Tuesday, March 3

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बेटे और पत्नी को खोने के बाद भी नहीं टूटा हौसला 75 वर्ष की उम्र में रातभर मरीजों की सेवा कर रहे गया के ‘भगवान’ डॉ. संकेत नारायण सिंह
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बेटे और पत्नी को खोने के बाद भी नहीं टूटा हौसला 75 वर्ष की उम्र में रातभर मरीजों की सेवा कर रहे गया के ‘भगवान’ डॉ. संकेत नारायण सिंह

गयाजी। जहां आज चिकित्सा सेवा तेजी से व्यवसाय का रूप लेती जा रही है, वहीं बिहार के गयाजी जिले में एक डॉक्टर मानवता और सेवा की ऐसी मिसाल पेश कर रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है। 75 वर्ष की उम्र में भी डॉ. संकेत नारायण सिंह रातभर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उनके लिए चिकित्सा कमाई का साधन नहीं, बल्कि आजीवन सेवा का माध्यम है। गया शहर के मारनपुर इलाके में स्थित अपने छोटे से क्लिनिक में डॉ. संकेत नारायण सिंह शाम करीब पांच बजे मरीज देखना शुरू करते हैं, जो कई बार अगली सुबह चार या पांच बजे तक चलता है। लकड़ी की साधारण कुर्सी पर बैठकर वे प्रतिदिन औसतन 300 मरीजों की जांच करते हैं। खास बात यह है कि उनकी फीस नाममात्र की है—कोई 10 रुपये देता है तो कोई 100 रुपये, और कई मरीज बिना पैसे दिए भी लौट जाते हैं। डॉ. सिंह कभी किसी से फीस की मांग नहीं करते, न ही मरीज की आर्थिक स्थिति पूछते हैं। उनके ...
छत्तीसगढ़ फैक्ट्री विस्फोट में गया के छह मजदूरों की मौत, गोतिबंध गांव में पसरा मातम हादसे से बाल-बाल बचे राजेश बोले— अगर लौटता नहीं, तो मैं भी उनमें शामिल होता
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छत्तीसगढ़ फैक्ट्री विस्फोट में गया के छह मजदूरों की मौत, गोतिबंध गांव में पसरा मातम हादसे से बाल-बाल बचे राजेश बोले— अगर लौटता नहीं, तो मैं भी उनमें शामिल होता

गया। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले में स्थित एक स्पंज आयरन प्लांट में कोयला भट्टी फटने से बिहार के गया जिले के छह मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के पैतृक गांव डुमरिया प्रखंड के गोतिबंध गांव में कोहराम मच गया है। हर घर में शोक की लहर है और गांव गमगीन माहौल में डूबा हुआ है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को हुए इस भीषण विस्फोट में रोजी-रोटी की तलाश में छत्तीसगढ़ गए छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। सभी मजदूर करीब 15 दिन पहले ही काम के सिलसिले में छत्तीसगढ़ गए थे। हादसे में जान गंवाने वालों में श्रवण कुमार (22), जितेंद्र भुइयां (37), बद्री भुइयां (42), विनय भुइयां (40) तथा सुंदर भुइयां (40) और उनके पुत्र राजदेव भारती (22) शामिल हैं। पिता-पुत्र की एक साथ मौत से गांव में शोक और भी गहरा हो ग...
Live: नीतीश कुमार पहुंचे मुजफ्फरपुर, ‘समृद्धि यात्रा’ में सौगात के तौर पर 851 करोड़ की 172 योजनाओं का उद्घाटन
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Live: नीतीश कुमार पहुंचे मुजफ्फरपुर, ‘समृद्धि यात्रा’ में सौगात के तौर पर 851 करोड़ की 172 योजनाओं का उद्घाटन

  मुजफ्फरपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के तहत आज शुक्रवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं का निरीक्षण किया और कई योजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया।   मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी, मंत्री रामकृपाल यादव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। मुजफ्फरपुर में सीएम ने कुल 851 करोड़ रुपए की लागत से 172 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जलापूर्ति और ग्रामीण विकास से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।   इस अवसर पर सीएम नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों के द्वारा स्थापित विभिन्न स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं जिले के विकास और आम जनता की भलाई के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी।   मुजफ्फरपुर की धर...
मुजफ्फरपुर क्यों नहीं बन पाया बिहार का ‘मैनचेस्टर’? नीतीश कुमार के दौरे से पहले जानिए वजह
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मुजफ्फरपुर क्यों नहीं बन पाया बिहार का ‘मैनचेस्टर’? नीतीश कुमार के दौरे से पहले जानिए वजह

  मुजफ्फरपुर: बिहार का मुजफ्फरपुर कभी सूती वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में ‘मैनचेस्टर’ बनने का सपना देख रहा था। यह सपना समाजवादी नेता और पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस ने 1978-80 के दौरान रखा था। तब कहा गया था कि मुजफ्फरपुर जल्द ही सूती वस्त्र उद्योग के लिए अपनी पहचान बना लेगा।   बेला औद्योगिक क्षेत्र की शुरुआत और गिरावट बेला औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना मुजफ्फरपुर से सांसद रहे स्व. जॉर्ज फर्नांडिस ने की थी। प्रारंभिक 8 वर्षों में लगभग 35 औद्योगिक इकाइयाँ चलीं। लेकिन 1990 के बाद ‘जंगल राज’ और सरकार की उपेक्षा ने क्षेत्र की कमर तोड़ दी। बुनियादी संसाधनों की कमी, बढ़ता अपराध और अपर्याप्त प्रशासनिक समर्थन के कारण बेला औद्योगिक क्षेत्र धीरे-धीरे मृतप्राय हो गया। 2010 के बाद स्थिति में आंशिक सुधार हुआ और 2020 से क्षेत्र में बदलाव की झलक दिखने लगी।   टेक्सटाइल...
मुजफ्फरपुर-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर: सफर होगा तेज और आरामदायक, 5-6 घंटे की बचत की उम्मीद
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मुजफ्फरपुर-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर: सफर होगा तेज और आरामदायक, 5-6 घंटे की बचत की उम्मीद

    मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर से नई दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस इस रूट पर चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। इसकी शुरुआत से न केवल सफर आरामदायक होगा, बल्कि दिल्ली पहुंचने में 5-6 घंटे की बचत भी होगी।   क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की हालिया बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री राजभूषण चौधरी के प्रतिनिधि हरिराम मिश्रा ने बताया कि मुजफ्फरपुर से नई दिल्ली के लिए वंदे भारत स्लीपर की मांग काफी समय से उठ रही थी। इस उच्च स्तरीय बैठक में 6 सांसदों और एक विधायक समेत 38 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जहाँ यात्रियों की सुविधा और नई ट्रेनों के परिचालन पर विस्तार से चर्चा की गई।   वर्तमान में मुजफ्फरपुर से दिल्ली जाने वाली ट्रेनें लगभग 18 से 20 घंटे लेती हैं।...
समृद्धि यात्रा 2026: बेतिया से मिथिलांचल की ओर, अब मधुबनी-दरभंगा-समस्तीपुर में नीतीश कुमार
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समृद्धि यात्रा 2026: बेतिया से मिथिलांचल की ओर, अब मधुबनी-दरभंगा-समस्तीपुर में नीतीश कुमार

  दरभंगा/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के जरिए राज्य के विकास कार्यों का जमीनी जायजा लेने और जनता से सीधे संवाद करने में व्यस्त हैं। 16 जनवरी 2026 को पश्चिम चंपारण के बेतिया से शुरू हुई यह यात्रा पहले चरण में आठ दिनों में नौ जिलों का दौरा कर सफल रही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की।   पहले चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सारण और सिवान जिलों में विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में जनसभाओं को संबोधित कर लाभार्थियों से उनकी वास्तविक समस्याओं और अनुभवों पर चर्चा की। यात्रा का पहला चरण 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर और 24 जनवरी को वैशाली में पड़ाव के साथ संपन्न होगा।   अब ...
गणतंत्र दिवस पर बिहार की झांकी का थीम: ‘मखाना – लोकल से ग्लोबल की थाली में सुपरफूड’
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गणतंत्र दिवस पर बिहार की झांकी का थीम: ‘मखाना – लोकल से ग्लोबल की थाली में सुपरफूड’

  पटना: इस बार के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में बिहार की झांकी देश और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचेगी। केंद्र सरकार द्वारा चयनित इस झांकी का थीम रखा गया है – ‘मखाना: लोकल से ग्लोबल की थाली में सुपरफूड’। बिहार का यह पारंपरिक कृषि उत्पाद अब न केवल राज्य में बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।   झांकी में मखाने की पूरी यात्रा को जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें दिखाया जाएगा कि मखाना कैसे उगाया जाता है, उसका प्रसंस्करण कैसे होता है और भुनाई, फोड़ाई व पैकेजिंग की प्रक्रिया किस प्रकार होती है। झांकी में स्थानीय श्रम, महिला सहभागिता और पारंपरिक कृषि ज्ञान को विशेष रूप से उजागर किया जाएगा। उदाहरण स्वरूप, मिट्टी के चूल्हे पर लोहे की कढ़ाही में मखाना भूनती महिला और लकड़ी के मूसल से मखाना फोड़ता पुरुष पारंपरिक ग्रामीण कौशल की झलक पेश करेंगे।   ...
बिहार: 27 जनवरी को बैंक हड़ताल, 8100 शाखाओं में ताले, 50 हजार स्टाफ होंगे शामिल
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बिहार: 27 जनवरी को बैंक हड़ताल, 8100 शाखाओं में ताले, 50 हजार स्टाफ होंगे शामिल

  पटना: बिहार समेत पूरे देश में 27 जनवरी को बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बाधित रहने वाली हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने इस दिन राष्ट्रीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। इसके तहत बिहार में लगभग 50 हजार बैंक कर्मचारी शामिल होंगे, जिससे 8,100 शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।   बैंक यूनियनों की मुख्य मांग पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को लागू करना है। यूनियनों का कहना है कि 7 दिसंबर 2023 और 8 मार्च 2024 को हुए समझौतों में यह सिफारिश की गई थी, लेकिन इसे अब तक अमली जामा नहीं पहनाया गया। कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।   इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता और व्यापारियों के वित्तीय लेनदेन पर पड़ेगा। चेक क्लियरेंस, नकद निकासी और जमा जैसी बुनियादी बैंकिंग सेवाओं में बाधा आने की संभावना है।   हड़ताल को प्रभावी बनाने के लिए बैंकिंग क्षेत्र की नौ प्रमुख यूनियनों ने हाथ म...
बिहार: टोल फ्री नंबर का ट्रूथ टेस्ट! डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने खुद संभाला मोर्चा
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बिहार: टोल फ्री नंबर का ट्रूथ टेस्ट! डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने खुद संभाला मोर्चा

  पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पटना के सगुना मोड़ स्थित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का औचक निरीक्षण कर भूमि राजस्व विभाग के टोल फ्री नंबर (18003456215) की जमीनी हकीकत जांची। लगातार शिकायतें मिलने के बाद कि नंबर बार-बार काम नहीं करता, डिप्टी सीएम ने खुद कॉलर्स से बात कर व्यवस्था की पोल खोल दी।   निरीक्षण के दौरान पता चला कि अधिकारियों की फाइलों में सब ‘ऑल इज वेल’ दिखाई दे रहा था, जबकि असलियत इसके बिल्कुल उलट थी। अधिकारियों ने दावा किया कि 1008 कॉल अटेंड की गई हैं, लेकिन विजय सिन्हा ने जब खुद कॉल किया तो कई लोग संपर्क नहीं हो सके।   सिस्टम की पारदर्शिता जांचने के लिए डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से रैंडम पांच कॉलर्स के नंबर निकालने को कहा। स्वयं फोन कर कॉलर्स से बातचीत में पता चला कि उन्हें नंबर लगाते समय भारी मशक्कत करनी पड़ती है और उनकी शिकायतों की सुनवाई ...
नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ में अधूरी योजनाओं की समीक्षा: मुजफ्फरपुर के विकास पर गहरी नजर
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नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ में अधूरी योजनाओं की समीक्षा: मुजफ्फरपुर के विकास पर गहरी नजर

    मुजफ्फरपुर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुजफ्फरपुर पहुंचेगे। इस यात्रा में वे जिले के लिए नई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे, साथ ही उन योजनाओं की भी समीक्षा करेंगे, जो किसी कारणवश अधूरी पड़ी हैं।   मुख्यमंत्री की निगाह उन प्रमुख योजनाओं पर है, जिन्होंने अभी तक अपनी पूरी गति नहीं पकड़ी। इनमें शामिल हैं:   अपूर्ण सिक्स लेन: रामदयालु नगर से चांदनी चौंक तक बनने वाले 89.77 करोड़ की लागत वाले इस सिक्स लेन प्रोजेक्ट में भूमि अधिग्रहण और अन्य समस्याएं आई हैं। नीतीश कुमार इसकी गहन समीक्षा करेंगे।   गोबरसाही आरओबी: 167.68 करोड़ की लागत से बनने वाला यह अति महत्वपूर्ण रोड ओवर ब्रिज अधूरा है।   जगन्नाथ मिश्रा पुल का एप्रोच रोड: 120 करोड़ की लागत वाली इस योजना के निर्माण में भी भूमि अधिग्रहण की अड़चनें हैं। ...