Saturday, January 24

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को कुल 9 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस कदम के साथ धमतरी जिले का यह इलाका अब नक्सलमुक्त घोषित किया जा सकता है। सरेंडर करने वाले नक्सली ओडिशा के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा संभाग की माओवादी कमेटी की नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी, साथ ही ‘मैनपुर लोकल गुरिल्ला स्क्वाड’ से संबंधित हैं। इनमें सात महिलाएं भी शामिल हैं। इनाम की जानकारी पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव ज्योति उर्फ जैनी और संभागीय समिति सदस्य उषा उर्फ बलम्मा पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था। अन्य नक्सली रामदास मरकाम, रोनी उर्फ उमा, निरंजन उर्फ पोडिया, सिंधु उर्फ सोमादी, रीना उर्फ चिरो और अमिला उर्फ सन्नी पर 5-5 लाख रुपये का इनाम था। वहीं, लक्ष्मी पुनेम पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। हथियारों की बरामदगी पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान दो इंसास राइफल, दो एसएलआर, एक कार्बाइन और एक बंदूक अधिकारियों को सौंपे। मिश्रा ने कहा कि जिले में सक्रिय सभी सूचीबद्ध नक्सली—निम्न से लेकर शीर्ष रैंक तक—या तो मारे गए हैं, आत्मसमर्पण कर चुके हैं या अब इस क्षेत्र में सक्रिय नहीं हैं। इस साल अब तक 189 नक्सली कर चुके आत्मसमर्पण इस वर्ष अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 189 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। 19 जनवरी को गरियाबंद जिले में नौ नक्सलियों ने 45 लाख रुपये के कुल इनाम के साथ सरेंडर किया। वहीं 15 जनवरी को बस्तर क्षेत्र के बीजापुर जिले में कम से कम 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से 49 पर 1.41 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था। पिछले वर्ष, 2025 में राज्य में 1,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया है। इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि सुरक्षा बलों और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सफल हो रही है और स्थानीय जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। दो बार प्रेसिडेंट मेडल, 2004 बैच के IPS अधिकारी, कौन हैं नए कमिश्नर संजीव शुक्ला? आज से राजधानी में बदला पुलिस सिस्टम Edited by: पवन तिवारी|Lipi•23 Jan 2026, 5:40 pm IST Subscribe IPS Sanjeev Shukla: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया है। नया कमिश्नर संजीव शुक्ला को बनाया गया है। संजीव शुक्ला 2004 बैच के अधिकारी हैं। IPS Sanjeev Shukla IPS संजीव शुक्ला को रायपुर का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू कर दी गई है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्वर नियुक्त किया है। शुक्ला 20024 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। संजीव शुक्ला ने अपने करियर की शुरुआत राज्य पुलिस सेवा से की थी और बाद में आईपीएस में पदोन्नत हुए थे। कौन हैं नए कमिश्वर संजीव शुक्ला 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका सिलेक्शन 1990 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ था। उनकी उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है। संजीव शुक्ला ने दुर्ग जिले में पुलिस अधीक्षक भी रह चुके हैं। उनके बेहतरीन काम के लिए प्रेसिडेंट मेडल से सम्मानित किया गया है, जिससे उनका सर्विस रिकॉर्ड और भी मजबूत हुआ है। उन्हें 2010 और 2022 में दो अलग-अलग कैटेगरी में दो बार प्रेसिडेंट पुलिस मेडल मिला by TaboolaSponsored Links You May Like Start Trading Forex in Minutes – Open Your Account IC Markets आपके पसंद की स्टोरी ‘बॉर्डर 2’ को लेकर परमवीर चीमा का दर्द- डर है बड़े स्टार्स के बीच खो न जाऊं, सनी देओल के लिए यह बोले Shark Tank में पहुंचीं ‘बालिका वधू’ की नेहा मर्दा, ₹999 के बदबू वाले प्रोडक्ट पर हुए तीखे सवाल, हुईं निराश ‘बॉर्डर 2’ में बेटे अहान शेट्टी को वर्दी में देख भावुक हो गए सुनील शेट्टी, किया लंबा-चौड़ा पोस्ट ‘धुरंधर 2’ टीजर: Border 2 में रत्तीभर नहीं दिखेगी फिल्म की झलक, आदित्य धर ने दिया तगड़ा अपडेट 15 आईपीएस अधिकारियों का तबादला पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद गृह विभाग ने 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादला किया है। आदेश के अनुसार, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के रूप में कार्यरत रहे संजीव शुक्ला को रायपुर में पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग को बिलासपुर रेंज का आईजी बनाया गया है। वहीं, 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य को दुर्ग रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। पुलिस मुख्यालय, रायपुर में आईजी (कानून एवं व्यवस्था) के पद पर कार्यरत बालाजी राव को राजनांदगांव रेंज का आईजी बनाया गया है। रायपुर में बदली व्यवस्था आयुक्त प्रणाली के तहत कांकेर के पुलिस उप महानिरीक्षक अमित तुकाराम कांबले को रायपुर शहरी क्षेत्र का अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। रायपुर शहरी क्षेत्र के लिए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) भी नियुक्त किए गए हैं। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) की 14वीं बटालियन के कमांडेंट उमेश प्रसाद गुप्ता को डीसीपी (सेंट्रल), सीएएफ की 16वीं बटालियन के कमांडेंट संदीप पटेल को डीसीपी (पश्चिम) तथा सीएएफ की 15वीं बटालियन के कमांडेंट मयंक गुर्जर को डीसीपी (उत्तर) नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय, रायपुर में पुलिस अधीक्षक (राज्य खुफिया शाखा) के पद पर कार्यरत विकास कुमार को रायपुर डीसीपी (यातायात एवं प्रोटोकॉल) नियुक्त किया गया है। आदेश के अनुसार बघेरा में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के पुलिस अधीक्षक स्मृति राजनाला को रायपुर का डीसीपी (अपराध एवं साइबर) नियुक्त किया गया है। रायपुर के एसएसपी बदले रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) लाल उमेद सिंह का जशपुर के एसएसपी पद पर तबादला किया गया है, जबकि जशपुर के एसएसपी शशि मोहन सिंह को रायगढ़ का एसएसपी नियुक्त किया गया है। रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल को रायपुर में राजकीय रेलवे पुलिस का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। कमिश्वर सिस्टम में 21 थाने शुक्रवार से रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की गई। जिसमें शहर के 21 पुलिस थाने शामिल होंगे। इस संबंध में राज्य के गृह विभाग ने 21 जनवरी को अधिसूचना जारी की थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली शुरू करने की घोषणा की थी। नए प्रशासनिक ढांचे के तहत रायपुर जिले को दो पुलिस जिलों रायपुर शहरी और रायपुर ग्रामीण में विभाजित किया गया है। आयुक्त प्रणाली के अंतर्गत रायपुर शहरी क्षेत्र की पुलिसिंग की जिम्मेदारी आईजी रैंक के पुलिस आयुक्त के पास होगी। क्राइम पर होगा कंट्रोल अधिकारियों ने बताया कि आयुक्त प्रणाली से पुलिस को त्वरित निर्णय लेने और बेहतर जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जिससे राजधानी में अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।KHABAR KO NEWS PAPER ME PRAKASHIT KARNE KE LIYE PRABHASHALI DHANG SE HINDI ME LIKHE रायपुर में कमिश्नरी सिस्टम लागू: संजीव शुक्ला बने पहले पुलिस कमिश्नर, दो बार राष्ट्रपति मेडल से सम्मानित 21 थाना क्षेत्रों के साथ राजधानी में बदला पुलिस ढांचा, अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर। राजधानी रायपुर में शुक्रवार से पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू कर दी गई है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। शुक्ला 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए दो बार राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित हो चुके हैं।

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संजीव शुक्ला का परिचय
संजीव शुक्ला का चयन 1990 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ था। उन्होंने राज्य पुलिस सेवा से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में आईपीएस में पदोन्नत हुए। शुक्ला ने दुर्ग जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर भी कार्य किया। अपने बेहतरीन कार्य और नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें 2010 और 2022 में दो अलग-अलग श्रेणियों में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया।

आईपीएस अधिकारियों के बड़े तबादले
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रहे संजीव शुक्ला को रायपुर पुलिस आयुक्त बनाया गया। दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग को बिलासपुर रेंज का आईजी नियुक्त किया गया। वहीं, राजनांदगांव रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य को दुर्ग रेंज का आईजी बनाया गया।

रायपुर में बदला प्रशासनिक ढांचा
रायपुर शहर को दो पुलिस जिलों—रायपुर शहरी और रायपुर ग्रामीण में विभाजित किया गया है। रायपुर शहरी क्षेत्र में 21 पुलिस थाने शामिल होंगे। पुलिस अधीक्षक और डीसीपी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। सीएएफ की 14वीं, 15वीं और 16वीं बटालियन के कमांडेंटों को क्रमशः डीसीपी (सेंट्रल, उत्तर, पश्चिम) बनाया गया है।

अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि आयुक्त प्रणाली से पुलिस को त्वरित निर्णय लेने और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। राजधानी में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।

राज्य सरकार ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी। नए ढांचे के तहत राजधानी में पुलिसिंग और प्रशासनिक कार्यों में स्पष्टता और तत्परता बढ़ाने की योजना को प्राथमिकता दी गई है।

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