
रायपुर। राजधानी रायपुर में शुक्रवार से पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू कर दी गई है। राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। शुक्ला 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए दो बार राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित हो चुके हैं।
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संजीव शुक्ला का परिचय
संजीव शुक्ला का चयन 1990 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ था। उन्होंने राज्य पुलिस सेवा से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में आईपीएस में पदोन्नत हुए। शुक्ला ने दुर्ग जिले में पुलिस अधीक्षक के पद पर भी कार्य किया। अपने बेहतरीन कार्य और नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें 2010 और 2022 में दो अलग-अलग श्रेणियों में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया।
आईपीएस अधिकारियों के बड़े तबादले
पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रहे संजीव शुक्ला को रायपुर पुलिस आयुक्त बनाया गया। दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग को बिलासपुर रेंज का आईजी नियुक्त किया गया। वहीं, राजनांदगांव रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य को दुर्ग रेंज का आईजी बनाया गया।
रायपुर में बदला प्रशासनिक ढांचा
रायपुर शहर को दो पुलिस जिलों—रायपुर शहरी और रायपुर ग्रामीण में विभाजित किया गया है। रायपुर शहरी क्षेत्र में 21 पुलिस थाने शामिल होंगे। पुलिस अधीक्षक और डीसीपी स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। सीएएफ की 14वीं, 15वीं और 16वीं बटालियन के कमांडेंटों को क्रमशः डीसीपी (सेंट्रल, उत्तर, पश्चिम) बनाया गया है।
अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि आयुक्त प्रणाली से पुलिस को त्वरित निर्णय लेने और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। राजधानी में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधारने और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी। नए ढांचे के तहत राजधानी में पुलिसिंग और प्रशासनिक कार्यों में स्पष्टता और तत्परता बढ़ाने की योजना को प्राथमिकता दी गई है।