
धमतरी/रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को कुल 9 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस कदम के साथ धमतरी जिले का यह इलाका अब नक्सलमुक्त घोषित किया जा सकता है।
सरेंडर करने वाले नक्सली ओडिशा के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा संभाग की माओवादी कमेटी की नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी, साथ ही ‘मैनपुर लोकल गुरिल्ला स्क्वाड’ से संबंधित हैं। इनमें सात महिलाएं भी शामिल हैं।
इनाम की जानकारी
पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव ज्योति उर्फ जैनी और संभागीय समिति सदस्य उषा उर्फ बलम्मा पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था। अन्य नक्सली रामदास मरकाम, रोनी उर्फ उमा, निरंजन उर्फ पोडिया, सिंधु उर्फ सोमादी, रीना उर्फ चिरो और अमिला उर्फ सन्नी पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था। वहीं, लक्ष्मी पुनेम पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
हथियारों की बरामदगी
पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान दो इंसास राइफल, दो एसएलआर, एक कार्बाइन और एक बंदूक अधिकारियों को सौंपे। मिश्रा ने कहा कि जिले में सक्रिय सभी सूचीबद्ध नक्सली—निम्न से लेकर शीर्ष रैंक तक—या तो मारे गए हैं, आत्मसमर्पण कर चुके हैं या अब इस क्षेत्र में सक्रिय नहीं हैं।
इस साल अब तक 189 नक्सली कर चुके आत्मसमर्पण
इस वर्ष अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 189 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। 19 जनवरी को गरियाबंद जिले में नौ नक्सलियों ने 45 लाख रुपये के कुल इनाम के साथ सरेंडर किया। वहीं 15 जनवरी को बस्तर क्षेत्र के बीजापुर जिले में कम से कम 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से 49 पर 1.41 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था।
पिछले वर्ष, 2025 में राज्य में 1,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया है।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि सुरक्षा बलों और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सफल हो रही है और स्थानीय जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।