बिहार चुनाव में चमकी 35 साल पुरानी दोस्ती — प्राणपुर में आफताब-कंचन की ‘कमाल की कहानी’ बनी चर्चा का विषय
कटिहार। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सीमांचल के राजनीतिक माहौल में जहां अक्सर सांप्रदायिक समीकरणों की चर्चा होती है, वहीं प्राणपुर विधानसभा से एक ऐसी दोस्ती सुर्खियों में है जो इन दीवारों को तोड़ती दिख रही है। एआईएमआईएम उम्मीदवार आफताब आलम और उनके मित्र कंचन दास की 35 साल पुरानी दोस्ती आज चुनावी मैदान में भी नई मिसाल पेश कर रही है।
एक ही छत के नीचे रहते हैं दोनों परिवारआफताब और कंचन की यह दोस्ती सिर्फ मोहल्ले या राजनीति तक सीमित नहीं है। दोनों परिवार करीब तीन दशकों से एक ही छत के नीचे रहते हैं। जब आफताब नीले रंग का कुर्ता पहनते हैं, तो कंचन भी वही रंग पहनते हैं। अगर कंचन गुलाबी पोशाक में हों, तो आफताब भी उसी रंग में नजर आते हैं। यह मेल सिर्फ कपड़ों में नहीं, बल्कि दिलों में भी झलकता है।
दोस्ती नहीं, एक परिवार की तरह रिश्ताअब जब आफताब आलम प्राणपुर से एआईएमआईएम प्रत्याशी के रूप में चुना...










