
जयपुर: राजस्थान के आदिवासी अंचल से आने वाले दिग्गज नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय भाजपा छोड़कर फिर से कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। वे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली से मिलकर अपनी इच्छा व्यक्त कर चुके हैं।
कांग्रेस ने दी राजनीतिक उड़ान
महेंद्रजीत सिंह मालवीय को कांग्रेस ने राजनीति में आगे बढ़ने के कई अवसर दिए। उन्हें विधानसभा और लोकसभा तक जाने का मौका मिला। कांग्रेस के टिकट पर वे एक बार लोकसभा सांसद बने और लगातार चार बार विधायक रहे। उनकी पत्नी रेशमा मालवीय भी पंचायत चुनाव में सक्रिय रही और बांसवाड़ा की जिला प्रमुख रही।
बीजेपी में दो साल, लेकिन मन नहीं भरा
दिसंबर 2023 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद महेंद्रजीत सिंह मालवीय की इच्छा थी कि वे नेता प्रतिपक्ष बने, लेकिन कांग्रेस ने यह पद टीकाराम जुली को दिया। इसके बाद वे नाराज होकर मार्च 2024 में भाजपा में शामिल हुए। बीजेपी में रहते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव डूंगरपुर-बांसवाड़ा सीट से लड़ा, लेकिन बीएपी के राजकुमार रोत के सामने उन्हें लगभग ढाई लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
चार बार विधायक, लोकसभा सांसद भी रहे
महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने 1998 में बांसवाड़ा लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर सांसद बने। इसके बाद बागीदौरा विधानसभा सीट से उन्होंने लगातार चार बार जीत दर्ज की। 2023 में चौथी बार जीतने के तीन महीने बाद ही उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया।
अब ऐसा लग रहा है कि भाजपा में रहकर उनका मन नहीं भरा और वे फिर से कांग्रेस में लौटने वाले हैं, जो उनके राजनीतिक सफर में नया मोड़ साबित होगा।