Sunday, April 5

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भारत का पहला ऑफलाइन AI प्लेटफॉर्म, Sarvam Edge लॉन्च: फोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट चलेगा AI
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भारत का पहला ऑफलाइन AI प्लेटफॉर्म, Sarvam Edge लॉन्च: फोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट चलेगा AI

नई दिल्ली: भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI ने भारत में Sarvam Edge नामक नया AI प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया है, जो फोन और लैपटॉप पर बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करेगा। इसका उद्देश्य AI तकनीक को आम लोगों तक पहुँचाना है, चाहे वे महंगे इंटरनेट प्लान या क्लाउड सर्वर का उपयोग न कर सकें। ऑन-डिवाइस AI का नया युग Sarvam Edge अपने डिवाइस की प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल करता है और डेटा को क्लाउड पर भेजे बिना काम करता है। इसका मतलब है कि आपका डेटा 100% सुरक्षित रहेगा। प्लेटफॉर्म 10 प्रमुख भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और यह खुद पहचान लेता है कि आप कौन सी भाषा बोल रहे हैं। Sarvam Edge ऑफलाइन भी स्पीच-टू-टेक्स्ट, ट्रांसलेशन और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी भारी-भरकम प्रक्रियाएं कर सकता है। इससे नेटवर्क की समस्या के चलते काम रुकने की चिंता नहीं रहेगी। स्मार्टफोन और लैपटॉप के लिए खास डिजाइन Sarvam AI ने Sarvam Ed...
भारत में ChatGPT का दबदबा, हर हफ्ते 10 करोड़ एक्टिव यूजर्स के साथ बना अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार
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भारत में ChatGPT का दबदबा, हर हफ्ते 10 करोड़ एक्टिव यूजर्स के साथ बना अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार

नई दिल्ली: इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 से पहले OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने खुलासा किया कि भारत में हर हफ्ते 10 करोड़ (100 मिलियन) एक्टिव ChatGPT यूजर्स हैं। यह आंकड़ा भारत को अमेरिका के बाद ChatGPT का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बनाता है। युवा और छात्र बन रहे प्रमुख यूजर ऑल्टमैन ने बताया कि भारत में सबसे ज्यादा ChatGPT का इस्तेमाल छात्रों द्वारा किया जा रहा है। भारतीय छात्रों ने इसे पढ़ाई, प्रोजेक्ट, इंटरव्यू तैयारी और अन्य लर्निंग वर्कफ्लो में अपनाया है। इसी वजह से भारत AI कंपनियों के लिए एक बड़ा ग्रोथ सेगमेंट बन गया है। भारत में OpenAI की रणनीति काम आई OpenAI ने भारत की युवा आबादी और एक अरब से अधिक इंटरनेट यूजर्स को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बनाई। अगस्त 2025 में नई दिल्ली में OpenAI का ऑफिस खोला गया और भारत के प्राइस-सेंसिटिव मार्केट के लिए खास प्लान पेश किए। इनमें 5 डॉलर (लगभग 450 रुपये...
देश का पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल, बेहतरीन फिल्मों को मिलेगा लाखों का इनाम
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देश का पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल, बेहतरीन फिल्मों को मिलेगा लाखों का इनाम

नई दिल्ली: 16 फरवरी, 2026 से भारत मंडपम में शुरू हो रही इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 के तहत 17 फरवरी को पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल (IAFF) आयोजित किया जाएगा। इस फेस्टिवल का आयोजन कुतुब मीनार में होगा और इसमें 500 से अधिक ग्लोबल लीडर, टेक दिग्गज और नीति निर्माता शामिल होंगे। इवेंट में फिल्मों की स्क्रीनिंग, पैनल डिस्कशन और 12,000 डॉलर (लगभग 11 लाख रुपये) के पुरस्कार के साथ एक अवॉर्ड सेरेमनी होगी। IAFF का उद्देश्य ग्लोबल AI इनोवेशन को भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के साथ जोड़ना और AI विजुअल स्टोरीटेलिंग में नई दिशा दिखाना है। कौन-कौन होंगे शामिल फेस्टिवल में मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, OpenAI, गूगल और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के लीडर्स, निवेशक और पॉलिसीमेकर हिस्सा लेंगे। खास स्पीकर्स में एनवीडिया के एशिया साउथ मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल धूपर भी शामिल हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा इवेंट की शुरुआत रेड-कार्प...
ChatGPT की ताकत बढ़ाने OpenClaw के क्रिएटर पीटर स्टीनबर्गर हुए OpenAI में शामिल
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ChatGPT की ताकत बढ़ाने OpenClaw के क्रिएटर पीटर स्टीनबर्गर हुए OpenAI में शामिल

नई दिल्ली: OpenClaw बनाने वाले मशहूर टेक एक्सपर्ट पीटर स्टीनबर्गर अब OpenAI के साथ जुड़ गए हैं। उनके आने से ChatGPT और अन्य AI एजेंट्स और अधिक एडवांस और आसान इस्तेमाल वाले बनेंगे। पीटर स्टीनबर्गर ने बताया कि उनका उद्देश्य AI को इतना सरल बनाना है कि उनकी मां भी इसे बिना किसी तकनीकी ज्ञान के इस्तेमाल कर सकें। OpenAI के साथ जुड़कर वह पर्सनल AI एजेंट्स के विकास पर काम करेंगे, जो ईमेल मैनेज करना, रेस्टोरेंट बुक करना और फ्लाइट चेक-इन जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों को आसान बनाएंगे। OpenClaw का भविष्य OpenClaw, जिसे पहले ClawBot के नाम से भी जाना जाता था, अब फाउंडेशन के तौर पर ओपन-सोर्स बना रहेगा। OpenAI इसे सपोर्ट करती रहेगी। पीटर ने कहा कि OpenAI जैसी संस्था के साथ जुड़ना उनके प्रोजेक्ट को तेज़ी से दुनिया के सबसे एडवांस AI मॉडल तक पहुँचाने का रास्ता है। अगला मिशन पीटर का अगला लक्ष्य AI को इतना...
भारत मंडपम में इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 का आयोजन, ग्लोबल टेक दिग्गजों का जमावड़ा
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भारत मंडपम में इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 का आयोजन, ग्लोबल टेक दिग्गजों का जमावड़ा

नई दिल्ली: भारत मंडपम में सोमवार से इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 का पांच दिवसीय कार्यक्रम शुरू हो गया। यह ग्लोबल साउथ की पहली बड़ी AI समिट है, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वास्तविक असर और समाज पर इसके लाभ को आम जनता तक पहुँचाना है। समिट की थीम है – “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय”, यानी AI तकनीक का उपयोग सभी के भले और खुशहाली के लिए होना चाहिए। समिट में दुनिया के बड़े टेक्नॉलॉजी दिग्गज जैसे सुंदर पिचाई (Google), सैम ऑल्टमैन (OpenAI), यान लेकुन (Meta), डेमिस हसाबिस (DeepMind), ब्रैड स्मिथ (Microsoft) और क्रिस्टियानो एमोन (Qualcomm) शामिल हैं। इसके अलावा भारत के प्रमुख उद्योगपति जैसे मुकेश अंबानी (RIL), नटराजन चंद्रशेखरन (Tata), नंदन नीलेकणी (Infosys), सुनील भारती मित्तल (Bharti Enterprises) भी इसमें भाग ले रहे हैं। समिट में क्या होगा इस समिट में सिर्फ चर्चा ही नहीं होगी...
Aadhaar Card New Design: आधार कार्ड पर सिर्फ फोटो और QR कोड, नए आधार ऐप के चलते बदलाव की तैयारी
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Aadhaar Card New Design: आधार कार्ड पर सिर्फ फोटो और QR कोड, नए आधार ऐप के चलते बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली: आने वाले समय में आपका आधार कार्ड पूरी जानकारी दिखाने की बजाय सिर्फ फोटो और QR कोड तक सीमित हो सकता है। जानकारी के अनुसार, UIDAI यह कदम यूजर्स की प्राइवेसी की सुरक्षा और नए आधार ऐप के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए उठा सकता है। फिलहाल सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। नया आधार कार्ड कैसा होगा? सूत्रों और टिप्सटर्स की मानें तो फिजिकल आधार कार्ड से संपर्क विवरण, जन्म तिथि, लिंग और अन्य व्यक्तिगत जानकारी हटा दी जाएगी। कार्ड पर केवल आधार धारक की फोटो और QR कोड ही दिखाई देंगे। QR कोड स्कैन करने पर नए आधार ऐप के माध्यम से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी। सिर्फ फोटो-QR कोड से क्या फायदा? प्राइवेसी बढ़ेगी: कार्ड पर सारी जानकारी मौजूद नहीं होने से डेटा लीक या साइबर फ्रॉड का खतरा कम होगा। डिजिटल पहचान को बढ़ावा: नया आधार ऐप उपयोगकर्ताओं को अपनी डिजिटल पहचा...
Jio की बड़ी छलांग: Google और Microsoft के साथ मिलकर बनाया Trusted Tech Alliance, भारत को मिलेगा ग्लोबल फायदा
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Jio की बड़ी छलांग: Google और Microsoft के साथ मिलकर बनाया Trusted Tech Alliance, भारत को मिलेगा ग्लोबल फायदा

नई दिल्ली: रिलायंस जियो ने वैश्विक स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में 15 दिग्गज टेक कंपनियों ने मिलकर Trusted Tech Alliance (TTA) की स्थापना की। इसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं और भारत से Jio Platforms इस एलायंस का इकलौता सदस्य बना है। इसका लक्ष्य AI, 5G और क्लाउड टेक्नोलॉजी के लिए ऐसे सुरक्षित और भरोसेमंद नियम बनाना है, जिससे डेटा चोरी का खतरा कम हो और तकनीक पूरी तरह पारदर्शी बने। एलायंस में शामिल दिग्गज TTA के संस्थापक सदस्यों में अमेज़न वेब सर्विसेज, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल क्लाउड, एरिक्सन, नोकिया, SAP, NTT सहित कुल 15 कंपनियां शामिल हैं। एलायंस का लक्ष्य डिजिटल टेक्नोलॉजी के उच्च मानक और भरोसेमंद संचालन को बढ़ावा देना है। Jio का संकल्प जियो प्लेटफॉर्म्स के सीईओ किरण थॉमस ने कहा, “विश्व स्तर पर डिजिटल विकास को गति देने ...
वेनेजुएला के राष्ट्रपति को पकड़ने में अमेरिका ने एंथ्रोपिक AI की मदद ली, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति को पकड़ने में अमेरिका ने एंथ्रोपिक AI की मदद ली, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

नई दिल्ली: अमेरिका ने इस साल जनवरी में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके निवास से अगवा करने के ऑपरेशन में एंथ्रोपिक के AI मॉडल Claude का इस्तेमाल किया। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में सामने आई है। इस घटना ने दुनिया में सैन्य अभियानों में AI के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। AI मॉडल Claude की भूमिका रिपोर्ट के अनुसार, मादुरो को पकड़ने के ऑपरेशन में Claude AI ने महत्वपूर्ण डेटा एनालिसिस और मिशन प्लानिंग में मदद की। AI का इस्तेमाल Palantir Technologies के प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया, जो अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए महत्वपूर्ण डेटा टूल है। यह पहला मौका है जब कमर्शियल AI को बड़े सैन्य ऑपरेशन में शामिल किया गया। एंथ्रोपिक की नीति और पेंटागन का दबाव एंथ्रोपिक की पॉलिसी में किसी भी तरह की हिंसा, हथियार निर्माण या निगरानी के लिए AI...
पुराने चालान का निपटारा अब घर बैठे डिजिटल लोक अदालत से, जानें स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
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पुराने चालान का निपटारा अब घर बैठे डिजिटल लोक अदालत से, जानें स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

नई दिल्ली: अगर आपकी गाड़ी या बाइक का चालान बकाया है, तो अब डिजिटल ट्रैफिक लोक अदालत पोर्टल के जरिए आप घर बैठे ही उसका निपटारा कर सकते हैं। यह पोर्टल चालान देखने, कोर्ट और समय चुनने की सुविधा देता है और रियल टाइम में निपटारा अपडेट करता है। डिजिटल ट्रैफिक लोक अदालत पोर्टल के फायदे चालान निपटारे की प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी। पेंडिंग चालान की जानकारी तुरंत अपडेट हो जाती है। बार-बार कोर्ट का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं। घर या दफ्तर के पास की कोर्ट और समय स्लॉट चुनकर चालान का निपटारा किया जा सकता है। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस अपने ब्राउज़र में traffic.delhipolice.gov.in/lokadalat खोलें। होम पेज पर अपनी गाड़ी का नंबर और वेरिफिकेशन कोड डालकर सर्च पर क्लिक करें। रजिस्टर्ड नंबर पर आए OTP को दर्ज करके वेरिफाई करें। वेरिफिकेशन के बाद स्क्रीन पर सभी...
पासवर्ड चोरी हो जाए तो भी Gmail रहेगा सुरक्षित, फोन में सेटअप करें Google Authenticator
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पासवर्ड चोरी हो जाए तो भी Gmail रहेगा सुरक्षित, फोन में सेटअप करें Google Authenticator

नई दिल्ली: आज के डिजिटल युग में Gmail ID हैक होना सिर्फ आपके ईमेल तक सीमित नहीं रहता। बैंक अकाउंट, सोशल मीडिया और निजी फ़ाइलें भी खतरे में पड़ सकती हैं। ऐसे में Google Authenticator ऐप आपकी Gmail ID को हैक-प्रूफ बनाने का सबसे भरोसेमंद तरीका है। Google Authenticator क्या है और क्यों जरूरी? यह ऐप आपके फोन पर हर 30 सेकंड में एक नया कोड जेनरेट करती है। Gmail में लॉगिन करने के लिए अब केवल पासवर्ड ही नहीं बल्कि इस ऐप द्वारा जेनरेट कोड की भी जरूरत होती है। इसका मतलब है कि पासवर्ड चोरी हो जाने पर भी हैकर आपके अकाउंट में नहीं घुस सकता। यह पूरी तरह ऑफलाइन काम करता है, इसलिए नेटवर्क न होने पर भी आपका अकाउंट सुरक्षित रहता है। Google Authenticator ऐप कैसे सेटअप करें अपने फोन में Google Authenticator ऐप डाउनलोड करें (Play Store / App Store)। कंप्यूटर या फोन के ब...