Saturday, January 3

हिमालय बचाने में जुटी स्पेन की जेमा, अब तक 300 किलो कचरा ढो कर लाई नीचे

 

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देहरादून: हिमालय सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक नहीं, बल्कि हमारी महत्त्वपूर्ण धरोहर है। लेकिन सैलानियों और पर्यटकों द्वारा पहाड़ों में छोड़ा गया प्लास्टिक कचरा इसे लगातार नुकसान पहुंचा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए स्पेन की नागरिक जेमा कोलेल अब उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो गई हैं।

 

जेमा वर्ष 2023 में योगाभ्यास और पहाड़ों की शांति का अनुभव करने के लिए उत्तराखंड आई थीं। चमोली जिले के लोहाजंग निवासी मनोज राणा के सहयोग से उन्होंने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फैले प्लास्टिक कचरे को देखा और हिमालय की सफाई अभियान शुरू कर दी। अब तक जेमा ने 300 किलो से अधिक प्लास्टिक कचरा अपनी पीठ पर ढो कर नीचे लाया है।

 

स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अभियान

जेमा केवल कचरा ढोने तक सीमित नहीं हैं। वह लोहाजंग के स्थानीय लोगों को भी जागरूक कर रही हैं कि हिमालय को साफ-सुथरा रखना हर किसी की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि यदि पर्यटक और स्थानीय लोग अपना कचरा साथ लेकर वापस नहीं जाएंगे, तो हिमालय केवल तस्वीरों में ही दिखाई देगा।

 

‘द 108 पीक-क्लीन माउंटेन सेफ माउंटेन’ समूह

जेमा और मनोज ने मिलकर ‘द 108 पीक-क्लीन माउंटेन सेफ माउंटेन’ नामक समूह बनाया है। इसके जरिए दोनों न केवल पर्वतारोहण करवा रहे हैं, बल्कि हिमालय को साफ रखने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को स्कूलों, गांवों और ट्रैकिंग रूट पर जाकर लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

 

सैलानियों को संदेश

जेमा ने औली वेदनी बुग्याल, चंद्रशिला, धर्मावली और लॉर्ड कर्जन ट्रैक सहित कई क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया है। उनका मानना है कि यदि पहाड़ों पर आने वाले पर्यटक अपना कचरा स्वयं साथ लेकर आएं, तो हिमालय हमेशा स्वच्छ और सुंदर बना रहेगा।

 

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