Tuesday, January 13

अल्फाबेट का मार्केट कैप $4 ट्रिलियन के पार, भारत की लाज बचाई रिलायंस ने

नई दिल्ली। गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक का मार्केट कैप पहली बार $4 ट्रिलियन के पार पहुंच गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की चौथी कंपनी बन गई है। अब तक केवल एनवीडिया, ऐपल और माइक्रोसॉफ्ट ही इस क्लब में शामिल थीं।

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सोमवार को अल्फाबेट के शेयर में 1% से अधिक तेजी देखने को मिली और कंपनी की मार्केट वैल्यू $4.016 ट्रिलियन हो गई। इस उपलब्धि के साथ अल्फाबेट दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आ गई है। एआई चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया $4.502 ट्रिलियन के साथ सबसे शीर्ष पर है। इसके बाद ऐपल ($3.845 ट्रिलियन) और माइक्रोसॉफ्ट ($3.546 ट्रिलियन) क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।

टॉप 100 कंपनियों में भारत की स्थिति

दुनिया की टॉप 100 कंपनियों की लिस्ट में भारत की केवल एक ही कंपनी शामिल है। यह कंपनी है रिलायंस इंडस्ट्रीज, जिसकी वैल्यू $220.12 अरब डॉलर है और यह 77वें नंबर पर है। इसके अलावा भारत की कोई और कंपनी इस लिस्ट में शामिल नहीं है।

वैश्विक कंपनी रैंकिंग

इस सूची में अमेज़ॉन $2.6 ट्रिलियन के साथ पांचवें, ताइवान की टीएसएमसी $1.72 ट्रिलियन के साथ छठे और ब्रॉडकॉम $1.669 ट्रिलियन के साथ सातवें नंबर पर हैं। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स $1.618 ट्रिलियन के साथ आठवें, सऊदी अरामको $1.564 ट्रिलियन के साथ नौवें और टेस्ला $1.493 ट्रिलियन के साथ दसवें स्थान पर है।

इस लिस्ट में अमेरिकी कंपनियां प्रमुख हैं, टॉप 10 में 8 अमेरिका की कंपनियां हैं। चीन की 10 कंपनियां भी टॉप 100 में शामिल हैं, जिनमें अलीबाबी, एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना, आईसीबीसी, चाइना कंसट्रक्शन बैंक, पेट्रोचाइना, बैंक ऑफ चाइना, Kweichow Moutai, सीएटीएल, चाइना मोबाइल और पिंग एन इंश्योरेंस शामिल हैं।

इस प्रकार, वैश्विक स्तर पर भारत की सर्वोच्च वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस ही देश की प्रतिष्ठा बचाए हुए है।

 

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