
नई दिल्ली।
आईआईटी या एनआईटी नहीं, लेकिन छोटे शहर के टीयर-3 कॉलेज से पढ़ाई करने वाले एक युवा इंजीनियर ने महज दो साल में 24 लाख रुपये सालाना सैलरी पैकेज हासिल कर लिया। इस सफलता का राज है स्ट्रेटेजिक प्लानिंग, सही नेटवर्किंग और स्किल्स पर फोकस। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही स्टार्टअप्स में इंटर्नशिप करके अनुभव जुटाया और सीधे फुल-टाइम जॉब तक पहुंच गए।
छोटे कॉलेज से भी संभव है बड़ी सफलता
युवा इंजीनियर ने 2023 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की। कोरोना महामारी के कारण ज्यादातर पढ़ाई ऑनलाइन हुई और कॉलेज का प्लेसमेंट रिकॉर्ड भी खास नहीं था। इसके बावजूद, सही दिशा में मेहनत और रणनीति के दम पर उन्होंने सिर्फ 2 साल में 24 लाख सैलरी पैकेज तक पहुंच बनाई।
सफलता की रणनीति
- जॉब पोर्टल्स पर निर्भर न रहें: सीधे स्टार्टअप फाउंडर्स से संपर्क करें, खासकर उन कंपनियों में जिन्हें हाल ही में फंडिंग मिली हो।
- लिंक्डइन का सही इस्तेमाल: फाउंडर्स को प्रोफेशनल और पर्सनलाइज्ड मैसेज भेजें, जिसमें आपकी स्किल्स और योगदान को स्पष्ट किया गया हो।
- क्लैरिटी और रिसर्च: पहले कंपनी और फाउंडर के बारे में रिसर्च करें।
- संक्षिप्त और विनम्र मैसेज: सीधे नौकरी मांगने के बजाय अपनी वैल्यू दिखाएं।
कॉलेज के साथ इंटर्नशिप
इंजीनियर ने तीसरे साल में स्टार्टअप में सॉफ्टवेयर डेवलेपमेंट इंटर्न के रूप में काम किया। शुरुआती स्टाइपेंड 25,000 रुपये था, जो बेहतर प्रदर्शन के कारण बढ़कर 35,000 रुपये हुआ। फाइनल ईयर में उन्होंने दूसरा स्टार्टअप जॉइन किया और स्टाइपेंड 45,000 रुपये तक पहुंचा।
करियर ग्रोथ और टर्निंग प्वॉइंट
- पहला फुल-टाइम जॉब: 12 लाख रुपये सालाना पैकेज
- एक साल की मेहनत के बाद रिविजन: 18 लाख रुपये
- लगातार प्रदर्शन और अप्रेजल के बाद पैकेज 24 लाख रुपये तक बढ़ा
सफलता का संदेश
युवा इंजीनियर का कहना है कि बार-बार नौकरी बदलने के बजाय स्किल्स और एक्सपीरियंस पर फोकस करना ही लंबी अवधि में करियर ग्रोथ का सही तरीका है। उनका अनुभव यह साबित करता है कि टेलेंट और सही स्ट्रैटेजी से किसी भी बैकग्राउंड के छात्र बड़े पैकेज हासिल कर सकते हैं।
यह कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहर और छोटे कॉलेज से हैं, लेकिन बड़ी सफलता का सपना देखते हैं।