
नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि हवा में उड़ती मिसाइलों को कौन डिजाइन करता है? उन मिसाइलों का निर्माण, तकनीकी फिटिंग और टेस्टिंग करने का काम एयरोस्पेस इंजीनियर करते हैं, जिन्हें आम बोलचाल में ‘मिसाइल मैन’ भी कहा जाता है।
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि एयरोस्पेस इंजीनियर सिर्फ एयरक्राफ्ट बनाने तक ही सीमित होते हैं। लेकिन वास्तव में वे कमर्शियल और लड़ाकू विमान, मिसाइलें, सैटेलाइट्स और अन्य उन्नत तकनीकी उपकरणों के डिजाइन और निर्माण में काम करते हैं।
अमेरिका में जॉब के अवसर
अमेरिका में डिफेंस इंडस्ट्री बहुत बड़ी है और यहां हर साल लगभग 4500 एयरोस्पेस इंजीनियर्स की जरूरत होती है। इस फील्ड के इंजीनियर्स को ‘नेशनल इंटरेस्ट वेवर’ लिस्ट के तहत वीजा आसानी से मिल जाता है, क्योंकि उनका काम देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
किस डिग्री से बन सकते हैं ‘मिसाइल मैन’?
अगर आप अमेरिका में एयरोस्पेस इंजीनियर या ‘मिसाइल मैन’ बनना चाहते हैं, तो आपको बैचलर ऑफ साइंस इन एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (BSAE) की डिग्री हासिल करनी होगी। यह डिग्री आमतौर पर चार साल में पूरी होती है। इसके साथ ही, सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए सिक्योरिटी क्लियरेंस भी जरूरी होती है।
वेतन और पैकेज
ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिक्स के अनुसार, अमेरिका में एयरोस्पेस इंजीनियर्स की औसतन सालाना सैलरी लगभग 1.21 करोड़ रुपये है।
एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए यह अवसर न सिर्फ पेशेवर बल्कि वित्तीय दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है।