
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हाल ही में हुई बैठक से भारतीयों के लिए अच्छी खबर आई है। जर्मनी की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल और रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे कर रहे हैं।
बैठक में शिक्षा, जॉब, डिफेंस और सिक्योरिटी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। खास तौर पर, भारतीय हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के वर्कर्स के लिए जॉब के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
डॉक्टर्स-नर्सों के लिए आसान जॉब:
भारत और जर्मनी ने ग्लोबल स्किल पार्टनरशिप के तहत ‘ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (JDI)’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत एक रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिससे भारतीय डॉक्टर और नर्स जर्मनी में नौकरी के लिए जा सकेंगे। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया पूरी तरह नैतिक और श्रम कानूनों के अनुरूप हो, ताकि भारतीय हेल्थकेयर वर्कर्स का शोषण न हो।
ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अवसर:
इसके अलावा, दोनों देशों ने रिन्यूअबल एनर्जी सेक्टर में ‘सेंटर ऑफ एक्सलेंस’ स्थापित करने पर सहमति जताई। यह प्रशिक्षण केंद्र भारतीय वर्कर्स को सोलर, विंड और ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग देगा। जर्मनी अपने ड्यूअल एजुकेशन मॉडल के जरिए भारतीय वर्कर्स को तैयार करेगा, ताकि उन्हें ग्रीन एनर्जी सेक्टर में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
इस समझौते से न केवल भारतीय वर्कर्स को रोजगार मिलेगा, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीकी और शैक्षिक सहयोग भी मजबूत होगा।