
नई दिल्ली।
देश में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए UPSC और PSC परीक्षाएं हमेशा आकर्षण का केंद्र रही हैं। हालांकि, अक्सर अभ्यर्थियों में यह भ्रम रहता है कि दोनों एक जैसे हैं, जबकि UPSC और PSC में अधिकार, परीक्षाएं और सेवाओं के हिसाब से बड़ा अंतर है। तैयारी शुरू करने से पहले इन अंतर को समझना बेहद जरूरी है।
UPSC क्या है?
UPSC का फुल फॉर्म है Union Public Service Commission। यह देश का एक संवैधानिक निकाय है और सेंट्रल सिविल सर्विसेज के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है। UPSC के माध्यम से देशभर में IAS, IPS, IFS जैसी प्रमुख ग्रुप–ए सर्विसेज के अधिकारियों का चयन किया जाता है।
PSC क्या है?
PSC का फुल फॉर्म है Public Service Commission। यह राज्य स्तरीय संवैधानिक निकाय है और राज्य सरकार के तहत प्रशासनिक पदों के लिए उम्मीदवारों की भर्ती करता है। हर राज्य का अपना PSC होता है और यह केवल उस राज्य के पदों के लिए चयन प्रक्रिया संचालित करता है।
UPSC और PSC में मुख्य अंतर
| विषय | UPSC | PSC |
| पद स्तर | केंद्र और अखिल भारतीय सेवाएं | राज्य सरकार के पद |
| क्षेत्र | राष्ट्रीय स्तर | राज्य स्तरीय |
| सेवाएं | IAS, IPS, IFS, भारतीय वन सेवा, इंजीनियरिंग सेवा, रक्षा सेवा आदि | राज्य सिविल सेवा, राज्य पुलिस सेवा, तकनीकी एवं प्रशासनिक पद |
| परीक्षा पैटर्न | पद और सेवा के अनुसार अलग | राज्य सरकार की आवश्यकताओं के अनुसार अलग |
UPSC द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाएं
- IAS (Indian Administrative Service)
- IPS (Indian Police Service)
- IFS (Indian Foreign Service)
- भारतीय वन सेवा (IFS)
- इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (IES)
- संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (CDS)
- नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA)
- केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की भर्ती
PSC द्वारा आयोजित परीक्षाएं
- राज्य सिविल सेवा परीक्षा
- राज्य पुलिस सेवा परीक्षा
- राज्य सरकार के प्रशासनिक और तकनीकी पदों की भर्ती
निष्कर्ष:
अगर आपका लक्ष्य केंद्र सरकार में अधिकारी बनना है तो UPSC की तैयारी करनी होगी। वहीं, राज्य स्तर पर प्रशासनिक पद चाहते हैं तो PSC आपके लिए उपयुक्त है। तैयारी शुरू करने से पहले यह अंतर समझना आपके करियर के लिए निर्णायक साबित होगा।