
खरगोन/बड़वाह। इंदौर की भागीरथपुरा घटना के बाद मध्यप्रदेश में जलस्रोतों की सघन जांच के दौरान अब खरगोन जिले के बड़वाह में भी खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। बड़वाह की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पानी सप्लाई करने वाले कुएं की जांच रिपोर्ट में ई-कोलाई पाए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल कुएं से पानी की आपूर्ति बंद कर दी है। एहतियात के तौर पर रविवार रात उसी स्थान पर नया बोरवेल कराया गया है, जिससे अब पानी सप्लाई की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच
खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि इंदौर में हुई घटना के बाद जिलेभर के सार्वजनिक जलस्रोतों की जांच के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में बड़वाह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के कुएं की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच कराई गई, जिसमें ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई। रिपोर्ट मिलते ही इस कुएं से पानी पीने को असुरक्षित घोषित कर सप्लाई पर रोक लगा दी गई।
क्लोरीनेशन के बाद नहीं मिला बैक्टीरिया
कलेक्टर ने बताया कि कुएं में क्लोरीनेशन कराए जाने के बाद दोबारा जांच में ई-कोलाई की मौजूदगी नहीं पाई गई है। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि कुएं पर लगी जाली से कचरा अंदर जा रहा था और कबूतरों के बैठने से प्रदूषण फैल रहा था। इसके बाद निर्णय लिया गया है कि जिलेभर में जलस्रोतों को आयरन शीट से पूरी तरह ढका जाएगा, केवल सप्लाई आउटलेट खुला रहेगा।
जिलेभर में पानी के सैंपल की जांच
प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के 450 कुएं, शहरी क्षेत्र के 100 कुएं-बोरवेल और 1800 सार्वजनिक बोरवेल के पानी के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। बड़वाह, खरगोन, भीकनगांव और कसरावद में एनएबीएल अप्रूव्ड लैब में परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही पानी और सीवर लाइन की क्रॉसिंग में क्षतिग्रस्त स्थानों को भी चिन्हित कर सुधार किया जा रहा है।
200 परिवारों की सप्लाई प्रभावित
पीएचई बड़वाह के एसडीओ शुभम पटेल ने बताया कि इस कुएं से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के करीब 200 परिवारों को पानी सप्लाई होता था। ओवरहेड टैंक क्षतिग्रस्त होने के कारण सीधे कुएं से पानी दिया जा रहा था। ई-कोलाई की पुष्टि के बाद सप्लाई बंद कर दी गई है और सोमवार से पीएचई के नए बोरवेल से जलापूर्ति शुरू की जाएगी।
रहवासियों में दहशत
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि इलाके में समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं। पहले ड्रेनेज का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा, फिर सड़कें जर्जर हो गईं और अब पेयजल स्रोत दूषित पाए जाने से लोग भयभीत हैं। रहवासियों के अनुसार 70 से 80 प्रतिशत लोग पिछले तीन वर्षों से कैन का पानी खरीदकर पी रहे हैं, क्योंकि कुएं का पानी नहाने लायक भी नहीं था।
फिलहाल कोई बीमार नहीं
बड़वाह के एसडीएम सत्यनारायण दर्रो ने बताया कि कुएं की पूरी तरह सफाई कराई जा रही है। प्रत्येक घर का सर्वे कराया गया है और फिलहाल किसी भी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।