
पटना: बिहार समेत पूरे देश में 27 जनवरी को बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बाधित रहने वाली हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने इस दिन राष्ट्रीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। इसके तहत बिहार में लगभग 50 हजार बैंक कर्मचारी शामिल होंगे, जिससे 8,100 शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा।
बैंक यूनियनों की मुख्य मांग पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को लागू करना है। यूनियनों का कहना है कि 7 दिसंबर 2023 और 8 मार्च 2024 को हुए समझौतों में यह सिफारिश की गई थी, लेकिन इसे अब तक अमली जामा नहीं पहनाया गया। कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता और व्यापारियों के वित्तीय लेनदेन पर पड़ेगा। चेक क्लियरेंस, नकद निकासी और जमा जैसी बुनियादी बैंकिंग सेवाओं में बाधा आने की संभावना है।
हड़ताल को प्रभावी बनाने के लिए बैंकिंग क्षेत्र की नौ प्रमुख यूनियनों ने हाथ मिलाया है। गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट किया गया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। बैंककर्मियों ने जनता से सहयोग की अपील की है और अपनी जायज मांगों को दोहराया है।