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सुधार और महिलाओं की सुरक्षा है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, शराबबंदी के कारण घरेलू हिंसा और पारिवारिक झगड़ों में लगभग 12 से 18 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। नीतीश कुमार का दावा है कि शराबबंदी से गरीबों और महिलाओं के जीवन में सुधार हुआ है, जबकि राजस्व का नुकसान एक छोटा मूल्य है। सहयोगी दलों का विरोध हालांकि, एनडीए के तीन सहयोगी दल इस बंदी के विरोध में हैं। उनका कहना है कि शराबबंदी आर्थिक बोझ है और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्युलर के ...
12 साल की उम्र में इंग्लैंड गए, 20 साल बाद मंत्री बनकर लौटे: इंग्लैंड के AI मंत्री ‘बिहारी बाबू’ कनिष्क नारायण
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12 साल की उम्र में इंग्लैंड गए, 20 साल बाद मंत्री बनकर लौटे: इंग्लैंड के AI मंत्री ‘बिहारी बाबू’ कनिष्क नारायण

पटना/मुजफ्फरपुर: इंग्लैंड के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री कनिष्क नारायण मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हैं। 12 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में इंग्लैंड चले गए थे। 20 साल बाद ब्रिटेन के AI मंत्री बनकर जब कनिष्क भारत लौटे, तो उन्होंने सबसे पहले अपने पुश्तैनी घर मुजफ्फरपुर जाकर परिवार से मुलाकात की। पटना पहुंचने पर उनका स्वागत जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने किया। मीडिया से बातचीत में कनिष्क ने कहा,"बिहार में आकर सच में बहुत खुशी हो रही है, क्योंकि मेरा जन्म यहीं हुआ था। 20 साल के बाद लौटकर यह देखकर खुशी हो रही है कि बिहार ने काफी प्रगति की है। ब्रिटेन में AI और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हम जो कर रहे हैं, उसके लिए बिहार की प्रगति देखकर प्रेरणा मिलती है।" कनिष्क नारायण का बिहार कनेक्शन मुजफ्फरपुर के छ...
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM के खेल में 5वीं सीट पर बड़ा दांव, NDA और महागठबंधन के बीच मुकाबला
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बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM के खेल में 5वीं सीट पर बड़ा दांव, NDA और महागठबंधन के बीच मुकाबला

पटना: बिहार में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव 2026 में इस बार 5वीं सीट को लेकर सबसे ज्यादा सियासी गहमागहमी देखने को मिल रही है। पहले चार सीटों के मामले में NDA और महागठबंधन अपने-अपने उम्मीदवार आराम से भेज देंगे, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर पूरा खेल AIMIM के हाथ में है। NDA की स्थिति बीजेपी और JDU अपने विधानसभा सदस्यों के वोटों से पहले चार सीटें निर्विरोध जीत लेंगे। लेकिन पांचवीं सीट के लिए इनके पास सिर्फ 10 विधायकों के वोट बचेंगे। चिराग पासवान की लोजपा (19), जीतन राम मांझी की हम (5) और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो (4) को मिलाकर भी कुल संख्या 38 होगी। इसके बाद भी 41 में से 3 वोटों की कमी रहेगी। महागठबंधन की चुनौती तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास राजद, कांग्रेस, लेफ्ट और IIP मिलाकर कुल 35 सीटें हैं। पांचवीं सीट जीतने के लिए उन्हें AIMIM के 5 विधायकों और रामगढ़ के सतीश सिं...
1981 में जमा किए 2 हजार रुपये का हिसाब मांगते वरिष्ठ पत्रकार ने आवास बोर्ड को कोसा
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1981 में जमा किए 2 हजार रुपये का हिसाब मांगते वरिष्ठ पत्रकार ने आवास बोर्ड को कोसा

पटना: बिहार राज्य आवास बोर्ड (Bihar State Housing Board) के खिलाफ एक बार फिर विवाद छिड़ गया है। वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने अपने 1981 में जमा किए गए 2 हजार रुपये का हिसाब मांगते हुए सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने लिखा कि दशकों पहले पटना के दीघा में भूखंड देने का वादा करने के बाद आवास बोर्ड ने योजना को विफल कर दिया। चार दशक पुराना दर्द सुरेंद्र किशोर ने बताया कि 15 अप्रैल 1981 को उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बिहार राज्य आवास बोर्ड के खाते में 2 हजार रुपये जमा किए। “पैसे नहीं थे तो कर्ज लिया था। रसीद आज भी मेरे पास है,” उन्होंने लिखा। इसके बाद आवास बोर्ड ने अग्रधन जमा करने वालों को कहा कि अपने पैसे वापस ले लें। किशोर ने कहा कि तब से अब तक 11,260 बेघर नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को कोई सजा नहीं मिली। जंगलराज और भ्रष्टाचार पत्रकार ने लिखा कि बिहार में जंगलराज...
ब्राह्मण क्यों बने सियासत का नया हॉटकेक? उत्तर प्रदेश से बिहार तक बढ़ती राजनीति की बेचैनी
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ब्राह्मण क्यों बने सियासत का नया हॉटकेक? उत्तर प्रदेश से बिहार तक बढ़ती राजनीति की बेचैनी

पटना / लखनऊ: देश की हिंदी पट्टी की राजनीति में ब्राह्मण समुदाय एक बार फिर केंद्र में है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की ‘प्रबुद्ध’ राजनीति से लेकर बिहार विधानसभा में ‘ब्राह्मण बहस’ तक राजनीतिक हलचल बढ़ती जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ब्राह्मण वोट बैंक आजकल सत्ता की चाबी बन चुका है। यही वजह है कि दलित-पिछड़ों की राजनीति करने वाले भी अब ब्राह्मणों की ओर ध्यान देने लगे हैं। यूपी में ब्राह्मण वोट की अहमियत उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यहाँ समाजवादी पार्टी के लिए ब्राह्मण वोट निर्णायक बन सकते हैं। राज्य में ब्राह्मण आबादी लगभग 11-13% है और 100 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव निर्णायक माना जाता है। इसलिए समाजवादी पार्टी ब्राह्मणों का समर्थन पाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अखिलेश यादव ने ‘प्रबुद्ध सम्मेलन’ और शहरों में परशुराम की मूर्...
अमेरिका से बीज मंगाकर बिहार के किसान ने उगाया ‘काला सोना’
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अमेरिका से बीज मंगाकर बिहार के किसान ने उगाया ‘काला सोना’

मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): बिहार के किसान प्रयाग देव सिंह ने अपनी परंपरागत खेती से हटकर कुछ नया करके जिले में चर्चा बटोर ली है। अमेरिका से मंगाए गए काले आलू के बीज से उन्होंने अपने खेत में ‘काला सोना’ उगाया। काले आलू का वजन आम आलू से कहीं अधिक है और इसकी गुणवत्ता भी बेहतरीन है। प्रयाग देव सिंह सागर चुरारमन गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में पहले साल काले आलू का उत्पादन बहुत कम था और आलू मटर के दाने जितना छोटा था। दूसरे साल भी उत्पादन में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसके बाद मिट्टी की जांच कराई गई, जिसमें कुछ कमी पाई गई। जैविक पोषण के जरिए मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाई गई और तीसरे साल फसल ने शानदार आकार लिया। अब 3-4 आलू में 1 किलो का उत्पादन होने लगा है। काले आलू की खेती के लिए प्रयाग देव सिंह ने अमेरिका से बीज मंगवाया, जिसकी कीमत लगभग 5 हजार रुपये प्रति किलो पड़ी। किसान ने कहा, “काले...
‘जितना उड़ना है उड़िए’: पटना में UK के AI मंत्री से मुलाकात में संजय झा का बड़ा बयान, बिहार के टेक भविष्य पर हुई अहम चर्चा
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‘जितना उड़ना है उड़िए’: पटना में UK के AI मंत्री से मुलाकात में संजय झा का बड़ा बयान, बिहार के टेक भविष्य पर हुई अहम चर्चा

टना, 21 फरवरी 2026। बिहार की राजधानी पटना से शनिवार सुबह एक सकारात्मक और उत्साहवर्धक तस्वीर सामने आई, जब यूनाइटेड किंगडम के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री Kanishk Narayan ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद Sanjay Kumar Jha से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात में बिहार के तकनीकी भविष्य, निवेश की संभावनाओं और एआई के व्यापक उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। मिथिला पाग से स्वागत, विकास पर संवाद पटना पहुंचने पर संजय झा ने ब्रिटेन के एआई मंत्री का मिथिला पाग और शॉल भेंट कर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच बिहार में तकनीकी उन्नति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक निवेश को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई। कनिष्क नारायण ने कहा, “बिहार आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। मेरा जन्म यहीं हुआ था और दो दशकों से अधिक समय बाद यहां लौटना भावुक क्षण है। ...