Monday, January 26

Business

अमेरिका में इलाज महंगा, 13 साल में हेल्थकेयर खर्च दोगुना
Business

अमेरिका में इलाज महंगा, 13 साल में हेल्थकेयर खर्च दोगुना

      नई दिल्ली: अमेरिका में मेडिकल खर्च लगातार बढ़ रहा है। पिछले 13 वर्षों में हेल्थकेयर पर होने वाला खर्च दो गुना हो गया है। देश में आम नागरिकों का लगभग 17 फीसदी पैसा इलाज और दवा पर खर्च हो रहा है। साल 2000 में यह आंकड़ा केवल 13.5 फीसदी था।   तीसरी तिमाही में हेल्थकेयर सर्विसेज पर 3.6 ट्रिलियन डॉलर खर्च हुए, जो अब तक का रिकॉर्ड है। खर्च में इस तेजी के कारण कई लोग जरूरी इलाज टाल रहे हैं।   एनबीसी न्यूज के अनुसार, साल 2026 में हेल्थकेयर सेक्टर में बड़े बदलाव आने वाले हैं। पहली बार मेडिकेयर दवाओं की कीमतों पर बातचीत करेगा, जिससे कुछ लोगों को राहत मिल सकती है। वहीं, अफोर्डेबल केयर एक्ट (ACA) की टैक्स छूट खत्म होने और राज्यों में मेडिकेड फंड में कटौती के कारण कुछ लोगों के लिए हालात कठिन हो सकते हैं।   विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग मेडिकेयर पर हैं, उनके...
विलुप्त होने के कगार पर था खापली गेहूं, अब आम गेहूं से पांच गुना महंगा
Business

विलुप्त होने के कगार पर था खापली गेहूं, अब आम गेहूं से पांच गुना महंगा

  नई दिल्ली: खापली गेहूं, जिसे 'एमर व्हीट' भी कहा जाता है, कभी विलुप्त होने के कगार पर था। लेकिन अब शहरी क्षेत्रों में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने और सेहतमंद खाने की बढ़ती मांग के चलते इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। आज यह सामान्य गेहूं के मुकाबले पांच गुना महंगा बिक रहा है।   सेहत का राज: खापली गेहूं में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह धीरे-धीरे ग्लूकोज को रक्त में छोड़ता है। यही वजह है कि यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।   बाजार में तेजी: पिछले दो साल में आईटीसी, अर्बन प्लेटर, अन्वेषण, गिरऑर्गेनिक, सात्विक, Conscious Food और आंवला अर्थ जैसी कई कंपनियों ने खापली गेहूं का आटा बाजार में उतारा है। Two Brothers Organic Farms के को-फाउंडर सत्यजीत हंगे के अनुसार, पिछले दो साल में उनके...
2024 के 13 ‘धुरंधर’ स्टॉक इस साल फ्लॉप, निवेशकों को लगा तगड़ा झटका
Business

2024 के 13 ‘धुरंधर’ स्टॉक इस साल फ्लॉप, निवेशकों को लगा तगड़ा झटका

  नई दिल्ली: पिछले साल यानी 2024 में मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले 133 शेयरों ने निवेशकों को जबरदस्त लाभ पहुंचाया था। इनमें कई शेयरों ने 500% से ज्यादा की तेजी दिखाई। लेकिन साल 2025 में इन 13 प्रमुख शेयरों ने अपने निवेशकों को काफी निराशा दी है। इनमें कुछ शेयरों में 63% तक की गिरावट देखी गई।   विशेषज्ञों के अनुसार, इन शेयरों की गिरावट का कारण वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये में कमजोरी है।   मुख्य झटका देने वाले शेयर:   इनसोलेशन एनर्जी: पिछले साल 393% चढ़ा, इस साल 63% गिरा (372 रुपये → 138 रुपये) ऑर्किड फार्मा: 153% उछला, इस साल 57% गिरावट (1808 रुपये → 771 रुपये) गणेश ईकोस्पीयर: 106% तेजी के बाद 57% गिरा न्यूजेन सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज: 118% चढ़ा, 50% गिरा ईएमएस: 101% तेजी, इस साल 49% गिरावट   अन्य फ्लॉप शेयर:   ट्रांसफॉर्...
एक दिन में 17,000 रुपये उछली चांदी, अभी भी बाकी है दम!
Business

एक दिन में 17,000 रुपये उछली चांदी, अभी भी बाकी है दम!

  नई दिल्ली: सोने की तरह ही चांदी की कीमतों में भी इस साल जबरदस्त तेजी देखी गई है। शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को चांदी ने नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया। एमसीएक्स पर इसकी कीमत एक दिन में 17,000 रुपये बढ़कर 2,40,935 रुपये प्रति किलो हो गई। कारोबार के दौरान यह 2,42,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी थी। कॉमेक्स पर चांदी का भाव $79.70 प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ।   विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी अब दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल एसेट बनने के कगार पर है। इसका मार्केट कैप 4.4 ट्रिलियन डॉलर हो गया है और यह केवल 4.5% दूर है एनवीडिया के मार्केट कैप (4.638 ट्रिलियन डॉलर) से। अगर चांदी एनवीडिया को पीछे छोड़ती है तो सोने के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एसेट बन जाएगी।   क्यों बढ़ रही है डिमांड:   चांदी ने 52 सप्ताह के निचले स्तर $27.545 प्रति औंस से लगभग 190% क...
Gold Rate: भारत ही नहीं दुनिया भर में बेकाबू हुआ सोना, जानिए क्यों सरपट भाग रही कीमतें
Business

Gold Rate: भारत ही नहीं दुनिया भर में बेकाबू हुआ सोना, जानिए क्यों सरपट भाग रही कीमतें

  नई दिल्ली: दुनिया भर में सोने की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। भारत में भी शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोना 1,42,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। साल भर में सोने की कीमत में 80% से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।   दुनिया के बाजार में उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। 26 दिसंबर को सोना 50.87 डॉलर प्रति औंस यानी 4,530.42 डॉलर पर बंद हुआ। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशक सोने की ओर आकर्षित हो रहे हैं।   भारत में खपत घट रही, कीमत बढ़ रही: भारत में सोने की बढ़ती कीमतों के बावजूद खपत कम हो रही है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में भारत में 802.8 टन सोने की खपत ह...
भारत में ताइवान का बड़ा टेक्नोलॉजी पार्क, यूपी के इस शहर की बदल सकती है किस्मत
Business

भारत में ताइवान का बड़ा टेक्नोलॉजी पार्क, यूपी के इस शहर की बदल सकती है किस्मत

  नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा: ताइवान इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (Teema) भारत में एक बड़ा टेक्नोलॉजी पार्क बनाने की तैयारी में है। इसके लिए कई राज्यों से बातचीत चल रही है, लेकिन यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Yeida) क्षेत्र इस रेस में सबसे आगे है।   सूत्रों के अनुसार, यह टेक्नोलॉजी पार्क Foxconn के प्रस्तावित OSAT (Outsource Semiconductor Assembly & Test) फैसिलिटी के पास बनेगा। Foxconn के चेयरमैन यंग लियू ही Teema के भी चेयरमैन हैं और इस पहल को आगे बढ़ा रहे हैं।   वैश्विक योजना: Teema भारत के अलावा अमेरिका, मैक्सिको और पोलैंड में भी टेक्नोलॉजी हब बनाने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य AI-इंटीग्रेटेड, ESG-केंद्रित ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क तैयार करना और ताइवानी कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है।   फायदे...
रेलवे या हाईवे! बजट 2026-27 में किसे मिलेगा ज्यादा पैसा?
Business

रेलवे या हाईवे! बजट 2026-27 में किसे मिलेगा ज्यादा पैसा?

  नई दिल्ली: अगले वित्त वर्ष के बजट में रेलवे को ज्यादा प्राथमिकता मिलने की संभावना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की योजना के तहत रेलवे का बजट इस बार लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये रखा जा सकता है, जो इस वित्त वर्ष के 2.5 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा है।   रेलवे को बढ़ा हुआ बजट मिलने का कारण है नई रेल लाइनों का विस्तार, मौजूदा लाइनों का मल्टी-ट्रैक करना, ब्रॉड-गेज नेटवर्क का इलेक्ट्रिफिकेशन और नई ट्रेनों, वैगनों व लोकोमोटिव की खरीद। रेलवे अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि नए प्रोजेक्ट्स और तीसरे साल के खर्च को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 में उन्हें पर्याप्त फंड मिलेगा।   हाईवे सेक्टर का हाल: वहीं, हाईवे सेक्टर में पिछले कुछ वर्षों में पर्याप्त निवेश हो चुका है। नए प्रोजेक्ट्स की मंजूरी धीमी पड़ने से अगले साल बजट में केवल मामूली वृद्धि की संभावना है। उदाहरण के लिए, ...
रेलवे ने बढ़ाया ट्रेन किराया, पहले से बुक टिकटों पर नहीं लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज
Business

रेलवे ने बढ़ाया ट्रेन किराया, पहले से बुक टिकटों पर नहीं लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज

  नई दिल्ली: भारतीय रेल ने शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 से ट्रेन टिकटों का किराया बढ़ा दिया है। यह बढ़ोतरी सभी ट्रेनों और सभी श्रेणियों में लागू होगी। अब जो भी यात्री इस तारीख के बाद टिकट बुक करेंगे, उन्हें बढ़ा हुआ किराया चुकाना होगा।   लेकिन अच्छी खबर यह है कि जिन यात्रियों ने पहले ही एडवांस में टिकट बुक करा लिया है, उन्हें अतिरिक्त किराया नहीं देना होगा। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि पहले से कटे टिकटों पर नई दरें लागू नहीं होंगी।   रेलवे का कहना है कि कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पेंशन भुगतान और संचालन खर्चों में बढ़ोतरी के चलते यह कदम उठाना पड़ा। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और रेलवे की वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखना है।   कौन-कौन सी सेवाओं में नहीं बढ़ा किराया:   मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसी महानगरों में चलने वाली उपनगरीय ट्रेनें। उपनगरीय और गैर...
बिकवाली, रुपये की कमजोरी और वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति रही स्थिर: साल 2025 का सबक
Business

बिकवाली, रुपये की कमजोरी और वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति रही स्थिर: साल 2025 का सबक

  नई दिल्ली: साल 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए धैर्य और स्थिरता का वर्ष रहा। घरेलू और वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों के बावजूद, भारत की आर्थिक स्थिति कुल मिलाकर मजबूत बनी रही। दुनिया में व्यापार तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के असर से बाजार में कई बार उतार-चढ़ाव आए, लेकिन घरेलू निवेशकों की मजबूती और भरोसे ने बाजार को स्थिर बनाए रखा।   धीमी लेकिन स्थिर रफ्तार कई सेक्टरों में मुनाफे की धीमी रफ्तार के बावजूद, शेयर बाजार अधिकांश समय सीमित दायरे में रहा। दिसंबर की शुरुआत तक निफ्टी ने 26,325 के नए शिखर को छू लिया, जो साल के अंत में भी सकारात्मक संकेत देता है।   फंडामेंटल्स पर ध्यान 2025 में मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स ने अलग-अलग प्रदर्शन दिखाया। निफ्टी मिडकैप 100 ने 6% का रिटर्न दिया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 उतार-चढ़ाव के बीच स्थ...
टाटा स्टील पर नीदरलैंड्स में 13,000 करोड़ रुपये का मुकदमा, कंपनी ने आरोपों को बताया निराधार
Business

टाटा स्टील पर नीदरलैंड्स में 13,000 करोड़ रुपये का मुकदमा, कंपनी ने आरोपों को बताया निराधार

  नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक समूहों में से एक टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील नीदरलैंड्स में कानूनी विवाद में फंस गई है। नीदरलैंड्स की एक जिला अदालत में एक एनजीओ ने टाटा स्टील की दो सहायक कंपनियों के खिलाफ 1.6 अरब डॉलर (करीब 13,000 करोड़ रुपये) का मुकदमा दायर किया है।   एनजीओ का आरोप मुकदमे में Stichting Fris Wind (SFW) नामक एनजीओ ने आरोप लगाया है कि टाटा स्टील के IJmuiden प्लांट से निकलने वाले जहरीले और हानिकारक पदार्थों के कारण आसपास रहने वाले लोगों की सेहत प्रभावित हुई है। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि प्रदूषण के कारण वहां के घरों की कीमतें अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम हो गई हैं।   टाटा स्टील का जवाब कंपनी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और काल्पनिक बताया है। टाटा स्टील का कहना है कि एनजीओ ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किए। कंप...