Tuesday, January 13

विदेशी निवेशक भारत से हुए शुद्ध बिकवाल, सालभर में निकाले ₹1.6 लाख करोड़

मुंबई। साल 2025 में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार से 1.6 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। निवेशकों की यह बेरुखी कई कारणों से जुड़ी है, जिसमें भारत के महंगे बाज़ार, अमेरिकी टैरिफ, और वैश्विक निवेश रुझान शामिल हैं।

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भारत महंगा, विदेशी निवेशक हिचकिचा रहे

विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार इस समय महंगा (highly valued) है। MSCI इंडिया डॉलर इंडेक्स का P/E मल्टीपल 26x है, जबकि MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स का P/E 17x है। इसके अलावा, अमेरिकी बाजार में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में तेज़ी देखी जा रही है, जिससे विदेशी निवेशक उभरते बाजारों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।

राजानी सिन्हा, चीफ इकॉनोमिस्ट, CareEdge Group के मुताबिक, “विदेशी संस्थागत निवेशक फिलहाल भारत की समग्र आर्थिक स्थिति से कम, बल्कि टैरिफ और सेक्टर-विशिष्ट रुझानों से प्रभावित हो रहे हैं। अमेरिकी टैरिफ की अनिश्चितता और ग्रोथ सेक्टर की ओर आकर्षण के कारण निवेशक भारत से दूरी बना रहे हैं।”

अमेरिका में AI निवेश आकर्षक

2025 में अमेरिका में AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में पूंजीगत व्यय (Capex) बढ़कर 527 अरब डॉलर होने की संभावना है। इसके कारण वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों की ओर अपनी पूंजी बढ़ा रहे हैं। हालांकि भारत के शेयर अभी भी मूल्यांकन में महंगे हैं और निवेशक तिमाही नतीजों या संभावित गिरावट का इंतज़ार कर रहे हैं।

भारतीय बाजार में उम्मीद की किरण

विशेषज्ञों का मानना है कि FY26 में भारत के शेयर बाजार में कमाई (earnings) में सुधार आएगा। Motilal Oswal की रिपोर्ट के अनुसार, Q3 FY26 की कमाई पिछले आठ तिमाहियों में सबसे मजबूत प्रदर्शन दिखा सकती है। बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी सालाना 13% की वृद्धि की उम्मीद है। इस रिकवरी के साथ, FY25 से चल रहे कमाई के डाउनसाइकिल का दौर समाप्त होने का संकेत मिलेगा।

निष्कर्ष

विदेशी निवेशक फिलहाल भारत से दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन बाजार के सुधार और अमेरिकी-भारत व्यापार समझौते जैसी सकारात्मक खबरों के साथ धीरे-धीरे निवेश का रुझान बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में भारतीय बाजार FIIs के लिए फिर आकर्षक बन सकता है।

 

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