Friday, January 9

यूपी में SIR: लखनऊ में सबसे अधिक, ललितपुर में सबसे कम वोटरों के नाम कटे

 

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उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित कर दी है। इस प्रक्रिया के दौरान राज्य में 18.70 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, लेकिन जिलावार आंकड़ों में भारी अंतर देखने को मिला है।

 

लखनऊ में सबसे अधिक नाम कटे

सबसे अधिक नाम कटने वाले जिलों में लखनऊ टॉप पर है। अक्टूबर 2025 की सूची के अनुसार लखनऊ में मतदाताओं की संख्या 39.94 लाख थी, लेकिन SIR प्रक्रिया के बाद यह घटकर 27.94 लाख हो गई। यानी लगभग 12 लाख मतदाताओं के नाम यानी 30.94 प्रतिशत हटाए गए हैं। इनमें 5.35 लाख स्थायी रूप से कहीं और चले गए, 4.27 लाख लापता पाए गए और 1.28 लाख मृत पाए गए।

 

ललितपुर में सबसे कम कटौती

वहीं, बुंदेलखंड के ललितपुर जिले में सबसे कम नाम हटाए गए हैं। यहां 95,000 वोटरों के नाम यानी कुल वोटरों का 9.95 प्रतिशत हटाया गया।

 

अन्य जिलों का हाल

प्रयागराज में लगभग 11.56 लाख नाम कटे, कानपुर नगर में 9 लाख, गाजियाबाद में 8.18 लाख और नोएडा में 4.47 लाख नाम हटाए गए। पश्चिमी यूपी में आगरा में 8.3 लाख, वाराणसी में 5.73 लाख, गोरखपुर में 6.45 लाख और रायबरेली व अमेठी में क्रमशः 3.48 लाख और 2.67 लाख नाम हटाए गए। समाजवादी पार्टी के गढ़ कन्नौज में 2.78 लाख वोटरों के नाम सूची से गायब हुए।

 

नाम कटने के कारण

चुनाव आयोग के अधिकारी बताते हैं कि नाम हटाने का कारण मतदाताओं की ओर से SIR फॉर्म न भरना, स्थायी रूप से कहीं और चले जाना, डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन या पता न मिलना है। मतदाता इन मामलों में फॉर्म-6 या फॉर्म-8 भरकर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

 

अब दावा-आपत्ति का समय

चुनाव आयोग ने मतदाताओं को नोटिस जारी किया है। अब 6 फरवरी तक दावा-आपत्ति करने वाले मतदाताओं के नाम उचित दस्तावेज और वेरिफिकेशन के बाद वोटर लिस्ट में फिर से शामिल किए जाएंगे।

 

इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि राज्य में मतदाता नामों के अपडेट में जिलावार अंतर काफी अधिक है, जिसमें शहरी क्षेत्र विशेषकर लखनऊ में सबसे अधिक नाम कटने का आंकड़ा सामने आया है।

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