Friday, January 2

कर्नाटक सरकार के सर्वे में राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ अभियान को झटका, 91% लोगों ने चुनाव को बताया निष्पक्ष

 

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बेंगलुरु।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के ही एक सर्वेक्षण ने कमजोर कर दिया है। राज्य सरकार की ओर से कराए गए सर्वे में 91 प्रतिशत से अधिक लोगों ने माना है कि देश और राज्य में चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जा रहे हैं। इस रिपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और चुनाव आयोग पर भी जनता ने भरोसा जताया है।

 

कांग्रेस सरकार की एजेंसी ने कराया सर्वे

 

‘लोकसभा चुनाव 2024 – नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार’ विषय पर कराए गए इस अंतिम सर्वेक्षण में कर्नाटक के बेंगलुरु, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूरु डिवीजन के 102 विधानसभा क्षेत्रों में 5,100 लोगों से बातचीत की गई।

सर्वे के अनुसार, 91.31 प्रतिशत नागरिकों का मानना है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होते हैं।

 

क्षेत्रवार आंकड़ों में भी दिखा भरोसा

 

कलबुर्गी डिवीजन में 84.67 प्रतिशत लोगों ने चुनाव को निष्पक्ष बताया, जबकि 10.19 प्रतिशत ने इसे पूरी तरह निष्पक्ष माना।

बेलगावी डिवीजन में 69.62 प्रतिशत लोगों ने निष्पक्षता पर भरोसा जताया और 19.24 प्रतिशत ने इसे पूरी तरह निष्पक्ष कहा।

मैसूरु डिवीजन में 72.08 प्रतिशत लोगों ने चुनावी व्यवस्था पर भरोसा जताया, जबकि 15.08 प्रतिशत ने इसे पूरी तरह निष्पक्ष माना।

 

ईवीएम और चुनाव आयोग को भी ‘क्लीन चिट’

 

सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को भरोसेमंद बताया। साथ ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी जनता ने विश्वास जताया। यह निष्कर्ष राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे चुनावी धांधली और वोट चोरी के आरोपों के विपरीत नजर आता है।

 

बीजेपी का हमला, ‘कांग्रेस के मुंह पर तमाचा’

 

सर्वे रिपोर्ट सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि यह सर्वे कांग्रेस के मुंह पर तमाचा है। उन्होंने कहा कि जहां नागरिक चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा जता रहे हैं, वहीं कांग्रेस बेवजह संदेह पैदा कर रही है।

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राहुल गांधी को ‘लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा’ बताते हुए कहा कि उनकी अपनी ही सरकार के सर्वे ने वोट चोरी के आरोपों को झूठा साबित कर दिया है।

 

राहुल गांधी ने पहले लगाए थे गंभीर आरोप

 

गौरतलब है कि लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। सितंबर 2025 में कर्नाटक में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट से हटाए गए।

इस मामले में राज्य के आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखा था और राज्य सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया था।

 

राजनीतिक बहस तेज

 

कर्नाटक सरकार के इस सर्वे ने अब चुनावी निष्पक्षता को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। जहां बीजेपी इसे कांग्रेस के आरोपों की पोल खोलने वाला बता रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से इस रिपोर्ट पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

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