
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नकली दवाओं के कारोबार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रसिद्ध आयुर्वेदिक दवा ‘लिव-52’ के नकली संस्करण को बाजार में बेचने का आरोप एक गिरोह पर लगा है। हिमालय वैलनेस कंपनी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गाजियाबाद के मुरादनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में पता चला कि आरोपी मुकेश कुमार, जो एमपी ट्रेडिंग के प्रोपराइटर हैं, ने शातिर तरीके से इस गिरोह को चलाया। मुकेश कुमार ने मुरादनगर के आदर्श कॉलोनी में फर्जी पता देकर जीएसटी नंबर हासिल किया था, जबकि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस हापुड़ जिले से बनवाया गया था। जब पुलिस ने भौतिक सत्यापन किया तो पता चला कि जिस पते पर फर्म का नाम दर्ज था, वहां कोई भी फर्म मौजूद नहीं थी।
रसूखदार लोगों का हाथ?
सूत्रों के मुताबिक इस धोखाधड़ी में कुछ रसूखदार लोगों का हाथ हो सकता है, और आरोपियों ने बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेनदेन किया है। यह मामला तब सामने आया जब अलीगढ़ के एक विक्रेता को ‘लिव-52 DS’ की सप्लाई की गई, जिसमें पैकेजिंग और गुणवत्ता में अंतर था। विक्रेता ने शक के आधार पर हिमालय कंपनी से संपर्क किया और जांच में पुष्टि हुई कि यह दवा नकली है।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी मुकेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और औषधि एवं प्रशासन सामग्री अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस गैंग के पास भारी मात्रा में नकली दवाएं मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है, जिसे वे बाजार में खपाने की योजना बना रहे थे। पुलिस अब इस सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई है।
यह घटना गाजियाबाद में नकली दवाओं के कारोबार के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को भी उजागर करती है।