Monday, June 22

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ताइवान को हथियार बेचने पर चीन का कड़ा पलटवार, ट्रंप के फैसले से भड़का बीजिंग; 20 अमेरिकी रक्षा कंपनियों पर प्रतिबंध
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ताइवान को हथियार बेचने पर चीन का कड़ा पलटवार, ट्रंप के फैसले से भड़का बीजिंग; 20 अमेरिकी रक्षा कंपनियों पर प्रतिबंध

  ताइवान को हथियारों की बिक्री को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा ताइवान को 11.1 अरब डॉलर के रिकॉर्ड हथियार पैकेज की मंजूरी दिए जाने पर चीन आगबबूला हो गया है। इस फैसले के जवाब में बीजिंग ने 20 अमेरिकी रक्षा कंपनियों और 10 वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है और अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।   चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि ताइवान का मुद्दा उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा है और यह चीन-अमेरिका संबंधों की रेड लाइन है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि इस सीमा को पार करने की किसी भी कोशिश का सख्त और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।   20 कंपनियों पर बैन, लेकिन सीमित असर   चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिन अमेरिकी रक्षा कंपनियों और अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए...
पाकिस्तान से बातचीत के रास्ते बंद नहीं, तालिबान का सुलह का संकेत — टीटीपी मुद्दे पर बातचीत को तैयार काबुल
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पाकिस्तान से बातचीत के रास्ते बंद नहीं, तालिबान का सुलह का संकेत — टीटीपी मुद्दे पर बातचीत को तैयार काबुल

  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच तालिबान सरकार की ओर से रिश्ते सुधारने का अहम संकेत मिला है। अफगान तालिबान सरकार के गृह मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं और मौजूदा विवादों को संवाद के जरिए सुलझाया जा सकता है।   शुक्रवार को काबुल में दिए गए बयान में हक्कानी ने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अगर किसी को इस बारे में कोई शक या गलतफहमी है, तो हम उसे दूर करने के लिए तैयार हैं। अफगानिस्तान किसी भी देश या क्षेत्र के लिए खतरा नहीं है।” हालांकि उन्होंने पाकिस्तान का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर इस्लामाबाद की ओर माना जा रहा है।   सीमा तनाव और ठप व्यापार के बीच सुलह का संदेश   डॉन की रिप...
रूस युद्ध रोके तो हम सीजफायर को तैयार, ट्रंप से मुलाकात से पहले जेलेंस्की का बड़ा ऐलान
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रूस युद्ध रोके तो हम सीजफायर को तैयार, ट्रंप से मुलाकात से पहले जेलेंस्की का बड़ा ऐलान

  यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि यदि रूस युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमत होता है, तो यूक्रेन शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रस्तावित बैठक से पहले जेलेंस्की के इस बयान को युद्ध समाप्ति की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।   जेलेंस्की ने बताया कि रविवार को फ्लोरिडा में होने वाली बैठक में वह राष्ट्रपति ट्रंप के साथ यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी, युद्धविराम के ढांचे और शांति समझौते के संभावित रोडमैप पर चर्चा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस यदि कम से कम 60 दिनों के सीजफायर पर सहमत होता है, तो यूक्रेन इस प्रस्ताव को जनमत संग्रह के जरिए जनता के सामने रखने को तैयार है।   60 दिन के सीजफायर पर क्यों जोर   जनमत संग्रह की शर्त स्पष्ट करते हुए जेलें...
रूस युद्ध रोके तो हम सीजफायर को तैयार, ट्रंप से मुलाकात से पहले जेलेंस्की का बड़ा ऐलान
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रूस युद्ध रोके तो हम सीजफायर को तैयार, ट्रंप से मुलाकात से पहले जेलेंस्की का बड़ा ऐलान

  यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि यदि रूस युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमत होता है, तो यूक्रेन शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रस्तावित बैठक से पहले जेलेंस्की के इस बयान को युद्ध समाप्ति की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।   जेलेंस्की ने बताया कि रविवार को फ्लोरिडा में होने वाली बैठक में वह राष्ट्रपति ट्रंप के साथ यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी, युद्धविराम के ढांचे और शांति समझौते के संभावित रोडमैप पर चर्चा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस यदि कम से कम 60 दिनों के सीजफायर पर सहमत होता है, तो यूक्रेन इस प्रस्ताव को जनमत संग्रह के जरिए जनता के सामने रखने को तैयार है।   60 दिन के सीजफायर पर क्यों जोर   जनमत संग्रह की शर्त स्पष्ट करते हुए जेलें...
छप्पर फाड़कर बरसा धन! क्रिसमस से पहले 16,165 करोड़ रुपये का जैकपॉट, एक झटके में बदल गई जिंदगी
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छप्पर फाड़कर बरसा धन! क्रिसमस से पहले 16,165 करोड़ रुपये का जैकपॉट, एक झटके में बदल गई जिंदगी

  पुराना साल जाते-जाते एक व्यक्ति के लिए किस्मत का ऐसा दरवाजा खोल गया, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर अमेरिका के अर्कांसस राज्य में एक पॉवरबॉल खिलाड़ी ने 1.817 अरब डॉलर (करीब 16,165 करोड़ रुपये) का ऐतिहासिक जैकपॉट जीत लिया। यह दुनिया का अब तक का दूसरा सबसे बड़ा लॉटरी पुरस्कार माना जा रहा है।   ड्रॉ में विजेता टिकट के सभी छह नंबर—4, 25, 31, 52, 59 और लाल पॉवरबॉल 19—सही निकले। इसके साथ ही विजेता के पास 29 वर्षों में किश्तों के रूप में पूरी राशि लेने या 834.9 मिलियन डॉलर (कर-पूर्व) की एकमुश्त नकद राशि चुनने का विकल्प है। नए साल से ठीक पहले इस जीत ने उस व्यक्ति की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है।   विजेता की पहचान गोपनीय बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, लॉटरी संचालक ने विजेता की पहचान उजागर नहीं की है। यह अर्कांसस में बेचे गए टिकट से पॉवरबॉल जैकपॉट ज...
मोदी की लाहौर यात्रा के 10 साल शांति की उम्मीद से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक: कैसे बदली भारत–पाकिस्तान की कहानी
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मोदी की लाहौर यात्रा के 10 साल शांति की उम्मीद से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक: कैसे बदली भारत–पाकिस्तान की कहानी

    आज से ठीक दस साल पहले, 25 दिसंबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक लाहौर पहुंचकर न सिर्फ पाकिस्तान, बल्कि पूरी दुनिया को चौंका दिया था। यह वही दिन था, जब मोदी ने सुबह का नाश्ता काबुल में किया, दोपहर का भोजन लाहौर में और रात का डिनर दिल्ली में। महज दो घंटे की यह यात्रा भारत–पाकिस्तान संबंधों के इतिहास में शांति की एक नई उम्मीद के रूप में दर्ज हुई थी।   तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ थे। मोदी का लाहौर पहुंचना इतना अप्रत्याशित था कि दोनों देशों के राजनयिक तंत्र तक को इसकी भनक नहीं थी। नवाज शरीफ के पारिवारिक समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी, गले मिलना और गर्मजोशी भरी बातचीत ने यह संकेत दिया था कि शायद उपमहाद्वीप की सबसे पुरानी दुश्मनी अब संवाद के रास्ते पर आगे बढ़ेगी।   उम्मीदें टूटीं, भरोसा चकनाचूर   लेकिन यह उम्मीद ज्यादा दिनों तक ...
बलूचिस्तान अटल बिहारी वाजपेयी को नहीं भूल सकता बलोच नेता मीर यार को क्यों याद आए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री?
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बलूचिस्तान अटल बिहारी वाजपेयी को नहीं भूल सकता बलोच नेता मीर यार को क्यों याद आए भारत के पूर्व प्रधानमंत्री?

  इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत से एक बार फिर ऐसा बयान सामने आया है, जिसने दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। बलूचिस्तान की निर्वासित सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले अलगाववादी नेता मीर यार बलूच ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि बलूचिस्तान के लोग आज भी वाजपेयी को याद करते हैं और उनकी विरासत का सम्मान करते हैं।   पाकिस्तानी सरकार और सेना के कट्टर आलोचक मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर वाजपेयी की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें “ईमानदारी, शालीनता और नैतिक साहस का प्रतीक” बताया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल भारत के ही नहीं, बल्कि पूरे उपमहाद्वीप के लिए एक असाधारण राजनेता थे।   “वाजपेयी जैसे नेता कभी खत्म नहीं होते”   मीर यार बलूच ने अपने संदेश में ...
असीम मुनीर का CDF बनना ‘हराम’? पाकिस्तानी मुफ्ती के बयान से सेना के खिलाफ धार्मिक मोर्चा, शहबाज शरीफ संकट में
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असीम मुनीर का CDF बनना ‘हराम’? पाकिस्तानी मुफ्ती के बयान से सेना के खिलाफ धार्मिक मोर्चा, शहबाज शरीफ संकट में

  इस्लामाबाद। पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाए जाने के बाद सियासी विवाद अब धार्मिक रंग लेने लगा है। इस पद को बनाने वाले 27वें संवैधानिक संशोधन पर अब सीधे इस्लामी सिद्धांतों के उल्लंघन का आरोप लगा है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम–फजल (JUI-F) से जुड़े वरिष्ठ इस्लामी विद्वान और मुफ्ती तकी उस्मानी ने असीम मुनीर को दी गई आजीवन कानूनी छूट को “इस्लामी दृष्टि से हराम” करार दिया है।   मुफ्ती तकी उस्मानी के इस बयान ने न सिर्फ पाकिस्तान की सैन्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया है।   ‘जवाबदेही से ऊपर कोई नहीं’   CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, मुफ्ती तकी उस्मानी ने कहा कि इस्लाम किसी भी व्यक्ति को जवाबदेही से ऊपर रखने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने स...
पाकिस्तान नहीं खरीदेगा J-35 स्टील्थ जेट मुस्लिम देशों में चीनी लड़ाकू विमानों की बढ़ती मांग, पेंटागन का खुलासा
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पाकिस्तान नहीं खरीदेगा J-35 स्टील्थ जेट मुस्लिम देशों में चीनी लड़ाकू विमानों की बढ़ती मांग, पेंटागन का खुलासा

  चीन के उभरते सैन्य सामर्थ्य को लेकर अमेरिका की चिंता एक बार फिर पेंटागन की ताजा रिपोर्ट में सामने आई है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कांग्रेस को सौंपी अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि चीन अपने उन्नत लड़ाकू विमानों के निर्यात की तैयारी में है, लेकिन इसके साथ ही एक चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि पाकिस्तान, चीनी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट J-35 का संभावित ग्राहक नहीं है।   पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन कम से कम तीन लड़ाकू विमानों—J-35, चौथी पीढ़ी के J-10C और JF-17—को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की योजना बना रहा है। इनमें से JF-17 को पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर विकसित किया है, जबकि J-10C फिलहाल केवल पाकिस्तान की वायुसेना के पास है।   मुस्लिम देशों में चीनी जेट्स को लेकर उत्साह   रिपोर्ट में बताया गया है कि हालांकि मई 2025 तक J-35 की कोई औपचारि...
बांग्लादेश के ‘डार्क प्रिंस’ की वापसी 17 साल बाद ढाका लौटे BNP प्रमुख तारिक रहमान, क्या वही होंगे अगले प्रधानमंत्री?
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बांग्लादेश के ‘डार्क प्रिंस’ की वापसी 17 साल बाद ढाका लौटे BNP प्रमुख तारिक रहमान, क्या वही होंगे अगले प्रधानमंत्री?

    बांग्लादेश की राजनीति में लंबे समय बाद एक बड़ा और निर्णायक मोड़ देखने को मिला है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे तारिक रहमान करीब 17 साल के निर्वासन के बाद गुरुवार को अपनी पत्नी और बेटी के साथ ढाका लौट आए। उनकी वापसी को फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले सबसे अहम सियासी घटनाक्रम माना जा रहा है।   60 वर्षीय तारिक रहमान को बीएनपी का वास्तविक रणनीतिकार और पार्टी का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। अवामी लीग की अनुपस्थिति में बीएनपी को चुनावों की सबसे मजबूत दावेदार पार्टी माना जा रहा है, ऐसे में तारिक रहमान का नाम अगले प्रधानमंत्री के रूप में तेजी से उभर रहा है।   क्यों कहा गया ‘डार्क प्रिंस’?   तारिक रहमान, बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जनरल जियाउर्रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री...