
नई दिल्ली: आयरलैंड में उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की बढ़ती रुचि के बीच एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। देश में पढ़ाई और बाद में नौकरी पाने को लेकर छात्रों को सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर अगर वे एजुकेशन लोन लेकर इस देश में पढ़ाई करने आए हैं।
एक भारतीय छात्र, जिसने यूनिवर्सिटी ऑफ गैलवे से 2025 में कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स किया, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां जॉब पाना बेहद मुश्किल है। उनके अनुसार, 130 ग्रेजुएट्स के बैच में केवल 15 छात्रों को ही टेक्निकल सेक्टर में नौकरी मिली, जबकि बाकी सुपरमार्केट, रेस्तरां और अन्य नॉन-टेक्निकल सेक्टर में काम कर रहे हैं।
वीजा और जॉब की कठिनाइयाँ
छात्र ने बताया कि उसे नौकरी इसलिए मिली क्योंकि उसके पास पहले से 5 साल का वर्क एक्सपीरियंस था। इसके बावजूद उसकी जॉब के लिए वीजा स्पॉन्सरशिप नहीं है। अधिकांश छात्रों को पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा पर ही काम करना पड़ रहा है और आगे उन्हें नौकरी के लिए वीजा स्पॉन्सरशिप मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
एजुकेशन लोन और आर्थिक जोखिम
विदेशी छात्र ने चेतावनी दी कि कई छात्रों को वीजा एक्सपायर होने के बाद भारत लौटना पड़ा और कई ऐसे हैं जो अपना एजुकेशन लोन चुका नहीं पाए। उन्होंने कहा, “अगर आप लोन लेकर आयरलैंड पढ़ने आए, तो दिवालिया होने का खतरा बहुत ज्यादा है। को-स्पॉन्सर पैरेंट्स की आर्थिक सुरक्षा भी जोखिम में पड़ सकती है।”
उनके अनुसार, यूरोपीय संघ के बाहर 95% से ज्यादा ग्रेजुएट्स को तीन साल के भीतर आयरलैंड छोड़ना पड़ता है, इसलिए इस देश में पढ़ाई करने का फैसला लेने से पहले छात्रों को बहुत सोच-विचार करना चाहिए।