
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला डॉक्टर से यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपों में घिरे डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक को विश्वविद्यालय से निष्कासित करने की तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशाखा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर DGME को निष्कासन का प्रस्ताव भेजा है। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में रमीज मलिक KGMU का हिस्सा नहीं रहेंगे।
सस्पेंशन और जांच की स्थिति
डॉ. नाइक को 22 दिसंबर को ही सस्पेंड किया गया था और उन्हें कैंपस में प्रवेश से रोक दिया गया है। विशाखा कमेटी की जांच में आरोपी दोषी पाया गया। जांच के दौरान आरोपी ने दावा किया कि महिला डॉक्टर के साथ उनके संबंध आपसी सहमति से थे और स्वयं को अविवाहित बताया। विश्वविद्यालय में धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों की भी अलग जांच चल रही है।
पीड़िता ने जान देने का प्रयास किया
महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया कि डॉ. नाइक ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया, गर्भपात करवाया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। मानसिक प्रताड़ना के कारण पीड़िता ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
जांच कमेटियां और सिफारिशें
इस प्रकरण की जांच दो कमेटियां कर रही हैं। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच विशाखा कमेटी कर रही है, जबकि धर्मांतरण के मामले की जांच सात सदस्यीय कमेटी कर रही है, जिसमें एक रिटायर्ड डीजीपी भी शामिल हैं। विशाखा कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. मोनिका कोहली ने बताया कि आरोपी ने पीड़िता को भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। कमेटी ने आरोपी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई और पीड़िता को मदद देने की सिफारिश की है।
सोशल मीडिया पर धमकियां
KGMU प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि आरोपी ने पीड़िता की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी थी। पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। विश्वविद्यालय दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।