Friday, February 6

कांग्रेस का ‘हिंदू बनाम हिंदुत्व’, राहुल गांधी ने पहले भी दिए विवादास्पद बयान

नई दिल्ली: कांग्रेस या उसके समान विचारधारा वाले नेताओं ने लंबे समय से हिंदू और हिंदुत्व को अलग साबित करने की कोशिश की है। मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान से पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस विषय पर कई विवादास्पद टिप्पणियां कर चुके हैं।

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मैं हिंदू हूं, हिंदुत्ववादी नहीं

  • अगस्त 2018 में हैदराबाद में संपादकों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा था, “मैं सॉफ्ट या हार्ड कोर किसी भी तरह के हिंदुत्व में विश्वास नहीं करता।”
  • दिसंबर 2018 में जयपुर की महंगाई रैली में उन्होंने कहा, “मैं एक हिंदू हूं, लेकिन मैं हिंदुत्ववादी नहीं हूं।”

 

हिंदुत्ववादी सत्ता के प्यासे हैं

राहुल गांधी ने आगे कहा:

  • “महात्मा गांधी एक हिंदू थे, लेकिन नाथूराम गोडसे हिंदुत्ववादी था।”
  • “भगवद गीता हिंदुओं से कहता है सत्य की खोज करो। दूसरी तरफ हिंदुत्ववादियों को सत्य से कोई मतलब नहीं है। वे सत्ता के प्यासे हैं और नफरत से भरे हैं।”
  • उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के बाद हिंदुत्ववादी सत्ता में हैं, जबकि हिंदू सत्ता से बाहर हैं।

2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस को बीजेपी ने रिकॉर्ड जीत दिलाई।

 

हिंदुओं को हिंदुत्व की क्या जरूरत

  • नवम्बर 2021 में महाराष्ट्र के वर्धा में आयोजित कांग्रेस प्रशिक्षण कैंप में राहुल गांधी ने कहा:
    “हिंदू जब अपने धर्म का पालन करता है, तो उसे हिंदुत्व की क्या जरूरत है? हिंदुत्व किसी अन्य धर्म को दबाने के लिए है, लेकिन हिंदू धर्म ऐसा नहीं सिखाता।”

 

मणिशंकर अय्यर और महुआ मोइत्रा के बयान

  • मणिशंकर अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व का मतलब है डर में जी रहा हिंदू धर्म, और यह राजनीतिक चाल है।
  • टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा:
    “हिंदू धर्म मानने वाला व्यक्ति और मुसलमान के बीच प्यार की कल्पना कर सकता है, लेकिन हिंदुत्व को मानने वाला इसे ‘लव जिहाद’ बताएगा।”

 

निष्कर्ष:
कांग्रेस नेताओं का यह रुख हिंदू और हिंदुत्व के बीच अंतर करने की पुरानी कोशिश का हिस्सा है। राहुल गांधी से लेकर मणिशंकर अय्यर और महुआ मोइत्रा तक, सभी ने इस विषय पर विवादास्पद बयान दिए हैं, जो राजनीतिक बहस और समाज में व्यापक चर्चा का कारण बने हैं।

 

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