Saturday, January 24

Fake Medicine Check: नकली दवा तो नहीं खा रहे आप? अपने फोन से मिनटों में करें जांच

नई दिल्ली: भारतीय बाजार में नकली और मिलावटी दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है। अक्सर दिखने में नकली और असली दवा में फर्क करना मुश्किल होता है, जिससे मरीजों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उठाने पड़ते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए क्यूआर कोड वेरिफिकेशन सिस्टम शुरू किया गया है, जो आपकी दवा की असलियत मिनटों में जांचने में मदद करता है।

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स्मार्टफोन से दवा की असलियत कैसे पता करें:

  1. सबसे पहले दवा की पैकिंग पर छपा क्यूआर कोड ढूंढें।

  2. अपने स्मार्टफोन के कैमरे या किसी क्यूआर स्कैनर ऐप से कोड को स्कैन करें।

  3. स्क्रीन पर दिखाई गई जानकारी में बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और लाइसेंस नंबर जैसी डिटेल्स को पैकिंग पर छपी जानकारी से मिलाएं।

अगर जानकारी मेल खाती है, तो दवा असली है। लेकिन अगर स्कैन करने पर “No Record” दिखाई दे या जानकारी मेल न खाए, तो तुरंत सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) को रिपोर्ट करें।

ध्यान रहे कि अभी यह नियम भारत की टॉप 300 दवा ब्रांडों तक ही लागू है। आने वाले समय में उम्मीद है कि यह सुविधा सभी दवाओं पर उपलब्ध होगी।

इस आसान और तेज़ तरीके से आप नकली दवाओं से अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा कर सकते हैं।

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