
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के लंकापल्ली जंगल इलाके में शुक्रवार को माओवादी द्वारा लगाए गए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के फटने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित राजू मोदियामी झाड़ीदार और कठिन जंगल के रास्तों में चलकर करीब 7 किलोमीटर पैदल चलते हुए पास के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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जख्मों के बावजूद दिखाई अद्भुत हिम्मत
घटना के दौरान धमाका इतना जबरदस्त था कि मोदियामी की दाहिनी एड़ी पूरी तरह से टूट गई और पैर में गंभीर चोटें आईं। इसके बावजूद उन्होंने दर्द और रक्तस्राव के बीच साहस दिखाते हुए अस्पताल तक का लंबा रास्ता तय किया। स्थानीय मेडिकल स्टाफ ने उन्हें तुरंत फर्स्ट एड प्रदान किया और गंभीर चोटों के लिए जिला अस्पताल भेजा। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है और इलाज जारी है।
आईईडी आम नागरिकों के लिए बड़ा खतरा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माओवादी नक्सल प्रभावित इलाकों में आम नागरिकों के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं। विद्रोही अक्सर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए IED का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अनजाने में स्थानीय लोग भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। बीजापुर के जंगल इस प्रकार के विस्फोटकों के लिए हॉटस्पॉट बने हुए हैं।
सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी
अधिकारियों ने लंकापल्ली जंगल में किसी भी अतिरिक्त IED की तलाश और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है। इसका मकसद नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हाल ही में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता भी प्राप्त की, जब डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ में चार महिला माओवादी कैडर सहित छह नक्सलियों को मार गिराया।
राजू मोदियामी की इस साहसिक कोशिश ने स्थानीय लोगों के बीच मानव सहनशक्ति और हिम्मत की मिसाल कायम कर दी है।