
नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का PSLV-C62 मिशन फेल हो गया। रॉकेट का लॉन्च सफल रहा, लेकिन तीसरे स्टेज के बाद तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। ISRO चीफ वी. नारायणन ने बताया कि व्हीकल की परफॉर्मेंस तीसरे स्टेज के अंत तक अपेक्षित रही, लेकिन इसके बाद फ्लाइट पाथ में डेविएशन देखा गया।
नारायणन ने कहा, “हम फिलहाल पूरी तरह से डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं। किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हमें सभी परिणामों की जांच करनी होगी।”
PSLV-C62 मिशन का महत्व
- यह मिशन राष्ट्रीय सुरक्षा और निगरानी के लिए अहम था।
- इसे कृषि, शहरी मैपिंग और पर्यावरण ऑब्जर्वेशन के लिए भी इस्तेमाल किया जाना था।
- मिशन में भारत और विदेशों से टेक्नोलॉजी प्रदर्शन उपग्रह शामिल थे, जिनमें AI प्रोसेसिंग, IoT सेवाएं, विकिरण माप और कृषि डेटा संग्रह जैसे एप्लिकेशन शामिल थे।
PSLV-C62 तकनीकी जानकारी
- लॉन्च: सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा के पहले लॉन्च पैड से।
- लंबाई: 44.4 मीटर
- वेरिएंट: PSLV-DL का पांचवां मिशन
- यह PSLV की 64वीं उड़ान थी।
- सभी 4 स्टेज सामान्य रूप से काम कर रहे थे, लेकिन तीसरे स्टेज के अंत में गड़बड़ी शुरू हुई।
पिछला अनुभव
पिछले साल 18 मई 2025 को भी PSLV-C61 मिशन तीसरे स्टेज में तकनीकी दिक्कत के कारण फेल हो गया था। उस मिशन में EOS-09 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका था।
अगला कदम: ISRO की टीम अब सभी डेटा का विस्तृत विश्लेषण कर रही है। इसके बाद ही मिशन की सफलता या असफलता के कारणों का अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।