Thursday, March 12

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नवाज शरीफ के नाती की शादी में बहू ने पहना भारतीय लहंगा, पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर मचा बवाल
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नवाज शरीफ के नाती की शादी में बहू ने पहना भारतीय लहंगा, पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर मचा बवाल

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नाती जुनैद सफदर की शादी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। शादी की तस्वीरों में दुल्हन शंजे अली रोहैल असगर का लुक सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया। शंजे ने अपनी मेहंदी और निकाह समारोह के लिए भारतीय डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी और तरुण तहिलियानी के आउटफिट चुने, जिसे लेकर पाकिस्तानी जनता में गुस्सा और आलोचना का सिलसिला शुरू हो गया। सब्यसाची का हरा लहंगा शंजे ने मेहंदी के लिए एमराल्ड ग्रीन सब्यसाची लहंगा पहना, जिसमें पारंपरिक कढ़ाई और गोल्डन एम्ब्रॉयडरी थी। हालांकि लहंगे की ओरिजनल डिज़ाइन में उन्होंने कुछ बदलाव किए—चोली की नेकलाइन सिंपल राउंड और चोली का लेंथ लॉन्ग किया गया। लहंगे के साथ हल्का-weight दुपट्टा रखा गया, जिसमें सुनहरे टेसल्स और सेक्विन का काम था। पाकिस्तानी जनता की नाराजगी लहंगे का भारतीय कनेक्शन जानकर पाकिस्तान ...
मशहूर लेखक आचार्य प्रशांत ने उठाया पिता की बेटियों के प्रति भूमिका पर सवाल: “अगर सच में होता प्यार, तो क्या उन्हें ऐसे धकेलते?”
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मशहूर लेखक आचार्य प्रशांत ने उठाया पिता की बेटियों के प्रति भूमिका पर सवाल: “अगर सच में होता प्यार, तो क्या उन्हें ऐसे धकेलते?”

नई दिल्ली: लेखक और विचारक आचार्य प्रशांत ने हाल ही में बेटियों के प्रति पिता की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपने इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने कहा कि अगर पिताओं को सच में अपनी बेटियों से प्यार होता, तो क्या वे उन्हें शादी के लिए सिर्फ इसलिए धकेल देते कि खुद अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएं। उनका कहना है कि इस तरह की सोच बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। पिता-बेटी के रिश्ते पर सवाल आचार्य प्रशांत ने वीडियो में कहा, “क्या आपको अपनी बेटी से कभी सच्चा प्यार था? अगर होता, तो क्या आप उसे सिर्फ कह देते, ‘जा, शादी कर ले’, ताकि आप खुद से कह सकें कि ‘चलो, दो लड़कियां थीं, एक की तो शादी हो गई’? कई माता-पिता यही सोचते हैं कि पहली बेटी की शादी हो गई, अब दूसरी भी निपट जाए, बस बैतरणी पार हो जाए।” उन्होंने इसे पिता की जिम्मेदारी और सच्चे प्यार के अभाव का उदाहरण बताया। शादी सिर्फ घर बदलना नहीं लेखक ने आगे...
करोड़पति रिंकू सिंह का सादगी भरा परिवार: बहन नेहा ने सूट–दुपट्टे में जीता दिल
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करोड़पति रिंकू सिंह का सादगी भरा परिवार: बहन नेहा ने सूट–दुपट्टे में जीता दिल

भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे रिंकू सिंह आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। मैदान पर उनके शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ उनका स्वैग भी अक्सर चर्चा में रहता है। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ तस्वीरों में रिंकू सिंह के साथ उनकी छोटी बहन नेहा सिंह ने लोगों का ध्यान खींच लिया—वजह बनी उनकी सादगी और संस्कारों से भरी झलक। इन तस्वीरों में जहां रिंकू सिंह काली हूडी और जींस में कूल और स्टाइलिश अंदाज में नजर आए, वहीं उनकी बहन नेहा ने काले रंग का सादा सूट पहनकर भारतीय संस्कृति और सरलता का खूबसूरत उदाहरण पेश किया। करोड़पति भाई के साथ खड़ी नेहा का यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। सादगी में भी दिखी शालीनता और सुंदरता नेहा सिंह इंस्टाग्राम पर अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग रखती हैं और किसी स्टार से कम नहीं हैं। इसके बावजूद उन्होंने दिखावे के बजाय सादगी को चुना। काले रंग के सूट में...
6 रुपये में चमक उठेगी काली-चिपचिपी किचन चिमनी, सिर्फ 10 मिनट में होगा कमाल
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6 रुपये में चमक उठेगी काली-चिपचिपी किचन चिमनी, सिर्फ 10 मिनट में होगा कमाल

किचन में रोज़ाना बनने वाले खाने की भाप और तेल की वजह से चिमनी का फिल्टर कुछ ही समय में काली, चिपचिपी परत से ढक जाता है। जब यह परत मोटी हो जाती है, तो साधारण साबुन या डिशवॉश से सफाई करना बेहद मुश्किल हो जाता है। लोग घंटों तक ब्रश से रगड़ते हैं, फिर भी मनचाहा नतीजा नहीं मिलता। ऐसे में यूट्यूबर पूनम देवनानी ने चिमनी साफ करने का एक बेहद सस्ता और असरदार तरीका बताया है, जिससे महज 6 रुपये के खर्च और 10 मिनट के समय में फिल्टर एकदम साफ हो सकता है। क्यों नहीं साफ होती चिमनी आसानी से चिमनी के फिल्टर पर जमा तेल और ग्रीस समय के साथ इतनी सख्त हो जाती है कि वह आसानी से निकलती नहीं। बार-बार रगड़ने से हाथ थक जाते हैं, लेकिन गंदगी जस की तस बनी रहती है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए यह आसान तरीका काम आता है। क्या-क्या चाहिए इस विधि में किसी महंगे क्लीनर की जरूरत नहीं होती। पंसारी की दुकान पर मिलने वा...
एक्सक्लूसिव वेट लॉस स्टोरी: पैरों की सूजन और थायराइड से जूझती मयूरी ने 8 महीने में घटाया 20 किलो वजन, बदली पूरी जिंदगी
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एक्सक्लूसिव वेट लॉस स्टोरी: पैरों की सूजन और थायराइड से जूझती मयूरी ने 8 महीने में घटाया 20 किलो वजन, बदली पूरी जिंदगी

मोटापा सिर्फ शरीर का आकार नहीं बिगाड़ता, बल्कि आत्मविश्वास, सेहत और पहचान तक पर असर डाल देता है। कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ मयूरी अंकुश गुरव के साथ, जिनका बढ़ता वजन धीरे-धीरे गंभीर बीमारी का कारण बन गया। पैरों में सूजन, लगातार थकान, थायराइड और बॉर्डरलाइन शुगर—इन सबके बीच मयूरी खुद को अपनी उम्र से कहीं ज्यादा बड़ी महसूस करने लगी थीं। लेकिन दृढ़ संकल्प और सही जीवनशैली अपनाकर उन्होंने 8 महीने में 20 किलो वजन घटाकर खुद को पूरी तरह बदल दिया। पैरों की सूजन से हुआ बीमारी का खुलासा मयूरी बताती हैं कि जंक फूड की आदत और फिटनेस को लगातार टालने की वजह से उनका वजन तेजी से बढ़ा। शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन समय के साथ एनर्जी लेवल गिरने लगा और पैरों में सूजन रहने लगी। डॉक्टर से जांच कराने पर थायराइड पॉजिटिव निकला और शुगर भी बॉर्डरलाइन पाई गई। उस समय मयूरी का वजन 90 किलो तक पहुंच चुका था। मोट...
बर्फ की सिल्ली जैसे ठंडे हो जाते हैं पैर? सही जुराब चुनें, कड़कड़ाती ठंड से तुरंत मिलेगी राहत
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बर्फ की सिल्ली जैसे ठंडे हो जाते हैं पैर? सही जुराब चुनें, कड़कड़ाती ठंड से तुरंत मिलेगी राहत

सर्दियों में ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही और बहुत से लोगों की शिकायत है कि घंटों जुराब पहनने के बाद भी पैर बर्फ की तरह ठंडे रहते हैं। शरीर पर गर्म कपड़ों की कई परतें होने के बावजूद पैर ठंडे रहना आम समस्या बन गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह है — गलत जुराब का चुनाव। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में तो किसी भी तरह की सॉक्स पहन ली जाती है, लेकिन सर्दियों में हर जुराब पैरों को गर्म रखने में सक्षम नहीं होती। सही जुराब न पहनने पर न सिर्फ ठंड लगती है, बल्कि पैरों में दर्द और सुन्नपन भी महसूस होने लगता है। सर्दियों में कैसी जुराब न पहनें ठंड के मौसम में कॉटन की जुराब पहनने से बचना चाहिए। कॉटन सॉक्स हवा को पूरी तरह रोक नहीं पातीं और नमी सोख लेने के बाद पैर और ठंडे कर देती हैं। इससे बदबू और दर्द की समस्या भी हो सकती है। इसके अलावा, जिन जुराबों का इलास्टिक ढीला हो चुका हो, वे भी सर्दियों में बेअसर रह...
फेफड़ों का कैंसर: हर साल 60 हजार मौतें, देर से दिखने वाले 5 खतरनाक संकेत और एक बड़ी भूल
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फेफड़ों का कैंसर: हर साल 60 हजार मौतें, देर से दिखने वाले 5 खतरनाक संकेत और एक बड़ी भूल

भारत में फेफड़ों का कैंसर तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के आंकड़ों के अनुसार, देश में फेफड़ों के कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2015 में जहां इसके करीब 63,700 मामले दर्ज किए गए थे, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 81,000 से अधिक होने का अनुमान है। चिंता की बात यह है कि इस बीमारी से हर साल लगभग 60 हजार लोगों की जान चली जाती है। क्यों बढ़ रहे हैं फेफड़ों के कैंसर के मामले विशेषज्ञों के अनुसार, फेफड़ों के कैंसर की सबसे बड़ी वजह धूम्रपान है। भारत में इस समय करीब 10 करोड़ वयस्क स्मोकर हैं और फेफड़ों के कैंसर के 85 से 90 प्रतिशत मामले सीधे तौर पर सिगरेट और तंबाकू सेवन से जुड़े होते हैं। इसके अलावा बढ़ता वायु प्रदूषण भी एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। यह बीमारी पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रह...
स्कॉटलैंड की अनोखी शादी परंपरा: दूल्हे की ‘ब्लैकनिंग’, जहां कीचड़, अंडे और हंसी से होती है विदाई
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स्कॉटलैंड की अनोखी शादी परंपरा: दूल्हे की ‘ब्लैकनिंग’, जहां कीचड़, अंडे और हंसी से होती है विदाई

शादी को आमतौर पर खुशी, संगीत और उल्लास का प्रतीक माना जाता है। दूल्हा-दुल्हन के स्वागत में फूल बरसते हैं और नए जीवन की शुरुआत शुभकामनाओं के साथ होती है। लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां शादी से पहले दूल्हे का स्वागत फूलों से नहीं, बल्कि कीचड़, अंडों और गंदगी से किया जाता है। यह अनोखी परंपरा स्कॉटलैंड के कुछ इलाकों में आज भी निभाई जाती है, जिसे “ब्लैकनिंग ऑफ द ग्रूम” कहा जाता है। इस रस्म में दूल्हे को उसके दोस्त और रिश्तेदार मजाकिया अंदाज में पकड़ लेते हैं और उसके पूरे शरीर पर कीचड़, राख, अंडे और कई बार बदबूदार चीजें भी लगा दी जाती हैं। इतना ही नहीं, हल्की-फुल्की मारपीट भी इस परंपरा का हिस्सा होती है। इसके बाद दूल्हे को उसी हालत में पूरे गांव या कस्बे में घुमाया जाता है। रास्ते में लोग हंसते हैं, मजाक करते हैं और तस्वीरें खींचते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह रस्म दूल्हे को आ...
चेहरे की चमक के लिए बिना खर्च का नुस्खा, योग गुरु कैलाश ने बताया नीम की पत्तियों का आसान उपाय
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चेहरे की चमक के लिए बिना खर्च का नुस्खा, योग गुरु कैलाश ने बताया नीम की पत्तियों का आसान उपाय

नई दिल्ली। चेहरे की देखभाल के लिए महंगे क्रीम, फेसवॉश और सीरम पर हजारों रुपये खर्च करना अब जरूरी नहीं। योग गुरु कैलाश बिश्नोई ने त्वचा की आम समस्याओं से राहत के लिए एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताया है, जिसे अपनाने में एक रुपये का भी खर्च नहीं आता। उनका कहना है कि नीम की पत्तियों से तैयार यह फेस पैक मुंहासे, झाइयां और खुले पोर्स जैसी परेशानियों में मददगार साबित हो सकता है। आजकल महिलाएं और पुरुष दोनों ही त्वचा संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। मुंहासे, पिंपल्स और स्किन पोर्स की दिक्कतें किसी एक मौसम तक सीमित नहीं रहीं। इनसे निपटने के लिए लोग अलग-अलग क्रीम और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिससे चेहरे पर लेयरिंग करनी पड़ती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाने से स्किन पोर्स क्लॉग हो सकते हैं और समस्या और बढ़ सकती है। योग गुरु कैलाश के मुताबिक, अगर केमिकल युक्त प्रोड...
सैलरी 15 हजार हो या 15 लाख, महंगी कारों के पीछे क्यों दीवाने होते हैं लड़के? साइंस, समाज और मनोविज्ञान में छिपा है जवाब
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सैलरी 15 हजार हो या 15 लाख, महंगी कारों के पीछे क्यों दीवाने होते हैं लड़के? साइंस, समाज और मनोविज्ञान में छिपा है जवाब

नई दिल्ली। “भाई देख पोर्शे!”, “नई बेंटले देखी क्या?”—ऐसी बातें आपने अक्सर लड़कों के मुंह से सुनी होंगी। सुपर लग्जरी और पावरफुल कारों को लेकर पुरुषों का जुनून किसी एक वर्ग या आमदनी तक सीमित नहीं है। सैलरी चाहे 15 हजार हो या 15 लाख, महंगी कारों का आकर्षण लगभग हर उम्र और वर्ग के लड़कों में देखने को मिलता है। आखिर ऐसा क्यों है? इसका जवाब सिर्फ शौक या दिखावे में नहीं, बल्कि साइंस, समाज और मनोविज्ञान के गहरे रिश्ते में छिपा है। उच्च ‘मेट वैल्यू’ का संकेत कई शोध बताते हैं कि जिन पुरुषों के पास लग्जरी या प्रीमियम कारें होती हैं, उन्हें सामाजिक रूप से अधिक आकर्षक और योग्य साथी माना जाता है। इसे ‘हाई मेट वैल्यू’ कहा जाता है। यानी महंगी कार एक तरह से यह संकेत देती है कि व्यक्ति संसाधन-संपन्न और सक्षम है। दूसरे पुरुषों से प्रतिस्पर्धा रिसर्च के अनुसार, पुरुषों में आपसी प्रतिस्पर्धा एक बड़ी वजह है। ल...