Friday, January 2

124 सालों में छठा सबसे सूखा दिसंबर हिमाचल में 99 प्रतिशत कम बारिश, मौसम विभाग ने जारी किए आंकड़े

 

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में दिसंबर 2025 पिछले 124 वर्षों में छठा सबसे कम बारिश वाला महीना दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश में दिसंबर माह के दौरान मात्र 0.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर इस महीने में 38.1 मिलीमीटर वर्षा होती है। इस तरह प्रदेश में दिसंबर के दौरान 99 प्रतिशत तक बारिश की भारी कमी दर्ज की गई।

 

इतिहास में दर्ज हुआ सूखा दिसंबर

 

शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि इससे पहले वर्ष 1902, 1907, 1925, 1939 और 1993 में दिसंबर माह में प्रदेश में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई थी। वहीं, दिसंबर 1929 अब तक का सबसे अधिक बारिश वाला महीना रहा, जब प्रदेश में 176 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

 

मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर 2025 में केवल तीन दिन ही हल्की बारिश दर्ज की गई, शेष पूरा महीना पूरी तरह सूखा रहा। इस दौरान ठंड का प्रकोप भी बढ़ा रहा और 20 व 31 दिसंबर को ऊना में कड़ाके की ठंड दर्ज की गई।

 

सभी जिलों में बारिश की भारी कमी

 

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लाहुल-स्पीति जिले में 99 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के शेष 12 जिलों में 100 प्रतिशत बारिश की कमी पाई गई। इससे कृषि, बागवानी और जल स्रोतों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

 

पोस्ट मानसून सीजन भी रहा कमजोर

 

मौसम विभाग ने बताया कि 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक के पोस्ट मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य 82.9 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले केवल 69.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यह वर्ष 1901 के बाद से 58वां सबसे कम बारिश वाला पोस्ट मानसून सीजन रहा।

 

हालांकि अक्टूबर 2025 में प्रदेश में सामान्य से 173 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी, लेकिन नवंबर में 95 प्रतिशत और दिसंबर में 99 प्रतिशत बारिश की कमी ने पूरे सीजन के औसत को नीचे गिरा दिया।

 

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में भी बारिश और बर्फबारी सामान्य से कम रही, तो इसका सीधा असर जलस्तर, फसलों और पर्यटन पर पड़ सकता है।

 

 

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