
भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जिसने पूरे मध्य प्रदेश में सनसनी फैला दी है। इस खौफनाक घटना ने राजधानी भोपाल के प्रशासन की नींद उड़ा दी है। भोपाल की महापौर मालती राय ने फौरन पूरे नगर निगम की इंजीनियरिंग टीम को सड़कों पर उतारकर पाइपलाइन की जांच का आदेश दिया है।
पुरानी पाइपलाइनें बन रही मौत का कारण?
महापौर ने सब-इंजीनियर और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया है कि वे अपने इलाकों में उतरकर पाइपलाइन का निरीक्षण करें और हर रिपोर्ट पल-पल नगर निगम को भेजें। चिंता इस बात की है कि शहर में बिछी पुरानी और जर्जर पाइपलाइनें कहीं सीवेज के गंदे नालों से मिलकर पानी में जहरीला तत्व तो नहीं मिला रही। अगर ऐसा हुआ, तो भोपाल के घरों में भी मौत का पानी पहुंचने का खतरा बढ़ जाएगा।
अवधपुरी में जांच शुरू, सैंपल लिए गए
नगर निगम की टीम बुधवार को अवधपुरी के उन इलाकों में पहुंची, जहां हाल ही में पीएनजी पाइपलाइन फटने से हड़कंप मचा था। टीम ने घरों से पानी के सैंपल भरे हैं और जांच शुरू कर दी है। रोजाना आने वाली सीवेज की शिकायतों ने प्रशासन में यह शक बढ़ा दिया है कि कहीं राजधानी का पानी भी दूषित तो नहीं।
भोपाल को पहले भी भुगतना पड़ा हादसा
भोपालवासियों को अभी भी ईदगाह हिल्स में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना याद है, जब 10 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच गए थे। इंदौर की ताजा मौतों ने उसी पुराने जख्म को हरा कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और राजधानी की पाइपलाइन व्यवस्था सुरक्षित है या नहीं।
नगर निगम ने चेताया नागरिकों को सावधानी बरतने के लिए
महापौर ने शहरवासियों से अपील की है कि वे फिलहाल केवल सुरक्षित पानी का ही सेवन करें और किसी भी संदिग्ध पानी का इस्तेमाल न करें। पानी की आपूर्ति और गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यह मामला मध्य प्रदेश में जल सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर करता है और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता को और मजबूत करता है।